प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। राजकीय मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस कोर्स पूरा करने के बाद बेस अस्पताल में एक वर्ष की इंटर्नशिप करने वाले प्रशिक्षुओं के लिए एक दिवसीय इंटर्नशिप ओरिएंटेशन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नवप्रशिक्षु चिकित्सकों को व्यावहारिक चिकित्सा सेवा के लिए तैयार करना और उन्हें मरीजों के प्रति जिम्मेदारियों से अवगत कराना रहा। कार्यक्रम में एमबीबीएस की पढ़ाई पूर्ण करने के बाद मरीजों को बेहतर चिकित्सा सेवा प्रदान करने से संबंधित विभिन्न टिप्स और दिशा-निर्देश साझा किए गए। विशेषज्ञों ने बताया कि इंटर्नशिप केवल प्रशिक्षण का चरण नहीं बल्कि एक चिकित्सक के वास्तविक करियर की नींव होती है। इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.आशुतोष सयाना ने प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए कहा कि इंटर्नशिप ऐसा माध्यम है जो उनके भविष्य और करियर को दिशा देने में अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि यह समय सीखने समझने और अपने कौशल को निखारने का सबसे महत्वपूर्ण अवसर होता है। उन्होंने इंटर्नशिप के दौरान अस्पताल में मरीजों की सहायता किस प्रकार से करनी है इस पर विस्तार से जानकारी दी और कहा कि एक डॉक्टर के रूप में संवेदनशीलता धैर्य और जिम्मेदारी बेहद जरूरी गुण हैं। प्राचार्य ने कहा कि अनिवार्य रोटेशन आधारित मेडिकल इंटर्नशिप के माध्यम से प्रशिक्षु विभिन्न विभागों में बारी-बारी से प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे जिससे वे हर क्षेत्र में दक्ष बन सकेंगे। उन्होंने इसे एक ऐसा अवसर बताया जहां छात्र अपने ज्ञान को व्यवहार में लागू करना सीखते हैं और चिकित्सा क्षेत्र की वास्तविक चुनौतियों को समझते हैं। डॉ.सयाना ने कहा कि संस्थान के लिए गर्व की बात होती है जब श्रीनगर मेडिकल कॉलेज का नाम अच्छे कार्यों के लिए सामने आता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि संस्थान की पहचान बनाने में छात्रों का महत्वपूर्ण योगदान होता है चाहे वह शैक्षणिक उपलब्धियां हों या मरीजों को दी जाने वाली सेवाएं। प्राचार्य ने सभी इंटर्न को इंटर्नशिप की बधाई देते हुए मरीजों के हित में बेहतर कार्य करने और स्वयं को एक कुशल चिकित्सक के रूप में विकसित करने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि सेवा भाव के साथ किया गया कार्य ही एक डॉक्टर की असली पहचान बनाता है। कार्यक्रम में कार्यशाला के संयोजक डॉ.सुरेंद्र सिंह नेगी सहित विभिन्न फैकल्टी सदस्यों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने इंटर्नशिप के दौरान आने वाली चुनौतियों जिम्मेदारियों और उनसे निपटने के तरीकों पर प्रकाश डाला।
इंटर्नशिप ओरिएंटेशन कार्यक्रम में डॉ.आशुतोष सयाना ने कहा इंटर्नशिप भविष्य निर्माण का महत्वपूर्ण आधार
