प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद चमोली के समग्र और संतुलित विकास को गति देने के उद्देश्य से ग्राम्य विकास लघु एवं सूक्ष्म मध्यम उद्यम खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री तथा जनपद के प्रभारी मंत्री भरत सिंह चौधरी की अध्यक्षता में रविवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला योजना समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 74 करोड़ 23 लाख 70 हजार रुपये की वार्षिक जिला योजना को अनुमोदित किया गया। बैठक से पूर्व जिलाधिकारी गौरव कुमार ने प्रभारी मंत्री का पुष्पगुच्छ एवं शॉल भेंट कर स्वागत किया। प्रभारी मंत्री ने जिला प्रशासन द्वारा जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों को जिला योजना में शामिल किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले वर्ष जनपद में अनेक विकासपरक और जनहितकारी कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हुए हैं तथा आगामी वर्ष की योजना भी जनपद के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। बैठक में लोक निर्माण विभाग पेयजल कृषि उद्यान पशुपालन मत्स्य सिंचाई उरेड़ा पर्यटन खेल एवं युवा कल्याण स्वास्थ्य उद्योग पंचायती राज शिक्षा और बाल विकास विभाग की प्रस्तावित योजनाओं की विभागवार समीक्षा की गई। प्रभारी मंत्री ने निर्देश दिए कि योजनाओं को क्लस्टर आधारित दृष्टिकोण के साथ लागू किया जाए तथा केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के बेहतर समन्वय से अधिकतम लाभ आमजन तक पहुंचाया जाए। उन्होंने अधूरे और गतिमान कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश भी दिए। कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने पर जोर देते हुए उन्होंने कृषि विभाग को किसानों को अच्छी गुणवत्ता के कृषि उपकरण सब्सिडी पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही फसलों को जंगली जानवरों से बचाने के लिए चैन लिंक फेंसिंग को प्राथमिकता देने को कहा। उद्यान विभाग को जनपद में कीवी उत्पादन की संभावनाओं को देखते हुए बड़े क्लस्टर विकसित करने तथा उत्पादन मार्केटिंग और पैकेजिंग व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए ताकि किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ मिल सके। प्रभारी मंत्री ने पशुपालन विभाग को पहाड़ों की अर्थव्यवस्था के लिए गेम चेंजर बताते हुए जिला योजना के माध्यम से बड़े और प्रभावी कार्य किए जाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पशुपालन से ऑर्गेनिक फार्मिंग को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर विकसित होंगे। साथ ही अच्छी नस्ल के पशुओं को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए। उन्होंने मत्स्य पालन डेयरी और सहकारिता क्षेत्रों को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए इन क्षेत्रों में अधिक कार्य करने पर जोर दिया। इस वर्ष जिला योजना में कृषि उद्यान पशुपालन डेयरी और मत्स्य पालन जैसे आजीविका आधारित क्षेत्रों में नवाचार और उत्पादन आधारित कार्यों को विशेष प्राथमिकता दी गई है जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। जिला योजना को भौतिक सामाजिक आजीविका और अन्य चार प्रमुख क्षेत्रों में संतुलित रूप से विभाजित किया गया है। योजना में सड़क पेयजल सिंचाई और ऊर्जा जैसी आधारभूत सुविधाओं के साथ शिक्षा स्वास्थ्य खेल और युवा कल्याण जैसे सामाजिक क्षेत्रों को भी पर्याप्त प्राथमिकता दी गई है। वहीं स्वरोजगार और आजीविका संवर्धन आधारित योजनाओं को विशेष फोकस में रखा गया है। जिला योजना के अंतर्गत लोक निर्माण विभाग को सड़क और पुल निर्माण के लिए 6 करोड़ 25 लाख रुपये राजकीय सिंचाई को 