प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। द गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर लैंसडाउन में आयोजित एक औपचारिक दीक्षांत समारोह में हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय द्वारा 238 अग्निवीरों को ‘डिप्लोमा इन डिफेंस एंड सिक्योरिटी मैनेजमेंट प्रदान किया गया। यह कार्यक्रम अग्निवीरों की शैक्षणिक योग्यता व्यावसायिक दक्षता और भविष्य की रोजगार संभावनाओं को सशक्त बनाने की दिशा में गढ़वाल राइफल्स एवं विश्वविद्यालय के संयुक्त प्रयास का महत्वपूर्ण परिणाम माना जा रहा है। इस अवसर पर बताया गया कि डिप्लोमा पाठ्यक्रम को रक्षा अध्ययन सुरक्षा प्रबंधन नेतृत्व कौशल आपदा प्रतिक्रिया संचार दक्षता तथा समकालीन सुरक्षा चुनौतियों से संबंधित बुनियादी एवं व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। कार्यक्रम के माध्यम से अग्निवीरों को सैन्य प्रशिक्षण के साथ-साथ अकादमिक ज्ञान से भी सशक्त किया गया है जिससे वे सेवा अवधि के दौरान और उसके बाद भी विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें। समारोह में वक्ताओं ने कहा कि यह पहल भारतीय सेना की उस सोच को दर्शाती है जिसमें सैन्य प्रशिक्षण और शैक्षणिक उत्कृष्टता का समन्वय कर भविष्य के लिए सक्षम कुशल और आत्मनिर्भर मानव संसाधन तैयार किए जा रहे हैं। 238 अग्निवीरों द्वारा इस पाठ्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा करना उनके आत्म-विकास अनुशासन और निरंतर सीखने की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। डिप्लोमा प्राप्त करने वाले अग्निवीरों को अब राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त शैक्षणिक योग्यता भी उपलब्ध होगी जिससे उन्हें उच्च शिक्षा तथा भविष्य के विभिन्न करियर विकल्पों में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम में गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर एवं हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रतिभाग किया और अग्निवीरों की उपलब्धि की सराहना की। समारोह में कहा गया कि गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर राष्ट्रीय सुरक्षा की उभरती चुनौतियों का सामना करने के साथ-साथ समाज के लिए उपयोगी शिक्षित अनुशासित और व्यावसायिक रूप से दक्ष सैनिक तैयार करने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। यह पहल उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम है जिससे अग्निवीरों के सर्वांगीण विकास को नई गति मिलेगी।
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प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। द गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर लैंसडाउन में आयोजित एक औपचारिक दीक्षांत समारोह में हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय द्वारा 238 अग्निवीरों को ‘डिप्लोमा इन डिफेंस एंड सिक्योरिटी मैनेजमेंट प्रदान किया गया। यह कार्यक्रम अग्निवीरों की शैक्षणिक योग्यता व्यावसायिक दक्षता और भविष्य की रोजगार संभावनाओं को सशक्त बनाने की दिशा में गढ़वाल राइफल्स एवं विश्वविद्यालय के संयुक्त प्रयास का महत्वपूर्ण परिणाम माना जा रहा है। इस अवसर पर बताया गया कि डिप्लोमा पाठ्यक्रम को रक्षा अध्ययन सुरक्षा प्रबंधन नेतृत्व कौशल आपदा प्रतिक्रिया संचार दक्षता तथा समकालीन सुरक्षा चुनौतियों से संबंधित बुनियादी एवं व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। कार्यक्रम के माध्यम से अग्निवीरों को सैन्य प्रशिक्षण के साथ-साथ अकादमिक ज्ञान से भी सशक्त किया गया है जिससे वे सेवा अवधि के दौरान और उसके बाद भी विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें। समारोह में वक्ताओं ने कहा कि यह पहल भारतीय सेना की उस सोच को दर्शाती है जिसमें सैन्य प्रशिक्षण और शैक्षणिक उत्कृष्टता का समन्वय कर भविष्य के लिए सक्षम कुशल और आत्मनिर्भर मानव संसाधन तैयार किए जा रहे हैं। 238 अग्निवीरों द्वारा इस पाठ्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा करना उनके आत्म-विकास अनुशासन और निरंतर सीखने की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। डिप्लोमा प्राप्त करने वाले अग्निवीरों को अब राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त शैक्षणिक योग्यता भी उपलब्ध होगी जिससे उन्हें उच्च शिक्षा तथा भविष्य के विभिन्न करियर विकल्पों में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम में गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर एवं हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रतिभाग किया और अग्निवीरों की उपलब्धि की सराहना की। समारोह में कहा गया कि गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर राष्ट्रीय सुरक्षा की उभरती चुनौतियों का सामना करने के साथ-साथ समाज के लिए उपयोगी शिक्षित अनुशासित और व्यावसायिक रूप से दक्ष सैनिक तैयार करने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। यह पहल उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम है जिससे अग्निवीरों के सर्वांगीण विकास को नई गति मिलेगी।