प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। पंच केदारों में प्रमुख और कठिन चढ़ाई के लिए विख्यात चतुर्थ केदार रुद्रनाथ मंदिर के कपाट 18 मई को ग्रीष्मकाल के लिए खोले जाने हैं। भगवान शिव के मुखारविंद के दर्शन के लिए इस यात्रा को सुरक्षित सुव्यवस्थित और निर्बाध बनाने के लिए चमोली पुलिस और जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी गौरव कुमार के निर्देशों के अनुपालन में पुलिस विभाग और अन्य संबंधित विभागों की 15 सदस्यीय संयुक्त टीम का गठन किया गया। टीम ने सगर से रुद्रनाथ धाम तक के पैदल यात्रा मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान पुलिस विभाग की ओर से वरिष्ठ उपनिरीक्षक सुमित खुगशाल सहित एसडीआरएफ टीम भी शामिल रही। निरीक्षण के दौरान मार्ग की भौतिक स्थिति संवेदनशील स्थानों विश्राम स्थलों और संभावित प्राकृतिक जोखिमों का गहन आकलन किया गया। साथ ही यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था संचार प्रणाली और आपातकालीन सुविधाओं की उपलब्धता का भी निरीक्षण किया गया ताकि कपाट खुलने से पहले सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा सकें। टीम द्वारा मार्ग को अधिक सुरक्षित और यात्रियों के अनुकूल बनाने के लिए आवश्यक सुझाव भी दिए गए। इन सुझावों के आधार पर जिला प्रशासन द्वारा कार्ययोजना तैयार की जा रही है जिससे यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने कहा कि रुद्रनाथ धाम की यात्रा भौगोलिक दृष्टि से काफी कठिन है इसलिए श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सहायता पुलिस की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए मजबूत व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है और पुलिस हर दुर्गम स्थान पर सहायता के लिए तत्पर रहेगी।
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प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। पंच केदारों में प्रमुख और कठिन चढ़ाई के लिए विख्यात चतुर्थ केदार रुद्रनाथ मंदिर के कपाट 18 मई को ग्रीष्मकाल के लिए खोले जाने हैं। भगवान शिव के मुखारविंद के दर्शन के लिए इस यात्रा को सुरक्षित सुव्यवस्थित और निर्बाध बनाने के लिए चमोली पुलिस और जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी गौरव कुमार के निर्देशों के अनुपालन में पुलिस विभाग और अन्य संबंधित विभागों की 15 सदस्यीय संयुक्त टीम का गठन किया गया। टीम ने सगर से रुद्रनाथ धाम तक के पैदल यात्रा मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान पुलिस विभाग की ओर से वरिष्ठ उपनिरीक्षक सुमित खुगशाल सहित एसडीआरएफ टीम भी शामिल रही। निरीक्षण के दौरान मार्ग की भौतिक स्थिति संवेदनशील स्थानों विश्राम स्थलों और संभावित प्राकृतिक जोखिमों का गहन आकलन किया गया। साथ ही यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था संचार प्रणाली और आपातकालीन सुविधाओं की उपलब्धता का भी निरीक्षण किया गया ताकि कपाट खुलने से पहले सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा सकें। टीम द्वारा मार्ग को अधिक सुरक्षित और यात्रियों के अनुकूल बनाने के लिए आवश्यक सुझाव भी दिए गए। इन सुझावों के आधार पर जिला प्रशासन द्वारा कार्ययोजना तैयार की जा रही है जिससे यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने कहा कि रुद्रनाथ धाम की यात्रा भौगोलिक दृष्टि से काफी कठिन है इसलिए श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सहायता पुलिस की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए मजबूत व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है और पुलिस हर दुर्गम स्थान पर सहायता के लिए तत्पर रहेगी।