प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद में पिरूल के संग्रहण और निस्तारण को लेकर कलेक्ट्रेट के वीसी कक्ष में जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पिरूल के सुनियोजित प्रबंधन के माध्यम से वनाग्नि की घटनाओं पर नियंत्रण और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन पर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि पिरूल का व्यवस्थित संग्रहण सुनिश्चित किया जाए जिससे वनाग्नि की घटनाओं को रोका जा सके और साथ ही स्थानीय लोगों के लिए आय के अवसर भी विकसित हों। उन्होंने सभी विकासखंडों में पिरूल कलेक्शन की नियमित निगरानी करने और समय-समय पर प्रगति की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने प्रभागीय वनाधिकारी को 30 अप्रैल तक विस्तृत रूट प्लान तैयार करने के निर्देश दिए ताकि पिरूल संग्रहण कार्य को व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जा सके। इसके साथ ही सभी खंड विकास अधिकारियों और खंड शिक्षा अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में पिरूल संग्रहण की कार्ययोजना तैयार कर उसे प्रभावी रूप से लागू करने के लिए कहा गया। बैठक में नोएडा से आए तकनीकी साझेदार द्वारा पावर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से पेललेट बायबैक कार्यक्रम की जानकारी दी गई। बताया गया कि इस पहल के तहत पिरूल से ब्रिकेट और पेललेट बनाकर न केवल वनाग्नि के खतरे को कम किया जा सकता है बल्कि स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देते हुए स्वरोजगार और रोजगार के नए अवसर भी सृजित किए जा सकते हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि इस पहल को मिशन मोड में लागू करते हुए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए ताकि अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और स्वयं सहायता समूहों को भी इस अभियान से जोड़ने पर जोर दिया। बैठक में डीएफओ टिहरी पुनीत तोमर डीएफओ नरेंद्रनगर दिगंत नायक डीएफओ संदीपा सभी खंड विकास अधिकारी खंड शिक्षा अधिकारी तथा संबंधित अधिकारी भौतिक और वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद में पिरूल के संग्रहण और निस्तारण को लेकर कलेक्ट्रेट के वीसी कक्ष में जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पिरूल के सुनियोजित प्रबंधन के माध्यम से वनाग्नि की घटनाओं पर नियंत्रण और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन पर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि पिरूल का व्यवस्थित संग्रहण सुनिश्चित किया जाए जिससे वनाग्नि की घटनाओं को रोका जा सके और साथ ही स्थानीय लोगों के लिए आय के अवसर भी विकसित हों। उन्होंने सभी विकासखंडों में पिरूल कलेक्शन की नियमित निगरानी करने और समय-समय पर प्रगति की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने प्रभागीय वनाधिकारी को 30 अप्रैल तक विस्तृत रूट प्लान तैयार करने के निर्देश दिए ताकि पिरूल संग्रहण कार्य को व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जा सके। इसके साथ ही सभी खंड विकास अधिकारियों और खंड शिक्षा अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में पिरूल संग्रहण की कार्ययोजना तैयार कर उसे प्रभावी रूप से लागू करने के लिए कहा गया। बैठक में नोएडा से आए तकनीकी साझेदार द्वारा पावर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से पेललेट बायबैक कार्यक्रम की जानकारी दी गई। बताया गया कि इस पहल के तहत पिरूल से ब्रिकेट और पेललेट बनाकर न केवल वनाग्नि के खतरे को कम किया जा सकता है बल्कि स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देते हुए स्वरोजगार और रोजगार के नए अवसर भी सृजित किए जा सकते हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि इस पहल को मिशन मोड में लागू करते हुए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए ताकि अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और स्वयं सहायता समूहों को भी इस अभियान से जोड़ने पर जोर दिया। बैठक में डीएफओ टिहरी पुनीत तोमर डीएफओ नरेंद्रनगर दिगंत नायक डीएफओ संदीपा सभी खंड विकास अधिकारी खंड शिक्षा अधिकारी तथा संबंधित अधिकारी भौतिक और वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।