प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। धर्मनगरी हरिद्वार में 14 अप्रैल 2027 को मेष संक्रांति के पावन पर्व पर कुंभ मेला 2027 का प्रमुख अमृत स्नान आयोजित होना है। इसे ध्यान में रखते हुए मेला प्रशासन ने तैयारियों को काउंटडाउन मोड में लाते हुए सभी व्यवस्थाओं को समयबद्ध रूप से पूरा करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। कुंभ मेला से जुड़े सभी कार्यों के लिए स्पष्ट लक्ष्य और समयसीमा निर्धारित की गई है तथा उनकी सतत निगरानी और नियमित समीक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। मेलाधिकारी सोनिका ने बैसाखी के अवसर पर हरिद्वार के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर कुंभ मेला की तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने हर की पैड़ी में गंगा स्नान कर आगामी कुंभ मेला के सफल और सुव्यवस्थित आयोजन के लिए प्रार्थना की। गंगा स्नान के उपरांत उन्होंने हर की पैड़ी क्षेत्र के साथ हिल बाइपास मनसा देवी पैदल मार्ग मोतीचूर रेलवे स्टेशन औद्योगिक क्षेत्र मार्ग हरिद्वार रेलवे स्टेशन मार्ग सिंहद्वार कांवड़ पटरी मार्ग शंकराचार्य चौक कनखल क्षेत्र आस्था पथ और रोड़ी-बेलवाला सहित कई महत्वपूर्ण स्थानों का निरीक्षण किया। इस दौरान घाटों पुलों सड़कों पैदल मार्गों पार्किंग व्यवस्था और अन्य जनसुविधाओं का जायजा लेते हुए भीड़ प्रबंधन से जुड़ी चुनौतियों का आकलन किया गया। निरीक्षण के दौरान कांवड़ पटरी मार्ग को शीघ्र दुरुस्त करने हिल बाइपास की मरम्मत में तेजी लाने और मनसा देवी पैदल मार्ग के सुधार व पुनर्निर्माण कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए गए। साथ ही अतिक्रमण हटाने रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुविधा और सुगमता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। मेलाधिकारी ने कहा कि कुंभ मेला में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुविधा सुगमता और स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी की जाएं। सभी कार्यों की सूक्ष्म योजना बनाकर उन्हें प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बनाकर चुनौतियों का समाधान किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि तय समयसीमा के अनुसार कार्यों की प्रगति की निरंतर निगरानी और नियमित समीक्षा की व्यवस्था लागू की गई है जिसका सभी विभागों और कार्यदायी संस्थाओं द्वारा सख्ती से पालन किया जाना आवश्यक है। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त नन्दन कुमार उप मेलाधिकारी मनजीत सिंह सहित विभिन्न विभागों और कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी उपस्थित रहे। कुंभ मेला 2027 के अंतर्गत
प्रमुख स्नान तिथियां इस प्रकार निर्धारित हैं
14 जनवरी 2027 मकर संक्रांति
06 फरवरी 2027 मौनी अमावस्या
11 फरवरी 2027 बसंत पंचमी
20 फरवरी 2027 माघ पूर्णिमा
06 मार्च 2027 महाशिवरात्रि अमृत स्नान
08 मार्च 2027 फाल्गुन अमावस्या अमृत स्नान
07 अप्रैल 2027 नव संवत्सर नव वर्ष
14 अप्रैल 2027 मेष संक्रांति प्रमुख अमृत स्नान
15 अप्रैल 2027 राम नवमी
20 अप्रैल 2027 चैत्र पूर्णिमा
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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। धर्मनगरी हरिद्वार में 14 अप्रैल 2027 को मेष संक्रांति के पावन पर्व पर कुंभ मेला 2027 का प्रमुख अमृत स्नान आयोजित होना है। इसे ध्यान में रखते हुए मेला प्रशासन ने तैयारियों को काउंटडाउन मोड में लाते हुए सभी व्यवस्थाओं को समयबद्ध रूप से पूरा करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। कुंभ मेला से जुड़े सभी कार्यों के लिए स्पष्ट लक्ष्य और समयसीमा निर्धारित की गई है तथा उनकी सतत निगरानी और नियमित समीक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। मेलाधिकारी सोनिका ने बैसाखी के अवसर पर हरिद्वार के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर कुंभ मेला की तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने हर की पैड़ी में गंगा स्नान कर आगामी कुंभ मेला के सफल और सुव्यवस्थित आयोजन के लिए प्रार्थना की। गंगा स्नान के उपरांत उन्होंने हर की पैड़ी क्षेत्र के साथ हिल बाइपास मनसा देवी पैदल मार्ग मोतीचूर रेलवे स्टेशन औद्योगिक क्षेत्र मार्ग हरिद्वार रेलवे स्टेशन मार्ग सिंहद्वार कांवड़ पटरी मार्ग शंकराचार्य चौक कनखल क्षेत्र आस्था पथ और रोड़ी-बेलवाला सहित कई महत्वपूर्ण स्थानों का निरीक्षण किया। इस दौरान घाटों पुलों सड़कों पैदल मार्गों पार्किंग व्यवस्था और अन्य जनसुविधाओं का जायजा लेते हुए भीड़ प्रबंधन से जुड़ी चुनौतियों का आकलन किया गया। निरीक्षण के दौरान कांवड़ पटरी मार्ग को शीघ्र दुरुस्त करने हिल बाइपास की मरम्मत में तेजी लाने और मनसा देवी पैदल मार्ग के सुधार व पुनर्निर्माण कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए गए। साथ ही अतिक्रमण हटाने रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुविधा और सुगमता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। मेलाधिकारी ने कहा कि कुंभ मेला में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुविधा सुगमता और स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी की जाएं। सभी कार्यों की सूक्ष्म योजना बनाकर उन्हें प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बनाकर चुनौतियों का समाधान किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि तय समयसीमा के अनुसार कार्यों की प्रगति की निरंतर निगरानी और नियमित समीक्षा की व्यवस्था लागू की गई है जिसका सभी विभागों और कार्यदायी संस्थाओं द्वारा सख्ती से पालन किया जाना आवश्यक है। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त नन्दन कुमार उप मेलाधिकारी मनजीत सिंह सहित विभिन्न विभागों और कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी उपस्थित रहे। कुंभ मेला 2027 के अंतर्गत प्रमुख स्नान तिथियां इस प्रकार निर्धारित हैं
14 जनवरी 2027 मकर संक्रांति
06 फरवरी 2027 मौनी अमावस्या
11 फरवरी 2027 बसंत पंचमी
20 फरवरी 2027 माघ पूर्णिमा
06 मार्च 2027 महाशिवरात्रि अमृत स्नान
08 मार्च 2027 फाल्गुन अमावस्या अमृत स्नान
07 अप्रैल 2027 नव संवत्सर नव वर्ष
14 अप्रैल 2027 मेष संक्रांति प्रमुख अमृत स्नान
15 अप्रैल 2027 राम नवमी
20 अप्रैल 2027 चैत्र पूर्णिमा