प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सिविल जज (सीनियर डिवीजन) नाज़िश कलीम ने शुक्रवार को राजकीय बाल संप्रेषण गृह (किशोर) गडोली में आयोजित किशोर न्याय बोर्ड की मासिक बैठक में प्रतिभाग किया। बैठक में किशोर न्याय से जुड़े विभिन्न मामलों की समीक्षा करते हुए लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण तथा किशोरों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक के दौरान सचिव ने किशोरों के पुनर्वास एवं सुधारात्मक उपायों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किशोरों के सर्वांगीण विकास और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रभावी पुनर्वास योजनाओं का क्रियान्वयन आवश्यक है। इस दौरान बाल संप्रेषण गृह की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया तथा वहां संचालित विधिक सहायता केंद्र का भी जायजा लिया गया। उन्होंने पात्र किशोरों को समय-समय पर निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इस अवसर पर राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की मादक पदार्थ जागरूकता एवं कल्याण मार्गदर्शन योजना-2025 के अंतर्गत एक विधिक जागरूकता शिविर का भी आयोजन किया गया। शिविर में किशोरों को नशे के दुष्प्रभावों मादक पदार्थों से होने वाले नुकसान उनके विधिक अधिकारों तथा निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। वक्ताओं ने किशोरों को नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव नाज़िश कलीम ने आगामी अंतरराष्ट्रीय मादक द्रव्य दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए युवाओं से नशे के प्रति जागरूक रहने और समाज में भी इसके खिलाफ जनजागरूकता फैलाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशा न केवल व्यक्ति बल्कि परिवार और समाज को भी प्रभावित करता है इसलिए इससे बचाव के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। बैठक एवं जागरूकता कार्यक्रम में किशोर न्याय बोर्ड के प्रधान मजिस्ट्रेट रिजवान अंसारी जिला परिवीक्षा कार्यालय से प्रवीण कुमार अधीक्षिका मीना नेगी पैरा विधिक स्वयंसेवक अवतार सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान किशोरों को उनके अधिकारों कर्तव्यों तथा समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए भी प्रेरित किया गया।
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प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सिविल जज (सीनियर डिवीजन) नाज़िश कलीम ने शुक्रवार को राजकीय बाल संप्रेषण गृह (किशोर) गडोली में आयोजित किशोर न्याय बोर्ड की मासिक बैठक में प्रतिभाग किया। बैठक में किशोर न्याय से जुड़े विभिन्न मामलों की समीक्षा करते हुए लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण तथा किशोरों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक के दौरान सचिव ने किशोरों के पुनर्वास एवं सुधारात्मक उपायों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किशोरों के सर्वांगीण विकास और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रभावी पुनर्वास योजनाओं का क्रियान्वयन आवश्यक है। इस दौरान बाल संप्रेषण गृह की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया तथा वहां संचालित विधिक सहायता केंद्र का भी जायजा लिया गया। उन्होंने पात्र किशोरों को समय-समय पर निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इस अवसर पर राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की मादक पदार्थ जागरूकता एवं कल्याण मार्गदर्शन योजना-2025 के अंतर्गत एक विधिक जागरूकता शिविर का भी आयोजन किया गया। शिविर में किशोरों को नशे के दुष्प्रभावों मादक पदार्थों से होने वाले नुकसान उनके विधिक अधिकारों तथा निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। वक्ताओं ने किशोरों को नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव नाज़िश कलीम ने आगामी अंतरराष्ट्रीय मादक द्रव्य दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए युवाओं से नशे के प्रति जागरूक रहने और समाज में भी इसके खिलाफ जनजागरूकता फैलाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशा न केवल व्यक्ति बल्कि परिवार और समाज को भी प्रभावित करता है इसलिए इससे बचाव के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। बैठक एवं जागरूकता कार्यक्रम में किशोर न्याय बोर्ड के प्रधान मजिस्ट्रेट रिजवान अंसारी जिला परिवीक्षा कार्यालय से प्रवीण कुमार अधीक्षिका मीना नेगी पैरा विधिक स्वयंसेवक अवतार सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान किशोरों को उनके अधिकारों कर्तव्यों तथा समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए भी प्रेरित किया गया।