Spread the love

प्रदीप कुमार
केदारनाथ-रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। केदारनाथ धाम यात्रा 2026 में श्रद्धालुओं की भारी आस्था देखने को मिल रही है। 22 अप्रैल 2026 को कपाट खुलने के बाद मात्र चार दिनों के भीतर 1,24,782 श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन किए हैं। यह आंकड़ा जहां श्रद्धालुओं के उत्साह को दर्शाता है वहीं यात्रा व्यवस्थाओं के सुचारू संचालन को भी दर्शाता है। यात्रा के संचालन के लिए जिला प्रशासन द्वारा व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। हेलीपैड ट्रैक मार्ग और संभावित यातायात प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक और पुलिस बल की तैनाती की गई है। साथ ही यात्रा की निगरानी कंट्रोल रूम के माध्यम से लगातार की जा रही है जिससे किसी भी स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग विशाल मिश्रा ने बताया कि पिछले चार दिनों से यात्रा व्यवस्थित ढंग से संचालित हो रही है और सभी व्यवस्थाएं सुचारू हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए सभी टीमें लगातार कार्य कर रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि भैरवनाथ मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही केदारनाथ धाम में सांयकालीन आरती का शुभारंभ भी किया गया है जिससे श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव मिल रहा है। केदार सभा के अध्यक्ष राजकुमार तिवारी ने कहा कि कपाट खुलने के बाद चौथे दिन भी व्यवस्थाएं पूरी तरह सुचारू हैं और श्रद्धालुओं को दर्शन में कोई परेशानी नहीं हो रही है। उन्होंने कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा फैलाई जा रही भ्रामक खबरों को निंदनीय बताया। केदार सभा के वरिष्ठ सदस्य उमेश चंद्र पोस्ती ने बताया कि प्रशासन और मंदिर समिति के सहयोग से एक लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और निश्चिंत होकर यात्रा पर आएं। उन्होंने बताया कि टोकन व्यवस्था के माध्यम से दर्शन प्रक्रिया को सुगम बनाया गया है। केदार सभा के सदस्य संजय तिवारी ने श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए कहा कि यात्रियों के ठहरने भोजन और दर्शन की समुचित व्यवस्था की गई है। उन्होंने भी सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही भ्रामक सूचनाओं का खंडन किया और कहा कि परिस्थितियों के अनुसार बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। जिला प्रशासन बदरी केदार मंदिर समिति और केदार सभा द्वारा यात्रा को सुरक्षित सुगम और श्रद्धालु हित में संचालित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Whatsapp