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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद में विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने ग्राम पंचायत अकोढ़ा खुर्द विकासखंड लक्सर में सामने आई वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। जांच में अनियमितताएं पाए जाने पर ग्राम प्रधान बसंती देवी को पद से हटाने के आदेश जारी किए गए हैं। ग्राम पंचायत अकोढ़ा खुर्द की कश्यप बस्ती में सीसी सड़क निर्माण में घटिया सामग्री इस्तेमाल किए जाने की शिकायत मिलने पर जांच कराई गई। सहायक जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा उपलब्ध कराई गई जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला पंचायत राज अधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी हरिद्वार को जांच अधिकारी नामित किया था। जांच के दौरान ग्राम पंचायत के अभिलेखों वित्तीय लेन-देन विकास कार्यों की गुणवत्ता और योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत जांच की गई। जांच में सामने आया कि ग्राम पंचायत में विशेष रूप से सीसी सड़क निर्माण कार्यों में गंभीर अनियमितताएं की गईं। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की कमी निर्धारित मानकों का पालन न करना और सड़क किनारे नाली निर्माण में तकनीकी खामियां पाई गईं। इसके अलावा कई स्थानों पर एक ही सड़क को अलग-अलग दर्शाकर भुगतान किए जाने के मामले भी सामने आए। जांच में यह भी पाया गया कि ग्राम पंचायत के महत्वपूर्ण अभिलेख समय पर प्रस्तुत नहीं किए गए। बैंक पासबुक कैशबुक स्टॉक रजिस्टर कार्य पंजिका और वर्ष 2022-23 तथा 2023-24 से संबंधित कई अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए गए। इससे अभिलेखों के रखरखाव में गंभीर लापरवाही उजागर हुई। ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर दर्ज सूचनाओं और वास्तविक कार्यों के बीच भी भारी अंतर पाया गया। कई कार्य वित्तीय वर्ष 2023-24 में दर्शाए गए जबकि उनका भुगतान और क्रियान्वयन बाद में किया गया। योजनाओं के चयन और अनुमोदन में भी निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ निर्माण कार्य निजी व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से कराए गए जिनमें सार्वजनिक हित की अनदेखी की गई। कई सड़कें निजी भूमि और व्यक्तिगत पहुंच मार्ग के रूप में बनाई गईं जो नियमों के विपरीत पाया गया। प्रकरण में ग्राम प्रधान बसंती देवी को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया। उनके द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया और आरोपों का उचित जवाब नहीं दिया जा सका। जांच में ग्राम निधि के दुरुपयोग और योजनाओं के क्रियान्वयन में अनियमितता की पुष्टि हुई। इसके साथ ही ग्राम पंचायत विकास अधिकारी शंकरदीप की भूमिका भी अभिलेखों के रखरखाव और प्रस्तुतिकरण में लापरवाही के रूप में सामने आई। अन्य संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी में कमी के रूप में पाई गई है। जिलाधिकारी ने उत्तराखंड पंचायतीराज अधिनियम 2016 के तहत कार्रवाई करते हुए ग्राम प्रधान बसंती देवी को पद से हटाने के आदेश जारी किए हैं। साथ ही वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित धनराशि की वसूली की कार्रवाई भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। मामले में शामिल अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने स्पष्ट कहा कि जनपद में विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही अनियमितता या भ्रष्टाचार को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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