प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। जनपदवासियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से संबंधित 66 शिकायतें और समस्याएं दर्ज की गईं जिनमें से 30 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया जबकि शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के लिए भेजा गया। जनसुनवाई कार्यक्रम में राजस्व भूमि विवाद विद्युत अतिक्रमण जलभराव पेयजल और अन्य जनसमस्याओं से जुड़े मामलों को प्रमुखता से उठाया गया। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध और संवेदनशीलता के साथ समाधान सुनिश्चित किया जाए। कार्यक्रम में ग्राम लालढांग निवासी सुमन देवी ज्योति देवी और राजन देवी ने शिकायत दर्ज कराई कि उनकी भूमि पर कुछ लोगों द्वारा अवैध कब्जा कर नाले का पानी खेतों में छोड़ा जा रहा है। उन्होंने कब्जा हटाने और जल निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की। गंगदासपुर निवासी मांगेराम और राजवीर ने बताया कि बाढ़ प्रभावित होने के बाद उन्हें फेरूपुर कठिया में विस्थापित किया गया था लेकिन अब कुछ लोग उनकी भूमि पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने भूमि की पैमाइश कराने की मांग की। अतमलपुर बोगला निवासी दिनेश कुमार ने अपनी भूमि को दोबारा आबादी में दर्ज कराने के संबंध में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। वहीं मीरपुर निवासी मुकेश कुमार ने शिकायत की कि पड़ोसियों द्वारा घर का गंदा पानी उनके घर के सामने छोड़ा जा रहा है जिससे बच्चों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। सुमन नगर निवासी कमल देवी ने अपने आवासीय प्लाट की खतौनी की नकल उपलब्ध कराने की मांग की। भोगपुर निवासी चरण सिंह ने भूमि की पैमाइश कराने के लिए आवेदन दिया जबकि वेदपाल ने गंगाजी के खसरा क्षेत्र से अवैध कब्जा हटाने की मांग की। मोहन इंक्लेव कॉलोनी के लोगों ने उत्तराखंड पेयजल निगम द्वारा चल रहे सीवर लाइन कार्य में लापरवाही का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई। वहीं ग्राम थिथौला खेमपुर की प्रधान सना ने शिकायत की कि लंढौर नगर पंचायत से छोड़ा जा रहा गंदा पानी गांव की आबादी और खेतों में पहुंच रहा है जिससे फसलों को नुकसान हो रहा है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में आने वाली शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में स्थलीय निरीक्षण आवश्यक है वहां संबंधित अधिकारी संयुक्त रूप से मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई शिकायत दोबारा जनसुनवाई में आती है तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि शिकायतकर्ता से सीधे संपर्क कर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें। बैठक में जिलाधिकारी ने सीएम हेल्पलाइन में लंबित शिकायतों की भी समीक्षा की। उन्होंने पाया कि 36 दिनों से अधिक समय से कई शिकायतें लंबित हैं जिस पर संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई गई। समीक्षा में सामने आया कि एल-1 स्तर पर 583 और एल-2 स्तर पर 143 शिकायतें लंबित हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी लंबित शिकायतों का शीघ्र निस्तारण किया जाए तथा शिकायतकर्ताओं से पोर्टल के माध्यम से संपर्क कर उन्हें कार्रवाई की जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ.लालित नारायण मिश्र अपर जिलाधिकारी पी.आर.चौहान मुख्य चिकित्साधिकारी आर.के.सिंह अपर उप जिलाधिकारी रुड़की हरगिरि जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश मुख्य शिक्षा अधिकारी नरेश कुमार हल्दियानी जिला शिक्षा अधिकारी अमित कुमार चंद जिला पंचायत राज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल जिला आपदा अधिकारी मीरा रावत अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग दीपक कुमार अधिशासी अभियंता यूपीसीएल दीपक सैनी जिला पूर्ति अधिकारी मुकेश पॉल जिला प्रोविजन अधिकारी अविनाश भदौरिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में फरियादी उपस्थित रहे।
