प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। हरिद्वार में विभिन्न विभागों के माध्यम से संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जिला कार्यालय एनआईसी सभागार में उप जिलाधिकारियों तहसीलदारों और संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में योजनाओं के समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया गया। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कृषि उद्यान और गन्ना विकास विभाग द्वारा किसानों के खसरा-खतौनी के डिजिटल क्रॉप सर्वे की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि निर्धारित लक्ष्य को एक सप्ताह के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए। चेतावनी दी गई कि कार्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने उप जिलाधिकारियों और तहसीलदारों को निर्देश दिए कि किसानों के खसरा-खतौनी के अंश निर्धारण का कार्य तेजी से पूरा कराया जाए और संबंधित लेखपालों को भी इस कार्य में तेजी लाने के लिए निर्देशित किया जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रमाण पत्र समयबद्ध तरीके से जारी हों ताकि आवेदकों को समय पर लाभ मिल सके। जिलाधिकारी ने सीएचसी केंद्रों के माध्यम से जारी किए जा रहे आधार कार्ड और अन्य प्रमाण पत्रों में किसी भी प्रकार की अनियमितता न होने के निर्देश दिए। इसके लिए सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सीएचसी केंद्रों का निरीक्षण करने और किसी भी गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई करने को कहा गया। आपदा प्रबंधन के दृष्टिगत जिलाधिकारी ने जनपद के संवेदनशील और जलभराव वाले क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानसून से पहले नालों गदेरों और जल निकासी व्यवस्था की सफाई सुनिश्चित की जाए ताकि जलभराव की समस्या से बचा जा सके। बैठक में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की दीपक रामचंद्र सेठ अपर जिलाधिकारी पी आर चौहान अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वैभव गुप्ता अपर उप जिलाधिकारी रुड़की हर गिरि उप जिलाधिकारी भगवानपुर देवेंद्र सिंह नेगी उप जिलाधिकारी लक्सर अनिल कुमार शुक्ला विशेष भूमि अधिग्रहण अधिकारी आकाश जोशी मुख्य कृषि अधिकारी जी एस भंडारी मुख्य उद्यान अधिकारी तेजपाल सिंह तहसीलदार लक्सर दीवान सिंह राणा तहसीलदार हरिद्वार सचिन कुमार तहसीलदार रुड़की विकास अवस्थी अपर तहसीलदार रुड़की शिवागनी सहित अन्य अधिकारी और कार्मिक उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। हरिद्वार में विभिन्न विभागों के माध्यम से संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जिला कार्यालय एनआईसी सभागार में उप जिलाधिकारियों तहसीलदारों और संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में योजनाओं के समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया गया। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कृषि उद्यान और गन्ना विकास विभाग द्वारा किसानों के खसरा-खतौनी के डिजिटल क्रॉप सर्वे की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि निर्धारित लक्ष्य को एक सप्ताह के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए। चेतावनी दी गई कि कार्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने उप जिलाधिकारियों और तहसीलदारों को निर्देश दिए कि किसानों के खसरा-खतौनी के अंश निर्धारण का कार्य तेजी से पूरा कराया जाए और संबंधित लेखपालों को भी इस कार्य में तेजी लाने के लिए निर्देशित किया जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रमाण पत्र समयबद्ध तरीके से जारी हों ताकि आवेदकों को समय पर लाभ मिल सके। जिलाधिकारी ने सीएचसी केंद्रों के माध्यम से जारी किए जा रहे आधार कार्ड और अन्य प्रमाण पत्रों में किसी भी प्रकार की अनियमितता न होने के निर्देश दिए। इसके लिए सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सीएचसी केंद्रों का निरीक्षण करने और किसी भी गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई करने को कहा गया। आपदा प्रबंधन के दृष्टिगत जिलाधिकारी ने जनपद के संवेदनशील और जलभराव वाले क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानसून से पहले नालों गदेरों और जल निकासी व्यवस्था की सफाई सुनिश्चित की जाए ताकि जलभराव की समस्या से बचा जा सके। बैठक में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रुड़की दीपक रामचंद्र सेठ अपर जिलाधिकारी पी आर चौहान अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वैभव गुप्ता अपर उप जिलाधिकारी रुड़की हर गिरि उप जिलाधिकारी भगवानपुर देवेंद्र सिंह नेगी उप जिलाधिकारी लक्सर अनिल कुमार शुक्ला विशेष भूमि अधिग्रहण अधिकारी आकाश जोशी मुख्य कृषि अधिकारी जी एस भंडारी मुख्य उद्यान अधिकारी तेजपाल सिंह तहसीलदार लक्सर दीवान सिंह राणा तहसीलदार हरिद्वार सचिन कुमार तहसीलदार रुड़की विकास अवस्थी अपर तहसीलदार रुड़की शिवागनी सहित अन्य अधिकारी और कार्मिक उपस्थित रहे।