प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। चार धाम यात्रा को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन गढ़वाल मंडल द्वारा होटल एवं ढाबा संचालकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम और कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को स्वच्छ सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक भोजन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करना रहा। कार्यक्रम उपायुक्त खाद्य एवं औषधि प्रशासन गढ़वाल मंडल आर एस रावत के निर्देशन में संपन्न हुआ जिसमें लगभग 40 से 50 होटल और ढाबा संचालकों ने प्रतिभाग किया। कार्यशाला में प्रतिभागियों को स्वच्छता साफ-सफाई खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण स्वच्छ तरीके से भोजन तैयार करने और गुणवत्तापूर्ण सामग्री के उपयोग की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में बताया गया कि चार धाम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं ऐसे में भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता बनाए रखना आवश्यक है। सभी संचालकों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के प्रावधानों का पालन करने के निर्देश दिए गए। कार्यशाला में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता उनकी समाप्ति तिथि साफ-सफाई और कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई गई। साथ ही यात्रियों के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की गई। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम चार धाम यात्रा को सुरक्षित सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है।
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प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। चार धाम यात्रा को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन गढ़वाल मंडल द्वारा होटल एवं ढाबा संचालकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम और कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को स्वच्छ सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक भोजन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करना रहा। कार्यक्रम उपायुक्त खाद्य एवं औषधि प्रशासन गढ़वाल मंडल आर एस रावत के निर्देशन में संपन्न हुआ जिसमें लगभग 40 से 50 होटल और ढाबा संचालकों ने प्रतिभाग किया। कार्यशाला में प्रतिभागियों को स्वच्छता साफ-सफाई खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण स्वच्छ तरीके से भोजन तैयार करने और गुणवत्तापूर्ण सामग्री के उपयोग की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में बताया गया कि चार धाम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं ऐसे में भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता बनाए रखना आवश्यक है। सभी संचालकों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के प्रावधानों का पालन करने के निर्देश दिए गए। कार्यशाला में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता उनकी समाप्ति तिथि साफ-सफाई और कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई गई। साथ ही यात्रियों के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की गई। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम चार धाम यात्रा को सुरक्षित सुव्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है।