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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। हरिद्वार में ग्रीष्म ऋतु और संभावित हीटवेव को देखते हुए मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने राज्य के सभी विद्यालयों में नियमित अंतराल पर वॉटर बेल बजाने के निर्देश दिए हैं ताकि छात्र-छात्राएं समय-समय पर पानी पी सकें और डिहाइड्रेशन से बचाव हो सके। इस संबंध में मुख्य सचिव ने 15 अप्रैल 2026 को उच्चाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की जिसमें सभी जनपदों के जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे। बैठक में विद्यालयों के समय में आवश्यकतानुसार बदलाव करने कक्षाओं में पर्याप्त वेंटिलेशन सुनिश्चित करने तथा ओआरएस और आवश्यक दवाओं का भंडारण रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही विद्यार्थियों को हीटवेव से बचाव की व्यवहारिक जानकारी देने पर भी जोर दिया गया। बढ़ते तापमान को देखते हुए विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन क्षेत्रों में पानी की कमी हो वहां गर्मियों के दौरान निर्माण कार्यों पर अस्थायी रोक लगाई जाए। इसके अलावा बस अड्डों रेलवे स्टेशनों और बाजारों में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। हीटवेव से निपटने के लिए राज्य से लेकर ग्राम स्तर तक सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करने के निर्देश दिए गए। प्रत्येक जनपद में हीटवेव एक्शन प्लान तैयार करने संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी और राहत व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। साथ ही 24 घंटे कंट्रोल रूम संचालित कर आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। पेयजल व्यवस्था को लेकर मुख्य सचिव ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक स्थानों बाजारों बस स्टैंड और पंचायत भवनों में स्वच्छ पेयजल की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। जल संकट वाले क्षेत्रों में अग्रिम योजना बनाकर टैंकरों नलकूपों और पंपिंग सिस्टम की नियमित निगरानी तथा वैकल्पिक जल आपूर्ति की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सभी अस्पतालों में हीटवेव से प्रभावित मरीजों के उपचार हेतु पर्याप्त बेड समर्पित वार्ड आवश्यक दवाइयां ओआरएस और आइस पैक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। एम्बुलेंस सेवाओं को सुदृढ़ रखने और उनमें भी जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। साथ ही चिकित्सा स्टाफ को हीटवेव प्रबंधन के लिए प्रशिक्षित करने और आमजन को जागरूक करने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने श्रमिकों और खुले में कार्य करने वाले लोगों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने को कहा। कार्य समय में बदलाव दोपहर में भारी कार्य से बचाव कार्यस्थलों पर छायादार स्थान पेयजल ओआरएस और प्राथमिक उपचार की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा सार्वजनिक स्थानों पर कूलिंग स्पेस और पानी की व्यवस्था करने पार्कों को अधिक समय तक खोलने तथा जरूरतमंद और पशुओं के लिए भी पानी और आश्रय की व्यवस्था करने पर जोर दिया गया। ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बढ़ती मांग के मद्देनजर निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने ट्रांसफार्मर और आवश्यक उपकरणों का पर्याप्त स्टॉक रखने तथा उच्च मांग के समय वैकल्पिक योजना तैयार रखने के निर्देश दिए गए ताकि आवश्यक सेवाओं पर कोई असर न पड़े। जनपद हरिद्वार की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि सभी संबंधित विभागों को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें पेयजल व्यवस्था स्वास्थ्य सेवाएं श्रमिकों के लिए सुविधाएं और विद्युत आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के निर्देश शामिल हैं। बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.आर के सिंह मुख्य शिक्षा अधिकारी नरेश कुमार हल्दयानी जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत सहायक श्रम आयुक्त प्रशांत कुमार उप नगर आयुक्त दीपक गोस्वामी अधिशासी अभियंता दीपक सैनी विपिन चौहान राजेश गुप्ता सुष्मिता पाण्डे शिशु पाल सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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