प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल ने विकासखण्ड चम्बा की ग्राम पंचायत चोपड़ियाली के राजस्व ग्राम लवाधार पहुंचकर फसल कटाई प्रयोग (क्रॉप कटिंग) का निरीक्षण किया। राजस्व विभाग द्वारा चयनित कास्तकार वृजमोहन बहुगुणा के खेत में क्रॉप कटिंग का कार्य संपादित किया गया। प्रयोग के दौरान 6×5 क्षेत्रफल में गेहूं की फसल काटकर उसका वजन किया गया जिसमें 11 किलोग्राम गेहूं की बालियों का उत्पादन प्राप्त हुआ। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने बताया कि किसी खेत में वास्तविक पैदावार का आकलन करने के लिए खेत के एक निश्चित हिस्से की फसल काटकर उसका वजन किया जाता है। प्राप्त आंकड़ों के आधार पर पूरे खेत की संभावित उपज का अनुमान लगाया जाता है। इस प्रक्रिया के माध्यम से जनपद एवं प्रदेश स्तर पर फसल उत्पादन के सही आंकड़े तैयार किए जाते हैं जो कृषि योजनाओं एवं नीतियों के निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस दौरान ग्रामीणों द्वारा खेतों की जुताई के लिए पावर टिलर उपलब्ध कराने तथा खेतों के चारों ओर फेंसिंग/तारबाड़ लगाने की मांग की। जिसपर जिलाधिकारी ने मुख्य कृषि अधिकारी विजय देवराडी को दूरभाष के माध्यम से आवश्यक कार्यवाही करते हुए ग्रामीणों को पावर टिलर उपलब्ध कराने एवं खेतों की फेंसिंग कराये जाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर राजस्व विभाग के कार्मिक एवं स्थानीय कास्तकार उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल ने विकासखण्ड चम्बा की ग्राम पंचायत चोपड़ियाली के राजस्व ग्राम लवाधार पहुंचकर फसल कटाई प्रयोग (क्रॉप कटिंग) का निरीक्षण किया। राजस्व विभाग द्वारा चयनित कास्तकार वृजमोहन बहुगुणा के खेत में क्रॉप कटिंग का कार्य संपादित किया गया। प्रयोग के दौरान 6×5 क्षेत्रफल में गेहूं की फसल काटकर उसका वजन किया गया जिसमें 11 किलोग्राम गेहूं की बालियों का उत्पादन प्राप्त हुआ। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने बताया कि किसी खेत में वास्तविक पैदावार का आकलन करने के लिए खेत के एक निश्चित हिस्से की फसल काटकर उसका वजन किया जाता है। प्राप्त आंकड़ों के आधार पर पूरे खेत की संभावित उपज का अनुमान लगाया जाता है। इस प्रक्रिया के माध्यम से जनपद एवं प्रदेश स्तर पर फसल उत्पादन के सही आंकड़े तैयार किए जाते हैं जो कृषि योजनाओं एवं नीतियों के निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस दौरान ग्रामीणों द्वारा खेतों की जुताई के लिए पावर टिलर उपलब्ध कराने तथा खेतों के चारों ओर फेंसिंग/तारबाड़ लगाने की मांग की। जिसपर जिलाधिकारी ने मुख्य कृषि अधिकारी विजय देवराडी को दूरभाष के माध्यम से आवश्यक कार्यवाही करते हुए ग्रामीणों को पावर टिलर उपलब्ध कराने एवं खेतों की फेंसिंग कराये जाने के निर्देश दिए। इस अवसर पर राजस्व विभाग के कार्मिक एवं स्थानीय कास्तकार उपस्थित रहे।