प्रदीप कुमार
पुपोला-देवप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। वन अग्नि की हृदयविदारक घटना में ग्रामसभा पेंडुला के पुपोला गांव की एक महिला की असमय मौत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। इस दर्दनाक हादसे ने गांव सहित आसपास के लोगों को भी गहरे सदमे में डाल दिया है। परिवार पर टूटे इस दुख के पहाड़ को लेकर क्षेत्र में हर कोई संवेदना व्यक्त कर रहा है। घटना के बाद क्षेत्रीय विधायक विनोद कंडारी पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। इस दौरान उन्होंने परिवार को चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि भी सौंपी। विधायक ने कहा कि यह क्षति अपूरणीय है और एक मां का साया खोने का दुख कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में पूरा क्षेत्र पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है और हरसंभव सहयोग दिया जाएगा। विधायक ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए ईश्वर से परिवार को दुख सहने की शक्ति प्रदान करने की कामना की। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने भी घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की। वन अग्नि की घटनाओं को रोकने और लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं से बचा जा सके।
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प्रदीप कुमार
पुपोला-देवप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। वन अग्नि की हृदयविदारक घटना में ग्रामसभा पेंडुला के पुपोला गांव की एक महिला की असमय मौत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। इस दर्दनाक हादसे ने गांव सहित आसपास के लोगों को भी गहरे सदमे में डाल दिया है। परिवार पर टूटे इस दुख के पहाड़ को लेकर क्षेत्र में हर कोई संवेदना व्यक्त कर रहा है। घटना के बाद क्षेत्रीय विधायक विनोद कंडारी पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। इस दौरान उन्होंने परिवार को चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि भी सौंपी। विधायक ने कहा कि यह क्षति अपूरणीय है और एक मां का साया खोने का दुख कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में पूरा क्षेत्र पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है और हरसंभव सहयोग दिया जाएगा। विधायक ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए ईश्वर से परिवार को दुख सहने की शक्ति प्रदान करने की कामना की। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों ने भी घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की। वन अग्नि की घटनाओं को रोकने और लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं से बचा जा सके।