प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में संस्थान नवाचार परिषद और विज्ञान भारती उत्तराखंड के सहयोग से राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर शिक्षाविदों शोधार्थियों विद्यार्थियों और नवाचारकर्ताओं ने एक साझा मंच पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की राष्ट्र निर्माण में भूमिका पर विचार-विमर्श किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ जिसे ज्ञान और प्रबोधन का प्रतीक बताया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रो.टी.सी.उपाध्याय के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने उपस्थित सभी विशिष्ट अतिथियों शिक्षकों शोधार्थियों और विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि विज्ञान और तकनीक के माध्यम से ही समाज और राष्ट्र को नई दिशा दी जा सकती है। इसके बाद प्रो.हेमवती नंदन ने कार्यक्रम की रूपरेखा और उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने भारत की तकनीकी उपलब्धियों को भविष्य के नवाचारों के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए युवाओं को अनुसंधान और तकनीकी विकास की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। संस्थान नवाचार परिषद की गतिविधियों और उद्देश्यों की जानकारी प्रो.नटनम गोविंदम ने दी। उन्होंने विद्यार्थियों और शोधार्थियों में नवाचार उद्यमिता और रचनात्मक सोच को बढ़ावा देने के लिए परिषद द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर विस्तार से प्रकाश डाला। इसके उपरांत डॉ.वरुण बड़थ्वाल ने कार्यक्रम की गतिविधियों और उद्देश्यों का परिचय देते हुए समकालीन चुनौतियों के समाधान में तकनीकी उन्नति की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि बदलते समय में तकनीकी नवाचार ही विकास की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.प्रकाश सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों की भूमिका केवल शिक्षा प्रदान करने तक सीमित नहीं है बल्कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार आधारित विकास को बढ़ावा देना भी उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुसंधान विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। मुख्य वक्ता के रूप में श्री रामा हिमालयन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.राजेंद्र डोभाल ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के भीतर कोई न कोई विशेष प्रतिभा होती है। आवश्यकता केवल उसे पहचानने और समर्पण के साथ विकसित करने की होती है। उन्होंने युवाओं को निरंतर सीखने प्रयोग करने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। जी.बी.पंत इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान पौड़ी के निदेशक प्रो.वी.के.बांगा ने आधुनिक जीवन में नई तकनीकों के बढ़ते प्रभाव और उनके परिवर्तनकारी योगदान पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि तकनीक के सकारात्मक उपयोग से समाज में बड़े बदलाव संभव हैं और युवाओं को नई तकनीकों के प्रति जागरूक रहना चाहिए। कार्यक्रम में डॉ.शुभ्रा काला ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के महत्व राष्ट्रीय विकास में तकनीक की भूमिका तथा भारत में परमाणु ऊर्जा की उल्लेखनीय यात्रा पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत ने विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में निरंतर नई उपलब्धियां हासिल की हैं जिन पर पूरे देश को गर्व है। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विद्यार्थियों द्वारा आयोजित पोस्टर प्रस्तुति प्रतियोगिता रही। प्रतियोगिता में विभिन्न विभागों के छात्र-छात्राओं ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जुड़े विषयों पर नवाचारी और शोध आधारित पोस्टर प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों ने आधुनिक तकनीक पर्यावरण संरक्षण ऊर्जा अंतरिक्ष विज्ञान और डिजिटल नवाचार जैसे विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके बाद डॉ.वरुण बड़थ्वाल के संचालन में खुला परिचर्चा सत्र आयोजित किया गया जिसमें प्रतिभागियों ने उभरती तकनीकों नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र और भविष्य की संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए। चर्चा के दौरान विद्यार्थियों और विशेषज्ञों के बीच तकनीकी विकास और शोध को लेकर विस्तृत संवाद हुआ। कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रो.हेमवती नंदन ने विद्यार्थियों को सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी की रचनात्मक सोच और वैज्ञानिक दृष्टिकोण ही देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है। अंत में डॉ.भास्करन ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों आयोजकों प्रतिभागियों और उपस्थित जनों का कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस का यह आयोजन विज्ञान जागरूकता तकनीकी नवाचार और सहयोगात्मक शिक्षण को बढ़ावा देने वाला प्रेरणादायक मंच साबित हुआ।
