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प्रदीप कुमार
कलियर-हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। कोतवाली कलियर क्षेत्र से सात माह के मासूम बच्चे के चोरी होने के मामले का हरिद्वार पुलिस ने मात्र चार दिन के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस ने अपहृत बच्चे को सकुशल बरामद करते हुए एक दिव्यांग महिला और उसके साथी को गिरफ्तार किया है। बच्चे को भीख मांगने के दौरान अधिक पैसे प्राप्त करने के लालच में चोरी किया गया था। जानकारी के अनुसार 7 जून 2026 को कलसूम खातून पत्नी मोहम्मद नजीर निवासी जिला सीतामढ़ी बिहार हाल निवासी दरगाह परिसर कलियर ने पुलिस को सूचना दी कि नमाज अदा करने के दौरान उसका सात माह का नाती मोहम्मद अली रजा दरगाह परिसर से लापता हो गया है। सूचना मिलते ही कोतवाली कलियर में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। शिकायतकर्ता महिला अपनी मानसिक रूप से अस्वस्थ पुत्री रजिया खातून पुत्र खुशराज तथा सात माह के नाती मोहम्मद अली रजा के साथ पिछले करीब नौ माह से कलियर की नई बस्ती में किराये पर रह रही थी और प्रतिदिन दरगाह में हाजिरी के लिए आती थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह के निर्देश पर विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। गठित टीम ने दरगाह परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति बच्चे को गोद में लेकर जाता हुआ दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस ने संभावित मार्गों की जांच की और एक दिव्यांग महिला तथा संदिग्ध युवक की पहचान कर स्थानीय लोगों से जानकारी जुटाई। साथ ही सोशल मीडिया और मुखबिर तंत्र की भी मदद ली गई। जांच के दौरान मिले तथ्यों को जोड़ते हुए पुलिस टीम ने 11 जून 2026 को मुखबिर की सूचना पर लक्सर रेलवे स्टेशन के पास एक दिव्यांग महिला और समीर नामक युवक को बच्चे के साथ भीख मांगते हुए पकड़ लिया। महिला की बैसाखियों और बच्चे के दोनों हाथों में छह-छह उंगलियां होने के आधार पर पुलिस ने उसकी पहचान सुनिश्चित की। इसके बाद दोनों को हिरासत में लेकर अपहृत बालक मोहम्मद अली रजा को सकुशल बरामद कर लिया गया। पूछताछ में दिव्यांग महिला ने बताया कि वह बचपन से पोलियो से पीड़ित है और करीब 20 वर्ष पहले पति की मृत्यु के बाद भीख मांगकर जीवन यापन कर रही थी। करीब दो वर्ष पहले उसकी मुलाकात समीर उर्फ सोनू उर्फ बड़ा से हुई थी। समीर ने उसे बताया कि पिरान कलियर दरगाह में भीख मांगने पर अधिक पैसे मिलते हैं। दोनों कलियर में भीख मांगने लगे। इस दौरान उन्होंने देखा कि छोटे बच्चों को गोद में लेकर भीख मांगने वालों को अधिक पैसे मिलते हैं। इसके बाद दोनों ने बच्चे का अपहरण करने की योजना बनाई। योजना के तहत दोनों ने करीब एक सप्ताह तक एक मानसिक रूप से कमजोर महिला और उसके बच्चे पर नजर रखी। 7 जून 2026 को समीर ने मौका पाकर दरगाह परिसर से बच्चे का अपहरण कर लिया और उसे लेकर लंढौरा पहुंच गया। दोनों का उद्देश्य बच्चे को गोद में लेकर भीख मांगकर अधिक पैसे कमाना था लेकिन हरिद्वार पुलिस की सतर्कता और लगातार प्रयासों ने उनकी योजना को विफल कर दिया और मासूम को उसकी मां की गोद में सुरक्षित वापस पहुंचा दिया। पुलिस ने समीर उर्फ सोनू उर्फ बड़ा पुत्र नूर आलम निवासी गोल्डन कॉलोनी लंढौरा कोतवाली मंगलौर जनपद हरिद्वार उम्र 22 वर्ष तथा एक 45 वर्षीय महिला को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों के विरुद्ध अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस टीम पुलिस उपाधीक्षक दिव्येश उपाध्याय प्रभारी कोतवाली कलियर निरीक्षक कमल मोहन भंडारी सीओ कार्यालय भगवानपुर निरीक्षक रविंद्र शाह एसओजी रुड़की वरिष्ठ उपनिरीक्षक राजेश बिष्ट कोतवाली कलियर उपनिरीक्षक शहजाद अली कोतवाली कलियर उपनिरीक्षक विनोद गोला विवेचक सहायक उपनिरीक्षक अश्वनी यादव एसओजी रुड़की हेड कांस्टेबल सोनू कुमार कोतवाली कलियर हेड कांस्टेबल इसरार अली कोतवाली कलियर हेड कांस्टेबल मनमोहन एसओजी रुड़की कांस्टेबल आबिद अली कोतवाली कलियर महिला कांस्टेबल सोफिया अंसारी कोतवाली कलियर कांस्टेबल राहुल कुमार एसओजी रुड़की कांस्टेबल महिपाल एसओजी रुड़की कांस्टेबल अजय काला एसओजी रुड़की कांस्टेबल वसीम खान एसओजी हरिद्वार।

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