प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह के प्रयासों से 30 मई 2026 को 15वीं वाहिनी राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम द्वारा पुलिस लाइन प्रशिक्षण केंद्र रोशनाबाद में एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में प्रशिक्षणाधीन रिक्रूट आरक्षियों को आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों की महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान आरक्षियों को आपदाग्रस्त क्षेत्रों में फंसे लोगों तक पहुंच बनाने राहत सामग्री पहुंचाने लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने तथा आवश्यकता पड़ने पर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने के संबंध में व्यावहारिक और सैद्धांतिक प्रशिक्षण दिया गया। उत्तराखंड का अधिकांश क्षेत्र पर्वतीय और आपदा की दृष्टि से संवेदनशील होने के कारण भविष्य में पुलिस की जिम्मेदारी संभालने वाले रिक्रूट आरक्षियों के लिए नियमित पुलिस प्रशिक्षण के साथ-साथ आपदा प्रबंधन का यह प्रशिक्षण अत्यंत उपयोगी और महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कार्यशाला के दौरान प्रशिक्षुओं को आपदा के समय उपयोग में आने वाले विभिन्न उपकरणों की कार्यप्रणाली से भी अवगत कराया गया। उन्हें उपकरणों के सुरक्षित उपयोग उनके रखरखाव तथा उपकरणों में किसी प्रकार की तकनीकी समस्या आने पर तत्काल समाधान के तरीकों की भी जानकारी दी गई। एनडीआरएफ टीम ने प्रशिक्षणार्थियों को विभिन्न बचाव तकनीकों का प्रदर्शन कराते हुए आपदा की स्थिति में त्वरित, सुरक्षित और प्रभावी कार्रवाई के गुर सिखाए। प्रशिक्षण में रिक्रूट आरक्षियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए आपदा राहत एवं बचाव कार्यों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।
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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह के प्रयासों से 30 मई 2026 को 15वीं वाहिनी राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम द्वारा पुलिस लाइन प्रशिक्षण केंद्र रोशनाबाद में एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में प्रशिक्षणाधीन रिक्रूट आरक्षियों को आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों की महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान आरक्षियों को आपदाग्रस्त क्षेत्रों में फंसे लोगों तक पहुंच बनाने राहत सामग्री पहुंचाने लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने तथा आवश्यकता पड़ने पर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने के संबंध में व्यावहारिक और सैद्धांतिक प्रशिक्षण दिया गया। उत्तराखंड का अधिकांश क्षेत्र पर्वतीय और आपदा की दृष्टि से संवेदनशील होने के कारण भविष्य में पुलिस की जिम्मेदारी संभालने वाले रिक्रूट आरक्षियों के लिए नियमित पुलिस प्रशिक्षण के साथ-साथ आपदा प्रबंधन का यह प्रशिक्षण अत्यंत उपयोगी और महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कार्यशाला के दौरान प्रशिक्षुओं को आपदा के समय उपयोग में आने वाले विभिन्न उपकरणों की कार्यप्रणाली से भी अवगत कराया गया। उन्हें उपकरणों के सुरक्षित उपयोग उनके रखरखाव तथा उपकरणों में किसी प्रकार की तकनीकी समस्या आने पर तत्काल समाधान के तरीकों की भी जानकारी दी गई। एनडीआरएफ टीम ने प्रशिक्षणार्थियों को विभिन्न बचाव तकनीकों का प्रदर्शन कराते हुए आपदा की स्थिति में त्वरित, सुरक्षित और प्रभावी कार्रवाई के गुर सिखाए। प्रशिक्षण में रिक्रूट आरक्षियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए आपदा राहत एवं बचाव कार्यों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।