प्राकृतिक खेती को क्लस्टर मॉडल में बढ़ावा दें: जिलाधिकारी
प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल।जिला सभागार में गुरुवार को जिलाधिकारी डॉ.आशीष चौहान की अध्यक्षता में प्राकृतिक खेती को लेकर जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गयी।उन्होंने मार्च 2025 से जनपद में प्रारंभ की गयी प्राकृतिक खेती योजना की समीक्षा की और उसके सफल क्रियान्वयन को लेकर दिशा-निर्देश दिये।जिलाधिकारी ने कृषि विभाग को निर्देश दिये कि कृषकों को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण कृषि विज्ञान केंद्र भरसार के वैज्ञानिकों से दिलाया जाय।उन्होंने कहा कि किसानों को ऑन-फील्ड प्रशिक्षण देकर स्थान विशेष की आवश्यकताओं के अनुसार वैज्ञानिक विशेषज्ञता के साथ खेती के लिए पैकेज तैयार किया जाय। जिलाधिकारी ने कहा कि प्राकृतिक खेती को क्लस्टर प्रणाली के तहत अपनाया जाएशय,ताकि अधिक से अधिक किसानों को योजना से जोड़ा जा सके। साथ ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कहा कि योजना के तहत चयनित किसानों को बिना रासायनिक खाद के खेती करने के लिए प्रेरित किया जाय और उन्हें प्राकृतिक खाद के उपयोग की जानकारी दी जाय।मुख्य कृषि अधिकारी विकेश कुमार यादव ने जानकारी दी कि पहले चरण में विकासखंड पाबौ,बीरोंखाल,एकेश्वर और थलीसैंण में परियोजना शुरू की जा रही है। इन क्षेत्रों में कुल 10 क्लस्टर बनाए गए हैं,जिनमें करीब 1500 किसानों को शामिल किया जाएगा। उसके बाद दूसरे चरण में अन्य विकासखंडों में भी शुरू किया जायेगा। बैठक में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.विशाल शर्मा,जिला उद्यान अधिकारी राजेश तिवारी,भूमि संरक्षण अधिकारी राम नरेश गुलेरिया,पौड़ी से अरविंद भट्ट,सतपुली से इंदु गोदियाल,भरसार से डॉ.अंशुमान व डॉ.हरदीप सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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प्राकृतिक खेती को क्लस्टर मॉडल में बढ़ावा दें: जिलाधिकारी
प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल।जिला सभागार में गुरुवार को जिलाधिकारी डॉ.आशीष चौहान की अध्यक्षता में प्राकृतिक खेती को लेकर जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गयी।उन्होंने मार्च 2025 से जनपद में प्रारंभ की गयी प्राकृतिक खेती योजना की समीक्षा की और उसके सफल क्रियान्वयन को लेकर दिशा-निर्देश दिये।जिलाधिकारी ने कृषि विभाग को निर्देश दिये कि कृषकों को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण कृषि विज्ञान केंद्र भरसार के वैज्ञानिकों से दिलाया जाय।उन्होंने कहा कि किसानों को ऑन-फील्ड प्रशिक्षण देकर स्थान विशेष की आवश्यकताओं के अनुसार वैज्ञानिक विशेषज्ञता के साथ खेती के लिए पैकेज तैयार किया जाय। जिलाधिकारी ने कहा कि प्राकृतिक खेती को क्लस्टर प्रणाली के तहत अपनाया जाएशय,ताकि अधिक से अधिक किसानों को योजना से जोड़ा जा सके। साथ ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कहा कि योजना के तहत चयनित किसानों को बिना रासायनिक खाद के खेती करने के लिए प्रेरित किया जाय और उन्हें प्राकृतिक खाद के उपयोग की जानकारी दी जाय।मुख्य कृषि अधिकारी विकेश कुमार यादव ने जानकारी दी कि पहले चरण में विकासखंड पाबौ,बीरोंखाल,एकेश्वर और थलीसैंण में परियोजना शुरू की जा रही है। इन क्षेत्रों में कुल 10 क्लस्टर बनाए गए हैं,जिनमें करीब 1500 किसानों को शामिल किया जाएगा। उसके बाद दूसरे चरण में अन्य विकासखंडों में भी शुरू किया जायेगा। बैठक में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.विशाल शर्मा,जिला उद्यान अधिकारी राजेश तिवारी,भूमि संरक्षण अधिकारी राम नरेश गुलेरिया,पौड़ी से अरविंद भट्ट,सतपुली से इंदु गोदियाल,भरसार से डॉ.अंशुमान व डॉ.हरदीप सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।