प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के मार्गदर्शन एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण/जिला न्यायाधीश रुद्रप्रयाग के निर्देशन में दिनांक 13 मई 2026 को सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रुद्रप्रयाग पायल सिंह द्वारा जिला कारागार रुद्रप्रयाग का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान सचिव महोदया ने कारागार परिसर में बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया तथा बंदियों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता विधिक अधिकारों तथा राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से मामलों के त्वरित निस्तारण के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। सचिव महोदया द्वारा बंदियों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता स्वच्छता एवं स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया गया। उन्होंने कारागार प्रशासन को निर्देशित किया कि बंदियों को पौष्टिक भोजन स्वच्छ पेयजल एवं आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएँ समय पर उपलब्ध कराई जाएँ तथा नियमित स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित किया जाए। सचिव महोदया ने कारागार प्रशासन को निर्देशित किया कि बंदियों को समय-समय पर विधिक जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से उनके अधिकारों एवं उपलब्ध विधिक सेवाओं की जानकारी दी जाती रहे। साथ ही महिला बंदियों की सुरक्षा स्वच्छता व्यवस्था एवं स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक न्याय की समान पहुँच सुनिश्चित करना है तथा कारागार में निरुद्ध व्यक्तियों को भी विधिक सहायता एवं न्यायिक प्रक्रिया से संबंधित सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराना प्राथमिकता में शामिल है। निरीक्षण के दौरान कारागार प्रशासन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ विभिन्न व्यवस्थाओं को लेकर आवश्यक विचार-विमर्श भी किया गया।
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प्रदीप कुमार
रूद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के मार्गदर्शन एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण/जिला न्यायाधीश रुद्रप्रयाग के निर्देशन में दिनांक 13 मई 2026 को सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रुद्रप्रयाग पायल सिंह द्वारा जिला कारागार रुद्रप्रयाग का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान सचिव महोदया ने कारागार परिसर में बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया तथा बंदियों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता विधिक अधिकारों तथा राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से मामलों के त्वरित निस्तारण के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। सचिव महोदया द्वारा बंदियों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता स्वच्छता एवं स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया गया। उन्होंने कारागार प्रशासन को निर्देशित किया कि बंदियों को पौष्टिक भोजन स्वच्छ पेयजल एवं आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएँ समय पर उपलब्ध कराई जाएँ तथा नियमित स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित किया जाए। सचिव महोदया ने कारागार प्रशासन को निर्देशित किया कि बंदियों को समय-समय पर विधिक जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से उनके अधिकारों एवं उपलब्ध विधिक सेवाओं की जानकारी दी जाती रहे। साथ ही महिला बंदियों की सुरक्षा स्वच्छता व्यवस्था एवं स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक न्याय की समान पहुँच सुनिश्चित करना है तथा कारागार में निरुद्ध व्यक्तियों को भी विधिक सहायता एवं न्यायिक प्रक्रिया से संबंधित सभी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराना प्राथमिकता में शामिल है। निरीक्षण के दौरान कारागार प्रशासन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ विभिन्न व्यवस्थाओं को लेकर आवश्यक विचार-विमर्श भी किया गया।