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प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में संस्थान नवाचार परिषद और विज्ञान भारती उत्तराखंड के सहयोग से राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर शिक्षाविदों शोधार्थियों विद्यार्थियों और नवाचारकर्ताओं ने एक साझा मंच पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की राष्ट्र निर्माण में भूमिका पर विचार-विमर्श किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ जिसे ज्ञान और प्रबोधन का प्रतीक बताया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रो.टी.सी.उपाध्याय के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने उपस्थित सभी विशिष्ट अतिथियों शिक्षकों शोधार्थियों और विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि विज्ञान और तकनीक के माध्यम से ही समाज और राष्ट्र को नई दिशा दी जा सकती है। इसके बाद प्रो.हेमवती नंदन ने कार्यक्रम की रूपरेखा और उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने भारत की तकनीकी उपलब्धियों को भविष्य के नवाचारों के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए युवाओं को अनुसंधान और तकनीकी विकास की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। संस्थान नवाचार परिषद की गतिविधियों और उद्देश्यों की जानकारी प्रो.नटनम गोविंदम ने दी। उन्होंने विद्यार्थियों और शोधार्थियों में नवाचार उद्यमिता और रचनात्मक सोच को बढ़ावा देने के लिए परिषद द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर विस्तार से प्रकाश डाला। इसके उपरांत डॉ.वरुण बड़थ्वाल ने कार्यक्रम की गतिविधियों और उद्देश्यों का परिचय देते हुए समकालीन चुनौतियों के समाधान में तकनीकी उन्नति की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि बदलते समय में तकनीकी नवाचार ही विकास की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.प्रकाश सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों की भूमिका केवल शिक्षा प्रदान करने तक सीमित नहीं है बल्कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार आधारित विकास को बढ़ावा देना भी उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुसंधान विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। मुख्य वक्ता के रूप में श्री रामा हिमालयन विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.राजेंद्र डोभाल ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के भीतर कोई न कोई विशेष प्रतिभा होती है। आवश्यकता केवल उसे पहचानने और समर्पण के साथ विकसित करने की होती है। उन्होंने युवाओं को निरंतर सीखने प्रयोग करने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। जी.बी.पंत इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान पौड़ी के निदेशक प्रो.वी.के.बांगा ने आधुनिक जीवन में नई तकनीकों के बढ़ते प्रभाव और उनके परिवर्तनकारी योगदान पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि तकनीक के सकारात्मक उपयोग से समाज में बड़े बदलाव संभव हैं और युवाओं को नई तकनीकों के प्रति जागरूक रहना चाहिए। कार्यक्रम में डॉ.शुभ्रा काला ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के महत्व राष्ट्रीय विकास में तकनीक की भूमिका तथा भारत में परमाणु ऊर्जा की उल्लेखनीय यात्रा पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत ने विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में निरंतर नई उपलब्धियां हासिल की हैं जिन पर पूरे देश को गर्व है। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विद्यार्थियों द्वारा आयोजित पोस्टर प्रस्तुति प्रतियोगिता रही। प्रतियोगिता में विभिन्न विभागों के छात्र-छात्राओं ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जुड़े विषयों पर नवाचारी और शोध आधारित पोस्टर प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों ने आधुनिक तकनीक पर्यावरण संरक्षण ऊर्जा अंतरिक्ष विज्ञान और डिजिटल नवाचार जैसे विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके बाद डॉ.वरुण बड़थ्वाल के संचालन में खुला परिचर्चा सत्र आयोजित किया गया जिसमें प्रतिभागियों ने उभरती तकनीकों नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र और भविष्य की संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए। चर्चा के दौरान विद्यार्थियों और विशेषज्ञों के बीच तकनीकी विकास और शोध को लेकर विस्तृत संवाद हुआ। कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रो.हेमवती नंदन ने विद्यार्थियों को सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में कार्य करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी की रचनात्मक सोच और वैज्ञानिक दृष्टिकोण ही देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है। अंत में डॉ.भास्करन ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों आयोजकों प्रतिभागियों और उपस्थित जनों का कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस का यह आयोजन विज्ञान जागरूकता तकनीकी नवाचार और सहयोगात्मक शिक्षण को बढ़ावा देने वाला प्रेरणादायक मंच साबित हुआ।