प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। आगामी मानसून सत्र को देखते हुए जनपद टिहरी गढ़वाल में संभावित प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने तथा ग्रामीण स्तर पर त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से टिहरी पुलिस द्वारा लगातार जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे के निर्देशन में ग्राम प्रहरियों को आपदा राहत एवं बचाव संबंधी विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के आदेश अपर पुलिस अधीक्षक के निर्देश तथा क्षेत्राधिकारी टिहरी के पर्यवेक्षण में 07 जून 2026 को एसडीआरएफ यूनिट घनसाली द्वारा थाना घनसाली क्षेत्र में तैनात ग्राम प्रहरियों के लिए विशेष आपदा राहत एवं बचाव प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन क्षमता को मजबूत बनाना और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई के लिए स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना था। प्रशिक्षण के दौरान ग्राम प्रहरियों को मानसून के समय होने वाली भूस्खलन अतिवृष्टि सड़क अवरोध नदी-नालों में जलस्तर बढ़ने तथा अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सुरक्षित और त्वरित कार्रवाई करने की जानकारी दी गई। साथ ही आपदा प्रभावित और घायल व्यक्तियों को प्राथमिक उपचार मिलने से पूर्व बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों तथा उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। एसडीआरएफ टीम ने ग्राम प्रहरियों को सीपीआर देने की विधि आपातकालीन परिस्थितियों में जीवन रक्षक उपाय घायल व्यक्तियों के सुरक्षित रेस्क्यू रॉप क्लाइम्बिंग और रैपलिंग जैसी महत्वपूर्ण तकनीकों का प्रशिक्षण प्रदान किया। इसके अतिरिक्त वुड कटर और कंक्रीट कटर जैसे उपकरणों के सुरक्षित संचालन उपयोग और उनसे संबंधित सुरक्षा मानकों की भी जानकारी दी गई। बरसात के मौसम में सांप और बिच्छू के काटने की घटनाओं की संभावना को देखते हुए ग्राम प्रहरियों को ऐसे मामलों में तत्काल बरती जाने वाली सावधानियों प्रभावित व्यक्ति की प्राथमिक देखभाल तथा समय पर चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराने के संबंध में भी विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान ग्राम प्रहरियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए आपदा प्रबंधन और राहत एवं बचाव कार्यों से जुड़ी विभिन्न तकनीकों का अभ्यास किया। अधिकारियों ने बताया कि प्रशिक्षित ग्राम प्रहरी आपदा की स्थिति में प्रशासन और राहत एजेंसियों के सहयोगी के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगे। टिहरी गढ़वाल पुलिस और एसडीआरएफ का मानना है कि ग्रामीण स्तर पर जागरूकता और प्रशिक्षण से आपदाओं के दौरान जनहानि और संपत्ति के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसी उद्देश्य से भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी और सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे ताकि आपदा के समय त्वरित और प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किए जा सकें।
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प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। आगामी मानसून सत्र को देखते हुए जनपद टिहरी गढ़वाल में संभावित प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने तथा ग्रामीण स्तर पर त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से टिहरी पुलिस द्वारा लगातार जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे के निर्देशन में ग्राम प्रहरियों को आपदा राहत एवं बचाव संबंधी विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के आदेश अपर पुलिस अधीक्षक के निर्देश तथा क्षेत्राधिकारी टिहरी के पर्यवेक्षण में 07 जून 2026 को एसडीआरएफ यूनिट घनसाली द्वारा थाना घनसाली क्षेत्र में तैनात ग्राम प्रहरियों के लिए विशेष आपदा राहत एवं बचाव प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन क्षमता को मजबूत बनाना और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई के लिए स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना था। प्रशिक्षण के दौरान ग्राम प्रहरियों को मानसून के समय होने वाली भूस्खलन अतिवृष्टि सड़क अवरोध नदी-नालों में जलस्तर बढ़ने तथा अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सुरक्षित और त्वरित कार्रवाई करने की जानकारी दी गई। साथ ही आपदा प्रभावित और घायल व्यक्तियों को प्राथमिक उपचार मिलने से पूर्व बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों तथा उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। एसडीआरएफ टीम ने ग्राम प्रहरियों को सीपीआर देने की विधि आपातकालीन परिस्थितियों में जीवन रक्षक उपाय घायल व्यक्तियों के सुरक्षित रेस्क्यू रॉप क्लाइम्बिंग और रैपलिंग जैसी महत्वपूर्ण तकनीकों का प्रशिक्षण प्रदान किया। इसके अतिरिक्त वुड कटर और कंक्रीट कटर जैसे उपकरणों के सुरक्षित संचालन उपयोग और उनसे संबंधित सुरक्षा मानकों की भी जानकारी दी गई। बरसात के मौसम में सांप और बिच्छू के काटने की घटनाओं की संभावना को देखते हुए ग्राम प्रहरियों को ऐसे मामलों में तत्काल बरती जाने वाली सावधानियों प्रभावित व्यक्ति की प्राथमिक देखभाल तथा समय पर चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराने के संबंध में भी विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान ग्राम प्रहरियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए आपदा प्रबंधन और राहत एवं बचाव कार्यों से जुड़ी विभिन्न तकनीकों का अभ्यास किया। अधिकारियों ने बताया कि प्रशिक्षित ग्राम प्रहरी आपदा की स्थिति में प्रशासन और राहत एजेंसियों के सहयोगी के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगे। टिहरी गढ़वाल पुलिस और एसडीआरएफ का मानना है कि ग्रामीण स्तर पर जागरूकता और प्रशिक्षण से आपदाओं के दौरान जनहानि और संपत्ति के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसी उद्देश्य से भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी और सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे ताकि आपदा के समय त्वरित और प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किए जा सकें।