प्रदीप कुमार
केदारनाथ-रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। रुद्रप्रयाग में विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम यात्रा इस वर्ष सुगम और व्यवस्थित संचालन के साथ नई मिसाल पेश कर रही है। यात्रा शुरू होने के मात्र पांच दिनों के भीतर ही डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा केदारनाथ के दर्शन कर चुके हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल हेलीकॉप्टर डंडी कंडी और घोड़ा खच्चरों के माध्यम से धाम पहुंच रहे हैं जिससे यात्रा निरंतर सुचारु बनी हुई है। यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के निर्देश पर पशुपालन विभाग द्वारा घोड़ा खच्चरों के संचालन पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ आशीष रावत ने बताया कि इस वर्ष 8300 घोड़ा खच्चरों का फिटनेस परीक्षण किया गया है जबकि 7359 का डिजिटलीकरण कर पंजीकरण सुनिश्चित किया गया है। इन्हीं पंजीकृत पशुओं का उपयोग श्रद्धालुओं के आवागमन और माल ढुलाई में किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अब तक करीब 19 हजार श्रद्धालु इन सेवाओं का लाभ ले चुके हैं। पशुओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए 6 स्थानों पर निरंतर गर्म पानी की व्यवस्था की गई है जबकि 13 स्थानों पर गीजर के माध्यम से गर्म पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। यात्रा मार्ग पर निगरानी के लिए टास्क फोर्स का गठन किया गया है जो लगातार मॉनिटरिंग कर रही है। बिना लाइसेंस और बीमा के संचालन पर सख्त कार्रवाई की जा रही है और अब तक तीन मामलों में मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। इसके अलावा सोनप्रयाग गौरीकुंड बड़ी लिनचोली और रुद्रा प्वाइंट पर पशु चिकित्सालय संचालित किए जा रहे हैं जबकि भीमबली में चेकिंग प्वाइंट स्थापित किया गया है। गौरीकुंड में घोड़ा खच्चरों का गहन परीक्षण और दस्तावेजों की जांच भी की जा रही है। राज्य सरकार की निर्धारित व्यवस्था के तहत लागू ये व्यवस्थाएं श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ-साथ पशुओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा को भी सुनिश्चित कर रही हैं।
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प्रदीप कुमार
केदारनाथ-रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। रुद्रप्रयाग में विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम यात्रा इस वर्ष सुगम और व्यवस्थित संचालन के साथ नई मिसाल पेश कर रही है। यात्रा शुरू होने के मात्र पांच दिनों के भीतर ही डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा केदारनाथ के दर्शन कर चुके हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल हेलीकॉप्टर डंडी कंडी और घोड़ा खच्चरों के माध्यम से धाम पहुंच रहे हैं जिससे यात्रा निरंतर सुचारु बनी हुई है। यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के निर्देश पर पशुपालन विभाग द्वारा घोड़ा खच्चरों के संचालन पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ आशीष रावत ने बताया कि इस वर्ष 8300 घोड़ा खच्चरों का फिटनेस परीक्षण किया गया है जबकि 7359 का डिजिटलीकरण कर पंजीकरण सुनिश्चित किया गया है। इन्हीं पंजीकृत पशुओं का उपयोग श्रद्धालुओं के आवागमन और माल ढुलाई में किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अब तक करीब 19 हजार श्रद्धालु इन सेवाओं का लाभ ले चुके हैं। पशुओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए 6 स्थानों पर निरंतर गर्म पानी की व्यवस्था की गई है जबकि 13 स्थानों पर गीजर के माध्यम से गर्म पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। यात्रा मार्ग पर निगरानी के लिए टास्क फोर्स का गठन किया गया है जो लगातार मॉनिटरिंग कर रही है। बिना लाइसेंस और बीमा के संचालन पर सख्त कार्रवाई की जा रही है और अब तक तीन मामलों में मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। इसके अलावा सोनप्रयाग गौरीकुंड बड़ी लिनचोली और रुद्रा प्वाइंट पर पशु चिकित्सालय संचालित किए जा रहे हैं जबकि भीमबली में चेकिंग प्वाइंट स्थापित किया गया है। गौरीकुंड में घोड़ा खच्चरों का गहन परीक्षण और दस्तावेजों की जांच भी की जा रही है। राज्य सरकार की निर्धारित व्यवस्था के तहत लागू ये व्यवस्थाएं श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ-साथ पशुओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा को भी सुनिश्चित कर रही हैं।