Spread the love
प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। जनपदवासियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से संबंधित 66 शिकायतें और समस्याएं दर्ज की गईं जिनमें से 30 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया जबकि शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के लिए भेजा गया। जनसुनवाई कार्यक्रम में राजस्व भूमि विवाद विद्युत अतिक्रमण जलभराव पेयजल और अन्य जनसमस्याओं से जुड़े मामलों को प्रमुखता से उठाया गया। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध और संवेदनशीलता के साथ समाधान सुनिश्चित किया जाए। कार्यक्रम में ग्राम लालढांग निवासी सुमन देवी ज्योति देवी और राजन देवी ने शिकायत दर्ज कराई कि उनकी भूमि पर कुछ लोगों द्वारा अवैध कब्जा कर नाले का पानी खेतों में छोड़ा जा रहा है। उन्होंने कब्जा हटाने और जल निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की। गंगदासपुर निवासी मांगेराम और राजवीर ने बताया कि बाढ़ प्रभावित होने के बाद उन्हें फेरूपुर कठिया में विस्थापित किया गया था लेकिन अब कुछ लोग उनकी भूमि पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने भूमि की पैमाइश कराने की मांग की। अतमलपुर बोगला निवासी दिनेश कुमार ने अपनी भूमि को दोबारा आबादी में दर्ज कराने के संबंध में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। वहीं मीरपुर निवासी मुकेश कुमार ने शिकायत की कि पड़ोसियों द्वारा घर का गंदा पानी उनके घर के सामने छोड़ा जा रहा है जिससे बच्चों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। सुमन नगर निवासी कमल देवी ने अपने आवासीय प्लाट की खतौनी की नकल उपलब्ध कराने की मांग की। भोगपुर निवासी चरण सिंह ने भूमि की पैमाइश कराने के लिए आवेदन दिया जबकि वेदपाल ने गंगाजी के खसरा क्षेत्र से अवैध कब्जा हटाने की मांग की। मोहन इंक्लेव कॉलोनी के लोगों ने उत्तराखंड पेयजल निगम द्वारा चल रहे सीवर लाइन कार्य में लापरवाही का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई। वहीं ग्राम थिथौला खेमपुर की प्रधान सना ने शिकायत की कि लंढौर नगर पंचायत से छोड़ा जा रहा गंदा पानी गांव की आबादी और खेतों में पहुंच रहा है जिससे फसलों को नुकसान हो रहा है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में आने वाली शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में स्थलीय निरीक्षण आवश्यक है वहां संबंधित अधिकारी संयुक्त रूप से मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई शिकायत दोबारा जनसुनवाई में आती है तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि शिकायतकर्ता से सीधे संपर्क कर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें। बैठक में जिलाधिकारी ने सीएम हेल्पलाइन में लंबित शिकायतों की भी समीक्षा की। उन्होंने पाया कि 36 दिनों से अधिक समय से कई शिकायतें लंबित हैं जिस पर संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई गई। समीक्षा में सामने आया कि एल-1 स्तर पर 583 और एल-2 स्तर पर 143 शिकायतें लंबित हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी लंबित शिकायतों का शीघ्र निस्तारण किया जाए तथा शिकायतकर्ताओं से पोर्टल के माध्यम से संपर्क कर उन्हें कार्रवाई की जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ.लालित नारायण मिश्र अपर जिलाधिकारी पी.आर.चौहान मुख्य चिकित्साधिकारी आर.के.सिंह अपर उप जिलाधिकारी रुड़की हरगिरि जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश मुख्य शिक्षा अधिकारी नरेश कुमार हल्दियानी जिला शिक्षा अधिकारी अमित कुमार चंद जिला पंचायत राज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल जिला आपदा अधिकारी मीरा रावत अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग दीपक कुमार अधिशासी अभियंता यूपीसीएल दीपक सैनी जिला पूर्ति अधिकारी मुकेश पॉल जिला प्रोविजन अधिकारी अविनाश भदौरिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में फरियादी उपस्थित रहे।