प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। चमोली में मुख्य विकास अधिकारी डॉ अभिषेक त्रिपाठी की अध्यक्षता में गंगा संरक्षण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में गंगा और उसकी सहायक नदियों में स्वच्छता बनाए रखने को लेकर किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने नगर पालिका पंचायतों और जिला पंचायत के अधिकारियों को नदियों के संरक्षण के लिए निर्धारित मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने एसटीपी के सुचारु संचालन और रखरखाव पर विशेष जोर देते हुए कहा कि उपचारित जल निर्धारित मानकों के अनुरूप होना चाहिए और इसकी नियमित जांच की जाए, ताकि गंदा पानी नदियों में न जाए। उन्होंने नगर पालिका और नगर पंचायतों को डोर टू डोर कूड़ा संग्रहण व्यवस्था को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। साथ ही कूड़ा फैलाने वाले व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ चालान कर सख्त कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी निकाय मासिक आधार पर कलेक्शन और प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें। मुख्य विकास अधिकारी ने नमामि गंगे के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ समन्वय बनाकर समय-समय पर प्लांट से सैंपल लेकर उसकी गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित करें। जिला परियोजना अधिकारी नमामि गंगे गोविंद बुटोला ने बताया कि जिला गंगा संरक्षण समिति की नियमित बैठकें आयोजित की जा रही हैं और वर्ष 2026-27 की यह पहली बैठक है। उन्होंने बताया कि 2017 से अब तक 77 बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं और बैठकों का विवरण पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है। बैठक में डीएफओ सर्वेश कुमार दुबे जिला परियोजना अधिकारी गोविंद बुटोला सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और सभी नगर पालिका तथा नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारी उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। चमोली में मुख्य विकास अधिकारी डॉ अभिषेक त्रिपाठी की अध्यक्षता में गंगा संरक्षण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में गंगा और उसकी सहायक नदियों में स्वच्छता बनाए रखने को लेकर किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने नगर पालिका पंचायतों और जिला पंचायत के अधिकारियों को नदियों के संरक्षण के लिए निर्धारित मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने एसटीपी के सुचारु संचालन और रखरखाव पर विशेष जोर देते हुए कहा कि उपचारित जल निर्धारित मानकों के अनुरूप होना चाहिए और इसकी नियमित जांच की जाए, ताकि गंदा पानी नदियों में न जाए। उन्होंने नगर पालिका और नगर पंचायतों को डोर टू डोर कूड़ा संग्रहण व्यवस्था को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। साथ ही कूड़ा फैलाने वाले व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ चालान कर सख्त कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी निकाय मासिक आधार पर कलेक्शन और प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें। मुख्य विकास अधिकारी ने नमामि गंगे के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ समन्वय बनाकर समय-समय पर प्लांट से सैंपल लेकर उसकी गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित करें। जिला परियोजना अधिकारी नमामि गंगे गोविंद बुटोला ने बताया कि जिला गंगा संरक्षण समिति की नियमित बैठकें आयोजित की जा रही हैं और वर्ष 2026-27 की यह पहली बैठक है। उन्होंने बताया कि 2017 से अब तक 77 बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं और बैठकों का विवरण पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है। बैठक में डीएफओ सर्वेश कुमार दुबे जिला परियोजना अधिकारी गोविंद बुटोला सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और सभी नगर पालिका तथा नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारी उपस्थित रहे।