प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में जिला सभागार में राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत डेंगू और मलेरिया की रोकथाम नियंत्रण तथा पूर्व तैयारियों को लेकर अंतर्विभागीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी संक्रमण काल को देखते हुए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर प्रभावी कार्ययोजना के क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.अभिषेक गुप्ता ने बताया कि डेंगू एडीज मच्छर के काटने से फैलने वाला रोग है जिसका संक्रमण काल सामान्य रूप से जुलाई से नवंबर तक रहता है। उन्होंने बताया कि जनपद में डेंगू रोगियों के उपचार के लिए 25 आइसोलेटेड बेड की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही मच्छरदानियों सहित सभी आवश्यक चिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली गई है ताकि संक्रमण बढ़ने की स्थिति में मरीजों को बेहतर उपचार मिल सके। बैठक में जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए डेंगू और मलेरिया नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीण विकास पंचायती राज नगर निकाय जल संस्थान सिंचाई शिक्षा महिला एवं बाल विकास आपदा प्रबंधन समेत 15 विभागों को स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर जनजागरूकता और रोकथाम संबंधी गतिविधियों को प्राथमिकता देने को कहा। जिलाधिकारी ने डेंगू के प्रजनन स्थलों की पहचान कर उन्हें तत्काल नष्ट करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि कूलर पुराने टायर गमले पानी की टंकियां खुले बर्तन तथा अन्य स्थानों पर जमा स्वच्छ पानी में मच्छरों का लार्वा विकसित न होने दिया जाए। इसके लिए नियमित निरीक्षण अभियान चलाकर संभावित स्थलों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने नगर निकायों और संबंधित विभागों को विशेष स्वच्छता अभियान संचालित करने तथा नियमित फॉगिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। नगर निकायों को जून से सितंबर तक निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार फॉगिंग अभियान चलाने और कूड़ा डंपिंग स्थलों पर नियमित रूप से कीटनाशक छिड़काव कराने के लिए कहा गया। मुख्य शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया गया कि सभी विद्यालयों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाए। विद्यालय परिसरों एवं आसपास जलभराव न होने दिया जाए तथा विद्यार्थियों को डेंगू और मलेरिया से बचाव के उपायों की जानकारी देने के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। साथ ही विद्यालयों में मच्छरों से सुरक्षा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों की रोकथाम केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि इसके लिए सभी विभागों और आमजन की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसहभागिता बढ़ाने के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाए जाएं ताकि संक्रमण को प्रारंभिक स्तर पर ही नियंत्रित किया जा सके। बैठक में पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार मुख्य विकास अधिकारी डॉ.अभिषेक त्रिपाठी उप जिलाधिकारी राजकुमार पांडे मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.अभिषेक गुप्ता जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नन्द किशोर जोशी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में जिला सभागार में राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत डेंगू और मलेरिया की रोकथाम नियंत्रण तथा पूर्व तैयारियों को लेकर अंतर्विभागीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी संक्रमण काल को देखते हुए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर प्रभावी कार्ययोजना के क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.अभिषेक गुप्ता ने बताया कि डेंगू एडीज मच्छर के काटने से फैलने वाला रोग है जिसका संक्रमण काल सामान्य रूप से जुलाई से नवंबर तक रहता है। उन्होंने बताया कि जनपद में डेंगू रोगियों के उपचार के लिए 25 आइसोलेटेड बेड की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही मच्छरदानियों सहित सभी आवश्यक चिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली गई है ताकि संक्रमण बढ़ने की स्थिति में मरीजों को बेहतर उपचार मिल सके। बैठक में जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए डेंगू और मलेरिया नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीण विकास पंचायती राज नगर निकाय जल संस्थान सिंचाई शिक्षा महिला एवं बाल विकास आपदा प्रबंधन समेत 15 विभागों को स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर जनजागरूकता और रोकथाम संबंधी गतिविधियों को प्राथमिकता देने को कहा। जिलाधिकारी ने डेंगू के प्रजनन स्थलों की पहचान कर उन्हें तत्काल नष्ट करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि कूलर पुराने टायर गमले पानी की टंकियां खुले बर्तन तथा अन्य स्थानों पर जमा स्वच्छ पानी में मच्छरों का लार्वा विकसित न होने दिया जाए। इसके लिए नियमित निरीक्षण अभियान चलाकर संभावित स्थलों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने नगर निकायों और संबंधित विभागों को विशेष स्वच्छता अभियान संचालित करने तथा नियमित फॉगिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। नगर निकायों को जून से सितंबर तक निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार फॉगिंग अभियान चलाने और कूड़ा डंपिंग स्थलों पर नियमित रूप से कीटनाशक छिड़काव कराने के लिए कहा गया। मुख्य शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया गया कि सभी विद्यालयों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाए। विद्यालय परिसरों एवं आसपास जलभराव न होने दिया जाए तथा विद्यार्थियों को डेंगू और मलेरिया से बचाव के उपायों की जानकारी देने के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। साथ ही विद्यालयों में मच्छरों से सुरक्षा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों की रोकथाम केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि इसके लिए सभी विभागों और आमजन की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसहभागिता बढ़ाने के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाए जाएं ताकि संक्रमण को प्रारंभिक स्तर पर ही नियंत्रित किया जा सके। बैठक में पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार मुख्य विकास अधिकारी डॉ.अभिषेक त्रिपाठी उप जिलाधिकारी राजकुमार पांडे मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.अभिषेक गुप्ता जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नन्द किशोर जोशी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।