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प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के तत्वावधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण टिहरी गढ़वाल द्वारा रविवार को नगर पालिका परिषद सभागार नई टिहरी में बहुउद्देशीय विधिक सेवा एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और विधिक सहायता पहुंचाना रहा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी न्यायाधीश उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय एवं कार्यपालक अध्यक्ष उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में न्यायमूर्ति आलोक माहरा न्यायाधीश उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय उपस्थित रहे। इस दौरान प्रभारी जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे भी मौजूद रहीं। न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी ने कहा कि शिविर का उद्देश्य न्याय को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है विशेषकर उन लोगों तक जिनके पास सीमित संसाधन हैं। उन्होंने कहा कि विधिक सेवा केवल न्यायालयों तक सीमित नहीं है बल्कि पारिवारिक विवाद घरेलू हिंसा पारिश्रमिक विवाद सहित विभिन्न मामलों में भी निःशुल्क विधिक परामर्श उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने लोगों से अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान करते हुए कहा कि जागरूकता ही व्यक्ति को सशक्त बनाती है। न्यायमूर्ति आलोक माहरा ने कहा कि विधिक साक्षरता शिविर प्रत्येक व्यक्ति तक न्याय पहुंचाने का प्रभावी और निःशुल्क माध्यम है। इससे आमजन अपने मौलिक और वैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक होते हैं। उन्होंने जरूरतमंद लोगों से आगे आकर विधिक सहायता प्राप्त करने का आग्रह किया। जिला जज नितिन शर्मा ने कहा कि पूर्व में यह क्षेत्र विधिक सेवाओं से अपेक्षाकृत वंचित रहा है इसलिए इस कार्यक्रम का व्यापक स्तर पर आयोजन किया गया। उन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के उद्देश्य न्याय सबके लिए और एक्सेस टू जस्टिस की जानकारी भी दी। विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव दयाराम ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 39(क) के अंतर्गत यह सुनिश्चित किया गया है कि कोई भी व्यक्ति आर्थिक या अन्य कारणों से न्याय से वंचित न रहे। उन्होंने बताया कि भौगोलिक परिस्थितियों के कारण कई बार लोग न्यायालय तक नहीं पहुंच पाते इसलिए ऐसे शिविरों के माध्यम से न्याय को जनसामान्य तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। सदस्य सचिव राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण प्रदीप कुमार मणी ने कहा कि शिविर का मुख्य उद्देश्य समाज के कमजोर और निरक्षर वर्ग तक न्याय पहुंचाना है। उन्होंने कानून संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने वाली पुस्तिकाओं के क्यूआर कोड और न्यायमित्र हेल्पलाइन 18001804000 की जानकारी दी जिसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति निःशुल्क कानूनी सलाह प्राप्त कर सकता है। उन्होंने बताया कि पूरे उत्तराखण्ड में लगभग 16 हजार अधिकार मित्र और हर जिले में पैनल अधिवक्ताओं की टीम कार्यरत है। इसके अलावा जनपद में 2780 गांवों को मुकदमा मुक्त बनाया गया है तथा समाधान समारोह के माध्यम से लंबित मामलों के निस्तारण की पहल की जा रही है। शिविर में राजस्व कृषि श्रम उद्यान पशुपालन शिक्षा स्वास्थ्य पुलिस समाज कल्याण और सैनिक कल्याण सहित विभिन्न विभागों द्वारा जनसेवा शिविर लगाए गए जहां आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान किया गया। इस दौरान आय प्रमाण पत्र जाति प्रमाण पत्र दिव्यांग प्रमाण पत्र तथा जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाए गए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाइयों का वितरण भी किया गया। कार्यक्रम में इंटर कॉलेज की छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना गढ़वाली डोली गढ़वाली नृत्य नशा मुक्ति पर नुक्कड़ नाटक तथा नालसा की थीम पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। इस अवसर पर हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। चंद्रबदनी घंटाकरण भुवनेश्वरी नवदुर्गा और सिमरन स्वयं सहायता समूहों को तीन लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। इसके अलावा पशुपालन और कृषि विभाग द्वारा कृषि उपकरणों हेतु सहायता राशि तथा श्रम बाल विकास महिला सशक्तिकरण और समाज कल्याण विभाग द्वारा पात्र लाभार्थियों को सहायता प्रदान की गई। कार्यक्रम के अंत में न्यायमूर्तियों ने विभिन्न विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया। इस अवसर पर मंजू तिवारी हरिप्रिया माहरा जनपद के न्यायाधीशगण विभागाध्यक्ष कर्मचारी जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारी बड़ी संख्या में आमजन और पत्रकार उपस्थित रहे।

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