प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। मसूरी वन प्रभाग अंतर्गत देवलसारी रेंज की देवलसारी पौधशाला का अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी द्वारा निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पौधशाला में तैयार की जा रही विभिन्न प्रजातियों के पौधों की जानकारी प्राप्त की गई तथा प्रजातिवार विवरण का अवलोकन किया गया। अपर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जंगलों में बांज देवदार बिमल जैसे वृक्षों का अधिकाधिक रोपण किया जाए क्योंकि ये जल संरक्षण मृदा संरक्षण एवं पशुओं के लिए चारा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। साथ ही वन क्षेत्रों में फलदार वृक्षों का भी रोपण किया जाए ताकि जंगली जानवरों को जंगलों में ही भोजन उपलब्ध हो सके और वे भोजन की तलाश में शहरों की ओर न आएं। उन्होंने जन-जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि वृक्षारोपण एवं वन संरक्षण अभियानों में स्थानीय लोगों की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाए, जिससे पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी विकसित हो सके। एडीएम ने पौधशाला में पौध उत्पादन संरक्षण एवं रखरखाव संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण पौध तैयार करने एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रभावी कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने पौधशाला में उपलब्ध पौधों की विविधता एवं वन विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। निरीक्षण के दौरान उदय गौड़ एसडीओ फॉरेस्ट विपिन बिजल्वाण रेंजर शूरवीर सिंह तोमर डिप्टी रेंजर एवं वीरेंद्र गौड़ वन बीट अधिकारी उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। मसूरी वन प्रभाग अंतर्गत देवलसारी रेंज की देवलसारी पौधशाला का अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी द्वारा निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पौधशाला में तैयार की जा रही विभिन्न प्रजातियों के पौधों की जानकारी प्राप्त की गई तथा प्रजातिवार विवरण का अवलोकन किया गया। अपर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जंगलों में बांज देवदार बिमल जैसे वृक्षों का अधिकाधिक रोपण किया जाए क्योंकि ये जल संरक्षण मृदा संरक्षण एवं पशुओं के लिए चारा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। साथ ही वन क्षेत्रों में फलदार वृक्षों का भी रोपण किया जाए ताकि जंगली जानवरों को जंगलों में ही भोजन उपलब्ध हो सके और वे भोजन की तलाश में शहरों की ओर न आएं। उन्होंने जन-जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि वृक्षारोपण एवं वन संरक्षण अभियानों में स्थानीय लोगों की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाए, जिससे पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी विकसित हो सके। एडीएम ने पौधशाला में पौध उत्पादन संरक्षण एवं रखरखाव संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण पौध तैयार करने एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रभावी कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने पौधशाला में उपलब्ध पौधों की विविधता एवं वन विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। निरीक्षण के दौरान उदय गौड़ एसडीओ फॉरेस्ट विपिन बिजल्वाण रेंजर शूरवीर सिंह तोमर डिप्टी रेंजर एवं वीरेंद्र गौड़ वन बीट अधिकारी उपस्थित रहे।