प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। हरिद्वार जनपद के मंगलौर निवासी मोहम्मद माजिद हुसैन और मोहम्मद वाजिद हुसैन ने कड़ी मेहनत आधुनिक सोच और सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर बागवानी एवं औद्यानिकी के क्षेत्र में सफलता की नई मिसाल कायम की है। दोनों भाइयों ने पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर आधुनिक बागवानी और सब्जी उत्पादन को अपनाया, जिससे आज वे आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और कृषि के क्षेत्र में नई तकनीकों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई महत्वाकांक्षी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन्हीं योजनाओं का लाभ लेकर मोहम्मद माजिद हुसैन और मोहम्मद वाजिद हुसैन ने अपने कृषि कार्य को नई दिशा दी है। मोहम्मद माजिद हुसैन ने बताया कि पहले उनका परिवार पारंपरिक रूप से मक्का और गन्ने की खेती करता था लेकिन उससे अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा था। इसके बाद उन्होंने अपने भाइयों के साथ मिलकर बागवानी और औद्यानिकी की खेती शुरू करने का निर्णय लिया। आज वे लगभग 35 बीघा भूमि पर आधुनिक तरीके से खेती कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 20 बीघा भूमि पर स्ट्रॉबेरी और मालबेरी की खेती की जा रही है। केवल स्ट्रॉबेरी उत्पादन से ही हर वर्ष 5 से 10 लाख रुपये तक का कारोबार किया जा रहा है। इसके अलावा शेष भूमि पर सब्जियों का उत्पादन किया जा रहा है जिसमें तुरई करेला टमाटर बैंगन धनिया मिर्च और खीरा जैसी फसलें शामिल हैं। उन्होंने बताया कि उनके खेतों में लगभग 400 टन सब्जियों का उत्पादन किया जा रहा है जिससे सालाना 30 से 35 लाख रुपये तक की आय प्राप्त हो रही है। आधुनिक खेती के माध्यम से उन्होंने न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत की है बल्कि क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा प्रस्तुत की है। मोहम्मद माजिद हुसैन ने बताया कि उनके कृषि कार्यों से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं। वर्तमान में उनके यहां 20 से 25 ग्रामीणों को रोजगार मिल रहा है जिनमें लगभग 15 महिलाएं भी शामिल हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिल रही है। उन्होंने कहा कि उद्यान विभाग द्वारा बागवानी और औद्यानिकी को बढ़ावा देने के लिए समय-समय पर विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। वर्ष 2024 में 500 वर्ग मीटर के पॉलीहाउस की स्थापना के लिए उन्हें 50 प्रतिशत राज सहायता प्रदान की गई थी। इसी प्रकार वर्ष 2025-26 में एक हेक्टेयर क्षेत्र में स्ट्रॉबेरी खेती को प्रोत्साहित करने के लिए भी 50 प्रतिशत सहायता राशि उपलब्ध कराई गई। उन्होंने बताया कि कद्दू वर्गीय फसलों के लिए जीआई सपोर्ट सिस्टम तथा ओलावृष्टि और नमी संरक्षण से बचाव हेतु भी विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत सहायता प्रदान की गई है। आधुनिक तकनीकों और सरकारी सहयोग से खेती को और अधिक लाभकारी बनाया जा सका है। मोहम्मद माजिद हुसैन और मोहम्मद वाजिद हुसैन ने प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जिला प्रशासन और उद्यान विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं और सहायता के कारण ही वे खेती के क्षेत्र में नई पहचान बना सके हैं। उन्होंने अन्य किसानों से भी आधुनिक खेती अपनाने और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की अपील की।
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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। हरिद्वार जनपद के मंगलौर निवासी मोहम्मद माजिद हुसैन और मोहम्मद वाजिद हुसैन ने कड़ी मेहनत आधुनिक सोच और सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर बागवानी एवं औद्यानिकी के क्षेत्र में सफलता की नई मिसाल कायम की है। दोनों भाइयों ने पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर आधुनिक बागवानी और सब्जी उत्पादन को अपनाया, जिससे आज वे आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और कृषि के क्षेत्र में नई तकनीकों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई महत्वाकांक्षी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन्हीं योजनाओं का लाभ लेकर मोहम्मद माजिद हुसैन और मोहम्मद वाजिद हुसैन ने अपने कृषि कार्य को नई दिशा दी है। मोहम्मद माजिद हुसैन ने बताया कि पहले उनका परिवार पारंपरिक रूप से मक्का और गन्ने की खेती करता था लेकिन उससे अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा था। इसके बाद उन्होंने अपने भाइयों के साथ मिलकर बागवानी और औद्यानिकी की खेती शुरू करने का निर्णय लिया। आज वे लगभग 35 बीघा भूमि पर आधुनिक तरीके से खेती कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 20 बीघा भूमि पर स्ट्रॉबेरी और मालबेरी की खेती की जा रही है। केवल स्ट्रॉबेरी उत्पादन से ही हर वर्ष 5 से 10 लाख रुपये तक का कारोबार किया जा रहा है। इसके अलावा शेष भूमि पर सब्जियों का उत्पादन किया जा रहा है जिसमें तुरई करेला टमाटर बैंगन धनिया मिर्च और खीरा जैसी फसलें शामिल हैं। उन्होंने बताया कि उनके खेतों में लगभग 400 टन सब्जियों का उत्पादन किया जा रहा है जिससे सालाना 30 से 35 लाख रुपये तक की आय प्राप्त हो रही है। आधुनिक खेती के माध्यम से उन्होंने न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत की है बल्कि क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा प्रस्तुत की है। मोहम्मद माजिद हुसैन ने बताया कि उनके कृषि कार्यों से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं। वर्तमान में उनके यहां 20 से 25 ग्रामीणों को रोजगार मिल रहा है जिनमें लगभग 15 महिलाएं भी शामिल हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिल रही है। उन्होंने कहा कि उद्यान विभाग द्वारा बागवानी और औद्यानिकी को बढ़ावा देने के लिए समय-समय पर विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। वर्ष 2024 में 500 वर्ग मीटर के पॉलीहाउस की स्थापना के लिए उन्हें 50 प्रतिशत राज सहायता प्रदान की गई थी। इसी प्रकार वर्ष 2025-26 में एक हेक्टेयर क्षेत्र में स्ट्रॉबेरी खेती को प्रोत्साहित करने के लिए भी 50 प्रतिशत सहायता राशि उपलब्ध कराई गई। उन्होंने बताया कि कद्दू वर्गीय फसलों के लिए जीआई सपोर्ट सिस्टम तथा ओलावृष्टि और नमी संरक्षण से बचाव हेतु भी विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत सहायता प्रदान की गई है। आधुनिक तकनीकों और सरकारी सहयोग से खेती को और अधिक लाभकारी बनाया जा सका है। मोहम्मद माजिद हुसैन और मोहम्मद वाजिद हुसैन ने प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जिला प्रशासन और उद्यान विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं और सहायता के कारण ही वे खेती के क्षेत्र में नई पहचान बना सके हैं। उन्होंने अन्य किसानों से भी आधुनिक खेती अपनाने और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की अपील की।