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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। हरिद्वार जनपद को स्वच्छ और जलभराव मुक्त बनाने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित द्वारा दिए गए निर्देशों का असर अब जमीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार जनपद के सभी क्षेत्रों में नालों और नालियों की सफाई का कार्य तेज गति से कराया जा रहा है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि मानसून से पहले जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि किसी भी क्षेत्र में जलभराव की समस्या उत्पन्न न हो। इन निर्देशों के अनुपालन में संबंधित विभागों और अधिकारियों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में सफाई कार्य में तेजी लाई गई है। जनपद में चल रहे स्वच्छता अभियान के तहत कूड़ा उठान और ठोस अपशिष्ट के निस्तारण के साथ अब तीसरे चरण में नालों और नालियों की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके तहत सभी नगर निकायों और ग्रामीण क्षेत्रों में खंड विकास अधिकारियों को नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि समय रहते नालों और नालियों की सफाई नहीं होने पर जलभराव की समस्या बढ़ जाती है। इसके साथ ही कीट-पतंगों और जलजनित रोगों के कारण डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि पूर्व में आयोजित बैठक में दिए गए निर्देशों का प्रभाव अब जमीनी स्तर पर साफ दिखाई दे रहा है। जनपद के खानपुर नारसन रुड़की नगर निगम हरिद्वार बीएचईएल सहित विभिन्न क्षेत्रों में बड़े स्तर पर नालियों की सफाई कराई गई है। इस कार्य की स्थानीय लोगों द्वारा सराहना की जा रही है। लोगों का कहना है कि मानसून से पहले इस प्रकार का व्यापक सफाई अभियान पहले देखने को नहीं मिला। वर्तमान समय में नालों और नालियों में पानी की मात्रा कम होने के कारण सफाई कार्य के लिए यह उपयुक्त समय है जिससे कार्य को प्रभावी ढंग से पूरा किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पंचायत स्तर पर खंड विकास अधिकारी और सहायक विकास अधिकारी नियमित निगरानी सुनिश्चित करें।

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