प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। नगर निगम श्रीनगर ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को नई दिशा देते हुए ठोस अपशिष्ट निस्तारण एवं भूमि भरण स्थल पर 150 टन प्रतिदिन क्षमता वाली ट्रॉमल मशीन का ट्रायल शुरू कर दिया है। यह पहल शहर को स्वच्छ सुव्यवस्थित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इस प्लांट में शहर से एकत्रित कूड़ा ट्रेंचिंग ग्राउंड तक लाया जाएगा जहां ट्रॉमल मशीन के माध्यम से गीले और सूखे कचरे को अलग किया जाएगा। गीले कचरे जैसे रसोई अपशिष्ट और सब्जियों से जैविक खाद तैयार की जाएगी जबकि सूखे कचरे जैसे प्लास्टिक गत्ता थर्माकोल और कपड़े को रीसाइक्लिंग के लिए भेजा जाएगा। इससे आगे चलकर गमले खिलौने और अन्य घरेलू उत्पाद तैयार किए जा सकेंगे। मेयर आरती भंडारी और नगर आयुक्त नुपुर वर्मा ने संयुक्त रूप से ट्रॉमल मशीन के ट्रायल का शुभारंभ किया। इस मौके पर सहायक नगर आयुक्त रविराज बंगारी मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक शशि पंवार अधिशासी अभियंता पवन कोठियाल लेखाकार राम जायसवाल सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। मेयर आरती भंडारी ने कहा कि यह आधुनिक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्लांट श्रीनगर के लिए बड़ी उपलब्धि है। इससे शहर की स्वच्छता व्यवस्था मजबूत होगी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता श्रीनगर को स्वच्छ और आदर्श शहर बनाना है। नगर आयुक्त नुपुर वर्मा ने बताया कि ट्रॉमल मशीन के जरिए कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण किया जाएगा। गीले कचरे से खाद और सूखे कचरे से रीसाइक्लिंग के माध्यम से उपयोगी उत्पाद तैयार होंगे जिससे संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा। नगर निगम की इस पहल के तहत प्लांट के पूर्ण रूप से संचालित होने के बाद यह पहाड़ी क्षेत्र का एक आधुनिक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्लांट बन जाएगा। यह पूरी पहल मेयर आरती भंडारी और नगर आयुक्त नुपुर वर्मा के प्रयासों से आगे बढ़ रही है। इस प्लांट के माध्यम से जहां शहर को स्वच्छता का लाभ मिलेगा वहीं नगर निगम की आय में भी वृद्धि होगी। सूखे कचरे को रीसाइक्लिंग इकाइयों को बेचने और जैविक खाद के उत्पादन से अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा। कुल मिलाकर यह परियोजना श्रीनगर को स्वच्छता पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक मजबूती की दिशा में नया आयाम देने वाली साबित हो रही है।
Spread the love
प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। नगर निगम श्रीनगर ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को नई दिशा देते हुए ठोस अपशिष्ट निस्तारण एवं भूमि भरण स्थल पर 150 टन प्रतिदिन क्षमता वाली ट्रॉमल मशीन का ट्रायल शुरू कर दिया है। यह पहल शहर को स्वच्छ सुव्यवस्थित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इस प्लांट में शहर से एकत्रित कूड़ा ट्रेंचिंग ग्राउंड तक लाया जाएगा जहां ट्रॉमल मशीन के माध्यम से गीले और सूखे कचरे को अलग किया जाएगा। गीले कचरे जैसे रसोई अपशिष्ट और सब्जियों से जैविक खाद तैयार की जाएगी जबकि सूखे कचरे जैसे प्लास्टिक गत्ता थर्माकोल और कपड़े को रीसाइक्लिंग के लिए भेजा जाएगा। इससे आगे चलकर गमले खिलौने और अन्य घरेलू उत्पाद तैयार किए जा सकेंगे। मेयर आरती भंडारी और नगर आयुक्त नुपुर वर्मा ने संयुक्त रूप से ट्रॉमल मशीन के ट्रायल का शुभारंभ किया। इस मौके पर सहायक नगर आयुक्त रविराज बंगारी मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक शशि पंवार अधिशासी अभियंता पवन कोठियाल लेखाकार राम जायसवाल सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। मेयर आरती भंडारी ने कहा कि यह आधुनिक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्लांट श्रीनगर के लिए बड़ी उपलब्धि है। इससे शहर की स्वच्छता व्यवस्था मजबूत होगी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता श्रीनगर को स्वच्छ और आदर्श शहर बनाना है। नगर आयुक्त नुपुर वर्मा ने बताया कि ट्रॉमल मशीन के जरिए कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण किया जाएगा। गीले कचरे से खाद और सूखे कचरे से रीसाइक्लिंग के माध्यम से उपयोगी उत्पाद तैयार होंगे जिससे संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा। नगर निगम की इस पहल के तहत प्लांट के पूर्ण रूप से संचालित होने के बाद यह पहाड़ी क्षेत्र का एक आधुनिक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्लांट बन जाएगा। यह पूरी पहल मेयर आरती भंडारी और नगर आयुक्त नुपुर वर्मा के प्रयासों से आगे बढ़ रही है। इस प्लांट के माध्यम से जहां शहर को स्वच्छता का लाभ मिलेगा वहीं नगर निगम की आय में भी वृद्धि होगी। सूखे कचरे को रीसाइक्लिंग इकाइयों को बेचने और जैविक खाद के उत्पादन से अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा। कुल मिलाकर यह परियोजना श्रीनगर को स्वच्छता पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक मजबूती की दिशा में नया आयाम देने वाली साबित हो रही है।