प्रदीप कुमार
केदारनाथ-रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। श्री केदारनाथ धाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन एवं पुलिस द्वारा गौरीकुंड सहित पूरे यात्रा क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी जा रही है। इसी क्रम में गौरीकुंड में मंदाकिनी नदी तट पर जोखिमपूर्ण और असुरक्षित स्थानों पर स्नान कर रहे यात्रियों को तत्काल वहां से हटाया गया तथा उन्हें केवल निर्धारित और सुरक्षित स्थानों पर स्नान करने के लिए जागरूक किया गया। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि तेज बहाव वाली नदी गहरे जल क्षेत्र और प्रतिबंधित स्थानों पर स्नान करने से बचें क्योंकि किसी भी प्रकार की असावधानी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। साथ ही यात्रियों से मंदाकिनी नदी की स्वच्छता और पवित्रता बनाए रखने में सहयोग करने की भी अपील की गई है। प्रशासन ने कहा कि नदी में प्लास्टिक बोतलें कूड़ा-कचरा अथवा अन्य अपशिष्ट सामग्री न डालें। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए गौरीकुंड स्थित तप्त कुंड में बेहतर और सुव्यवस्थित स्नान व्यवस्था की गई है। यहां महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग स्नान व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। इसके साथ ही चेंजिंग रूम की समुचित व्यवस्था भी की गई है ताकि यात्रियों को सुरक्षित स्वच्छ और सुविधाजनक वातावरण मिल सके। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के नेतृत्व में श्री केदारनाथ यात्रा को सुरक्षित स्वच्छ और सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और सुरक्षित यात्रा में सहयोग प्रदान करें।
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प्रदीप कुमार
केदारनाथ-रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। श्री केदारनाथ धाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन एवं पुलिस द्वारा गौरीकुंड सहित पूरे यात्रा क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी जा रही है। इसी क्रम में गौरीकुंड में मंदाकिनी नदी तट पर जोखिमपूर्ण और असुरक्षित स्थानों पर स्नान कर रहे यात्रियों को तत्काल वहां से हटाया गया तथा उन्हें केवल निर्धारित और सुरक्षित स्थानों पर स्नान करने के लिए जागरूक किया गया। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि तेज बहाव वाली नदी गहरे जल क्षेत्र और प्रतिबंधित स्थानों पर स्नान करने से बचें क्योंकि किसी भी प्रकार की असावधानी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। साथ ही यात्रियों से मंदाकिनी नदी की स्वच्छता और पवित्रता बनाए रखने में सहयोग करने की भी अपील की गई है। प्रशासन ने कहा कि नदी में प्लास्टिक बोतलें कूड़ा-कचरा अथवा अन्य अपशिष्ट सामग्री न डालें। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए गौरीकुंड स्थित तप्त कुंड में बेहतर और सुव्यवस्थित स्नान व्यवस्था की गई है। यहां महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग स्नान व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। इसके साथ ही चेंजिंग रूम की समुचित व्यवस्था भी की गई है ताकि यात्रियों को सुरक्षित स्वच्छ और सुविधाजनक वातावरण मिल सके। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा के नेतृत्व में श्री केदारनाथ यात्रा को सुरक्षित स्वच्छ और सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और सुरक्षित यात्रा में सहयोग प्रदान करें।