प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। केदारनाथ धाम में कपाट खुलने के बाद पहले शनिवार को भकुंट भैरव नाथ मंदिर के कपाट भी विधि-विधान के साथ तीर्थयात्रियों के लिए खोल दिए गए। इस पावन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और जयकारों के साथ दर्शन किए। दोपहर में केदारनाथ धाम के पुजारी टी गंगाधर लिंग बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति तथा केदार सभा के पदाधिकारी भैरवनाथ मंदिर पहुंचे जहां हवन यज्ञ और पूजा-अर्चना के बाद मंदिर के कपाट खोले गए। इस अवसर पर बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी भी मौजूद रहे। उन्होंने सभी देश-विदेश के तीर्थयात्रियों को बधाई देते हुए कहा कि केदारनाथ धाम के रक्षक भैरवनाथ के कपाट खुलने के साथ ही अब भगवान केदारनाथ की नित्य आरतियां नियमित रूप से संपन्न होंगी। धार्मिक मान्यता के अनुसार भकुंट भैरव नाथ को केदारनाथ धाम का रक्षक देवता माना जाता है। शीतकाल में जब केदारनाथ मंदिर के कपाट बंद रहते हैं तब इस क्षेत्र की रक्षा का दायित्व भैरवनाथ पर ही रहता है। इसलिए यात्रा के दौरान श्रद्धालु भैरवनाथ मंदिर के दर्शन को विशेष महत्व देते हैं। प्रशासन और मंदिर समिति द्वारा यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। इस वर्ष यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। इस दौरान जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग एवं मुख्य कार्याधिकारी बीकेटीसी विशाल मिश्रा केदार सभा अध्यक्ष राजकुमार तिवारी बीकेटीसी सदस्य डॉ विनीत पोस्ती तीर्थ पुरोहित संतोष त्रिवेदी प्रभारी अधिकारी राजन नैथानी डीएस भुजवान अरविंद शुक्ला विपिन तिवारी दीपक पंवार सहित केदार सभा के पदाधिकारी और तीर्थयात्री उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। केदारनाथ धाम में कपाट खुलने के बाद पहले शनिवार को भकुंट भैरव नाथ मंदिर के कपाट भी विधि-विधान के साथ तीर्थयात्रियों के लिए खोल दिए गए। इस पावन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और जयकारों के साथ दर्शन किए। दोपहर में केदारनाथ धाम के पुजारी टी गंगाधर लिंग बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति तथा केदार सभा के पदाधिकारी भैरवनाथ मंदिर पहुंचे जहां हवन यज्ञ और पूजा-अर्चना के बाद मंदिर के कपाट खोले गए। इस अवसर पर बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी भी मौजूद रहे। उन्होंने सभी देश-विदेश के तीर्थयात्रियों को बधाई देते हुए कहा कि केदारनाथ धाम के रक्षक भैरवनाथ के कपाट खुलने के साथ ही अब भगवान केदारनाथ की नित्य आरतियां नियमित रूप से संपन्न होंगी। धार्मिक मान्यता के अनुसार भकुंट भैरव नाथ को केदारनाथ धाम का रक्षक देवता माना जाता है। शीतकाल में जब केदारनाथ मंदिर के कपाट बंद रहते हैं तब इस क्षेत्र की रक्षा का दायित्व भैरवनाथ पर ही रहता है। इसलिए यात्रा के दौरान श्रद्धालु भैरवनाथ मंदिर के दर्शन को विशेष महत्व देते हैं। प्रशासन और मंदिर समिति द्वारा यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। इस वर्ष यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। इस दौरान जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग एवं मुख्य कार्याधिकारी बीकेटीसी विशाल मिश्रा केदार सभा अध्यक्ष राजकुमार तिवारी बीकेटीसी सदस्य डॉ विनीत पोस्ती तीर्थ पुरोहित संतोष त्रिवेदी प्रभारी अधिकारी राजन नैथानी डीएस भुजवान अरविंद शुक्ला विपिन तिवारी दीपक पंवार सहित केदार सभा के पदाधिकारी और तीर्थयात्री उपस्थित रहे।