प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। कुंभ मेला-2027 की तैयारियों के तहत मेला क्षेत्र में विभिन्न महत्वपूर्ण अवस्थापना विकास कार्य तेजी से संचालित किए जा रहे हैं। इन कार्यों की प्रगति की मेला प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी और समीक्षा की जा रही है ताकि सभी परियोजनाएं निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण की जा सकें। इसी क्रम में अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती ने शनिवार को खड़खड़ी क्षेत्र का भ्रमण कर सूखी नदी पर निर्माणाधीन पुल के कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अपर मेलाधिकारी ने निर्माण कार्य की प्रगति गुणवत्ता और निर्धारित समयसीमा के अनुरूप कार्यों के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य में और तेजी लाने तथा सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। कुंभ मेला-2027 के लिए स्वीकृत अवस्थापना विकास कार्यों के अंतर्गत सूखी नदी में वर्तमान कॉजवे के स्थान पर 44.80 मीटर लंबाई के डबल लेन केबल नेट आर्च पुल का निर्माण कराया जा रहा है। इस परियोजना की कुल स्वीकृत लागत 1321.96 लाख रुपये है। वर्तमान में उपयोग में आ रहा कॉजवे वर्षा ऋतु के दौरान जलभराव और तेज बहाव के कारण आवागमन के लिए चुनौती बन जाता है जिससे यातायात प्रभावित होने के साथ सुरक्षा संबंधी समस्याएं भी उत्पन्न होती हैं। प्रस्तावित पुल के निर्माण से इन समस्याओं का स्थायी समाधान होगा और वर्षभर सुरक्षित एवं सुगम आवागमन सुनिश्चित हो सकेगा। श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पुल पर पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ का भी प्रावधान किया गया है। इसके अलावा पुल के दोनों ओर एप्रोच रोड का निर्माण किया जाएगा जिससे क्षेत्र की यातायात व्यवस्था और अधिक सुचारु एवं प्रभावी बन सकेगी। निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं ने जानकारी दी कि पुल के एक पिलर के निर्माण स्थल के नीचे से गुजर रही सीवर लाइन को स्थानांतरित किया जाना आवश्यक है। इस पर अपर मेलाधिकारी ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए सीवर लाइन शिफ्टिंग की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुंभ मेला-2027 से जुड़े सभी महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करना सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। अपर मेलाधिकारी ने निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी गुणवत्ता नियंत्रण और विभागों के बीच प्रभावी समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि कुंभ मेला-2027 के सफल आयोजन के लिए सभी अवस्थापना परियोजनाओं को समयबद्ध और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाना आवश्यक है। निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता डी.पी.सिंह तकनीकी प्रकोष्ठ के अधिशासी अभियंता प्रवीण कुमार सहित लोक निर्माण विभाग और मेला प्रशासन के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। कुंभ मेला-2027 की तैयारियों के तहत मेला क्षेत्र में विभिन्न महत्वपूर्ण अवस्थापना विकास कार्य तेजी से संचालित किए जा रहे हैं। इन कार्यों की प्रगति की मेला प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी और समीक्षा की जा रही है ताकि सभी परियोजनाएं निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण की जा सकें। इसी क्रम में अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती ने शनिवार को खड़खड़ी क्षेत्र का भ्रमण कर सूखी नदी पर निर्माणाधीन पुल के कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अपर मेलाधिकारी ने निर्माण कार्य की प्रगति गुणवत्ता और निर्धारित समयसीमा के अनुरूप कार्यों के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य में और तेजी लाने तथा सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। कुंभ मेला-2027 के लिए स्वीकृत अवस्थापना विकास कार्यों के अंतर्गत सूखी नदी में वर्तमान कॉजवे के स्थान पर 44.80 मीटर लंबाई के डबल लेन केबल नेट आर्च पुल का निर्माण कराया जा रहा है। इस परियोजना की कुल स्वीकृत लागत 1321.96 लाख रुपये है। वर्तमान में उपयोग में आ रहा कॉजवे वर्षा ऋतु के दौरान जलभराव और तेज बहाव के कारण आवागमन के लिए चुनौती बन जाता है जिससे यातायात प्रभावित होने के साथ सुरक्षा संबंधी समस्याएं भी उत्पन्न होती हैं। प्रस्तावित पुल के निर्माण से इन समस्याओं का स्थायी समाधान होगा और वर्षभर सुरक्षित एवं सुगम आवागमन सुनिश्चित हो सकेगा। श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पुल पर पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ का भी प्रावधान किया गया है। इसके अलावा पुल के दोनों ओर एप्रोच रोड का निर्माण किया जाएगा जिससे क्षेत्र की यातायात व्यवस्था और अधिक सुचारु एवं प्रभावी बन सकेगी। निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं ने जानकारी दी कि पुल के एक पिलर के निर्माण स्थल के नीचे से गुजर रही सीवर लाइन को स्थानांतरित किया जाना आवश्यक है। इस पर अपर मेलाधिकारी ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए सीवर लाइन शिफ्टिंग की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुंभ मेला-2027 से जुड़े सभी महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करना सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। अपर मेलाधिकारी ने निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी गुणवत्ता नियंत्रण और विभागों के बीच प्रभावी समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि कुंभ मेला-2027 के सफल आयोजन के लिए सभी अवस्थापना परियोजनाओं को समयबद्ध और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाना आवश्यक है। निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता डी.पी.सिंह तकनीकी प्रकोष्ठ के अधिशासी अभियंता प्रवीण कुमार सहित लोक निर्माण विभाग और मेला प्रशासन के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।