5 करोड़ 80 लाख रुपये लघु सिंचाई को 2 करोड़ 80 लाख रुपये पेयजल संस्थान को 5 करोड़ 20 लाख रुपये तथा पेयजल निगम को 2 करोड़ 40 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसी प्रकार पर्यटन विभाग को 5 करोड़ 10 लाख रुपये प्रादेशिक विकास दल को 4 करोड़ 70 लाख रुपये पशुपालन विभाग को 3 करोड़ 65 लाख रुपये कृषि विभाग को 4 करोड़ 80 लाख रुपये और उद्यान विभाग को 5 करोड़ 5 लाख रुपये का परिव्यय अनुमोदित किया गया। शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रारंभिक शिक्षा हेतु 4 करोड़ 30 लाख रुपये तथा माध्यमिक शिक्षा हेतु 4 करोड़ 25 लाख रुपये स्वीकृत किए गए। वन विभाग को 1 करोड़ रुपये और उरेड़ा को 1 करोड़ 60 लाख रुपये का प्रावधान किया गया। चिकित्सा विभाग में एलोपैथिक चिकित्सा के लिए 2 करोड़ 88 लाख रुपये आयुर्वेद विभाग के लिए 70 लाख रुपये तथा होम्योपैथिक विभाग के लिए 11 लाख रुपये का परिव्यय अनुमोदित किया गया। वहीं सहकारिता विभाग को 60 लाख रुपये तथा मत्स्य विभाग को 85 लाख रुपये स्वीकृत किए गए। जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी विनय जोशी ने बताया कि इस वर्ष की जिला योजना में 51.91 प्रतिशत धनराशि नए कार्यों के लिए 31.22 प्रतिशत धनराशि वचनबद्ध एवं मानदेय मद में तथा 16.87 प्रतिशत धनराशि स्वरोजगार योजनाओं के लिए निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि जनपद की देनदारियां अपेक्षाकृत कम रही हैं और भविष्य में भी इन्हें न्यूनतम रखने के प्रयास जारी रहेंगे। बैठक में विधायक कर्णप्रयाग अनिल नौटियाल विधायक थराली भूपाल राम टम्टा राज्य मंत्री हरक सिंह जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्त्वाल नगर पालिका अध्यक्ष संदीप रावत डीएफओ सर्वेश दुबे पीडी आनंद सिंह डीडीओ केके पंत सहित जनप्रतिनिधि और सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद चमोली के समग्र और संतुलित विकास को गति देने के उद्देश्य से ग्राम्य विकास लघु एवं सूक्ष्म मध्यम उद्यम खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री तथा जनपद के प्रभारी मंत्री भरत सिंह चौधरी की अध्यक्षता में रविवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला योजना समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 74 करोड़ 23 लाख 70 हजार रुपये की वार्षिक जिला योजना को अनुमोदित किया गया। बैठक से पूर्व जिलाधिकारी गौरव कुमार ने प्रभारी मंत्री का पुष्पगुच्छ एवं शॉल भेंट कर स्वागत किया। प्रभारी मंत्री ने जिला प्रशासन द्वारा जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों को जिला योजना में शामिल किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले वर्ष जनपद में अनेक विकासपरक और जनहितकारी कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हुए हैं तथा आगामी वर्ष की योजना भी जनपद के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। बैठक में लोक निर्माण विभाग पेयजल कृषि उद्यान पशुपालन मत्स्य सिंचाई उरेड़ा पर्यटन खेल एवं युवा कल्याण स्वास्थ्य उद्योग पंचायती राज शिक्षा और बाल विकास विभाग की प्रस्तावित योजनाओं की विभागवार समीक्षा की गई। प्रभारी मंत्री ने निर्देश दिए कि योजनाओं को क्लस्टर आधारित दृष्टिकोण के साथ लागू किया जाए तथा केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के बेहतर समन्वय से अधिकतम लाभ आमजन तक पहुंचाया जाए। उन्होंने अधूरे और गतिमान कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश भी दिए। कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने पर जोर देते हुए उन्होंने कृषि विभाग को किसानों को अच्छी गुणवत्ता के कृषि उपकरण सब्सिडी पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही फसलों को जंगली जानवरों से बचाने के लिए चैन लिंक फेंसिंग को प्राथमिकता देने को कहा। उद्यान विभाग को जनपद में कीवी उत्पादन की संभावनाओं को देखते हुए बड़े क्लस्टर विकसित करने तथा उत्पादन मार्केटिंग और पैकेजिंग व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए ताकि किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ मिल सके। प्रभारी मंत्री ने पशुपालन विभाग को पहाड़ों की अर्थव्यवस्था के लिए गेम चेंजर बताते हुए जिला योजना के माध्यम से बड़े और प्रभावी कार्य किए जाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पशुपालन से ऑर्गेनिक फार्मिंग को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर विकसित होंगे। साथ ही अच्छी नस्ल के पशुओं को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए। उन्होंने मत्स्य पालन डेयरी और सहकारिता क्षेत्रों को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए इन क्षेत्रों में अधिक कार्य करने पर जोर दिया। इस वर्ष जिला योजना में कृषि उद्यान पशुपालन डेयरी और मत्स्य पालन जैसे आजीविका आधारित क्षेत्रों में नवाचार और उत्पादन आधारित कार्यों को विशेष प्राथमिकता दी गई है जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। जिला योजना को भौतिक सामाजिक आजीविका और अन्य चार प्रमुख क्षेत्रों में संतुलित रूप से विभाजित किया गया है। योजना में सड़क पेयजल सिंचाई और ऊर्जा जैसी आधारभूत सुविधाओं के साथ शिक्षा स्वास्थ्य खेल और युवा कल्याण जैसे सामाजिक क्षेत्रों को भी पर्याप्त प्राथमिकता दी गई है। वहीं स्वरोजगार और आजीविका संवर्धन आधारित योजनाओं को विशेष फोकस में रखा गया है। जिला योजना के अंतर्गत लोक निर्माण विभाग को सड़क और पुल निर्माण के लिए 6 करोड़ 25 लाख रुपये राजकीय सिंचाई को 5 करोड़ 80 लाख रुपये लघु सिंचाई को 2 करोड़ 80 लाख रुपये पेयजल संस्थान को 5 करोड़ 20 लाख रुपये तथा पेयजल निगम को 2 करोड़ 40 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसी प्रकार पर्यटन विभाग को 5 करोड़ 10 लाख रुपये प्रादेशिक विकास दल को 4 करोड़ 70 लाख रुपये पशुपालन विभाग को 3 करोड़ 65 लाख रुपये कृषि विभाग को 4 करोड़ 80 लाख रुपये और उद्यान विभाग को 5 करोड़ 5 लाख रुपये का परिव्यय अनुमोदित किया गया। शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रारंभिक शिक्षा हेतु 4 करोड़ 30 लाख रुपये तथा माध्यमिक शिक्षा हेतु 4 करोड़ 25 लाख रुपये स्वीकृत किए गए। वन विभाग को 1 करोड़ रुपये और उरेड़ा को 1 करोड़ 60 लाख रुपये का प्रावधान किया गया। चिकित्सा विभाग में एलोपैथिक चिकित्सा के लिए 2 करोड़ 88 लाख रुपये आयुर्वेद विभाग के लिए 70 लाख रुपये तथा होम्योपैथिक विभाग के लिए 11 लाख रुपये का परिव्यय अनुमोदित किया गया। वहीं सहकारिता विभाग को 60 लाख रुपये तथा मत्स्य विभाग को 85 लाख रुपये स्वीकृत किए गए। जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी विनय जोशी ने बताया कि इस वर्ष की जिला योजना में 51.91 प्रतिशत धनराशि नए कार्यों के लिए 31.22 प्रतिशत धनराशि वचनबद्ध एवं मानदेय मद में तथा 16.87 प्रतिशत धनराशि स्वरोजगार योजनाओं के लिए निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि जनपद की देनदारियां अपेक्षाकृत कम रही हैं और भविष्य में भी इन्हें न्यूनतम रखने के प्रयास जारी रहेंगे। बैठक में विधायक कर्णप्रयाग अनिल नौटियाल विधायक थराली भूपाल राम टम्टा राज्य मंत्री हरक सिंह जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्त्वाल नगर पालिका अध्यक्ष संदीप रावत डीएफओ सर्वेश दुबे पीडी आनंद सिंह डीडीओ केके पंत सहित जनप्रतिनिधि और सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।