प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। श्री हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर बीती रात से लगातार हुई भारी बर्फबारी के कारण पूरा पैदल मार्ग बर्फ से ढक गया। कई स्थानों पर रास्ता बेहद फिसलन भरा और खतरनाक हो गया जिससे श्रद्धालुओं को आगे बढ़ने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालात ऐसे बन गए कि कई श्रद्धालु डर के कारण रास्ते में रुक गए। स्थिति की जानकारी मिलते ही घांघरिया चौकी प्रभारी अमनदीप सिंह ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया। वह अपनी पुलिस टीम के साथ बर्फबारी के बीच यात्रा मार्ग पर पहुंचे और श्रद्धालुओं की मदद शुरू कर दी। चौकी प्रभारी अमनदीप सिंह ने केवल निगरानी तक खुद को सीमित नहीं रखा बल्कि स्वयं श्रद्धालुओं के बीच पहुंचकर उनका हाथ थामते हुए सुरक्षित रास्ता पार कराया। फिसलन भरे और जोखिम वाले स्थानों पर वह श्रद्धालुओं के साथ कदम से कदम मिलाकर चलते रहे और उन्हें लगातार हिम्मत बंधाते रहे। बुजुर्गों महिलाओं और बच्चों को विशेष सहायता प्रदान करते हुए पुलिस टीम ने यह सुनिश्चित किया कि कोई भी श्रद्धालु असुरक्षित महसूस न करे। कड़ाके की ठंड लगातार बर्फबारी और कठिन परिस्थितियों के बावजूद अमनदीप सिंह और उनकी टीम कई घंटों तक यात्रा मार्ग पर डटे रहे। उनके इस मानवीय और समर्पित प्रयास से श्रद्धालुओं को न केवल राहत मिली बल्कि सुरक्षा और भरोसे का एहसास भी हुआ। श्रद्धालुओं ने घांघरिया पुलिस और चौकी प्रभारी अमनदीप सिंह के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि कठिन समय में पुलिस ने संरक्षक की भूमिका निभाते हुए उन्हें सुरक्षित मंजिल तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
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प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। श्री हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर बीती रात से लगातार हुई भारी बर्फबारी के कारण पूरा पैदल मार्ग बर्फ से ढक गया। कई स्थानों पर रास्ता बेहद फिसलन भरा और खतरनाक हो गया जिससे श्रद्धालुओं को आगे बढ़ने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालात ऐसे बन गए कि कई श्रद्धालु डर के कारण रास्ते में रुक गए। स्थिति की जानकारी मिलते ही घांघरिया चौकी प्रभारी अमनदीप सिंह ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया। वह अपनी पुलिस टीम के साथ बर्फबारी के बीच यात्रा मार्ग पर पहुंचे और श्रद्धालुओं की मदद शुरू कर दी। चौकी प्रभारी अमनदीप सिंह ने केवल निगरानी तक खुद को सीमित नहीं रखा बल्कि स्वयं श्रद्धालुओं के बीच पहुंचकर उनका हाथ थामते हुए सुरक्षित रास्ता पार कराया। फिसलन भरे और जोखिम वाले स्थानों पर वह श्रद्धालुओं के साथ कदम से कदम मिलाकर चलते रहे और उन्हें लगातार हिम्मत बंधाते रहे। बुजुर्गों महिलाओं और बच्चों को विशेष सहायता प्रदान करते हुए पुलिस टीम ने यह सुनिश्चित किया कि कोई भी श्रद्धालु असुरक्षित महसूस न करे। कड़ाके की ठंड लगातार बर्फबारी और कठिन परिस्थितियों के बावजूद अमनदीप सिंह और उनकी टीम कई घंटों तक यात्रा मार्ग पर डटे रहे। उनके इस मानवीय और समर्पित प्रयास से श्रद्धालुओं को न केवल राहत मिली बल्कि सुरक्षा और भरोसे का एहसास भी हुआ। श्रद्धालुओं ने घांघरिया पुलिस और चौकी प्रभारी अमनदीप सिंह के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि कठिन समय में पुलिस ने संरक्षक की भूमिका निभाते हुए उन्हें सुरक्षित मंजिल तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।