प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। कलेक्ट्रेट सभागार में नारकोटिक्स समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई जिसकी अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र नेगी ने की। बैठक में अवैध नशे के उन्मूलन और जनजागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। अपर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि ग्राम प्रधानों के साथ नियमित बैठकें कर लोगों को पोस्त और भांग की अवैध खेती के दुष्परिणामों तथा इससे जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी जाए। मुख्य शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया गया कि विद्यालयों में प्रार्थना सभा के दौरान विद्यार्थियों को नशा मुक्ति और उसके दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया जाए। साथ ही पुलिस और खुफिया तंत्र को संयुक्त कार्ययोजना बनाकर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। बैठक में मानस हेल्पलाइन के व्यापक प्रचार-प्रसार और मेडिकल स्टोरों के नियमित निरीक्षण पर भी विशेष बल दिया गया। जनपद के सभी उपजिलाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में की गई कार्रवाई की जानकारी प्रस्तुत की। एएनटीएफ विभाग से कपिल यादव ने बताया कि अब तक 44 जागरूकता गोष्ठियों का आयोजन किया गया जिनमें 652 छात्र-छात्राओं और लगभग 2500 स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया। अपर पुलिस अधीक्षक दीपक ने संबंधित मामलों की जानकारी दी। आबकारी विभाग ने चार मामलों में की गई कार्रवाई से अवगत कराया। मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय की ओर से 80 प्रशिक्षण कार्यक्रम टेली-परामर्श सेवाएं और 22 फार्मा को-थेरेपी से जुड़ी जानकारी साझा की गई। गैर सरकारी संगठन की ओर से बताया गया कि विवाह समारोहों में शराब परोसने पर 10 हजार रुपये के जुर्माने का प्रावधान किया गया है और बिना शराब वाले विवाहों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। बैठक में संबंधित अधिकारी और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। कलेक्ट्रेट सभागार में नारकोटिक्स समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई जिसकी अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र नेगी ने की। बैठक में अवैध नशे के उन्मूलन और जनजागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। अपर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि ग्राम प्रधानों के साथ नियमित बैठकें कर लोगों को पोस्त और भांग की अवैध खेती के दुष्परिणामों तथा इससे जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी जाए। मुख्य शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया गया कि विद्यालयों में प्रार्थना सभा के दौरान विद्यार्थियों को नशा मुक्ति और उसके दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया जाए। साथ ही पुलिस और खुफिया तंत्र को संयुक्त कार्ययोजना बनाकर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। बैठक में मानस हेल्पलाइन के व्यापक प्रचार-प्रसार और मेडिकल स्टोरों के नियमित निरीक्षण पर भी विशेष बल दिया गया। जनपद के सभी उपजिलाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में की गई कार्रवाई की जानकारी प्रस्तुत की। एएनटीएफ विभाग से कपिल यादव ने बताया कि अब तक 44 जागरूकता गोष्ठियों का आयोजन किया गया जिनमें 652 छात्र-छात्राओं और लगभग 2500 स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया। अपर पुलिस अधीक्षक दीपक ने संबंधित मामलों की जानकारी दी। आबकारी विभाग ने चार मामलों में की गई कार्रवाई से अवगत कराया। मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय की ओर से 80 प्रशिक्षण कार्यक्रम टेली-परामर्श सेवाएं और 22 फार्मा को-थेरेपी से जुड़ी जानकारी साझा की गई। गैर सरकारी संगठन की ओर से बताया गया कि विवाह समारोहों में शराब परोसने पर 10 हजार रुपये के जुर्माने का प्रावधान किया गया है और बिना शराब वाले विवाहों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। बैठक में संबंधित अधिकारी और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।