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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। आगामी कुंभ मेला-2027 के दिव्य एवं भव्य आयोजन को लेकर शासन और मेला प्रशासन द्वारा संत समाज एवं विभिन्न अखाड़ों के साथ लगातार संवाद स्थापित किया जा रहा है। संतों के सुझावों और मार्गदर्शन के आधार पर कुंभ मेले की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसी क्रम में मेला प्रशासन के अधिकारियों ने विभिन्न अखाड़ों के प्रमुखों महामंडलेश्वरों महंतों और साधु-संतों से भेंट कर आयोजन को लेकर सुझाव प्राप्त किए तथा तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की। राज्य सरकार ने संत समाज और अखाड़ों के मार्गदर्शन में कुंभ मेला-2027 को दिव्य भव्य और सुव्यवस्थित रूप से आयोजित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। शासन का मानना है कि कुंभ केवल प्रशासनिक आयोजन नहीं बल्कि सनातन संस्कृति आध्यात्मिक परंपरा और संत परंपरा का विराट उत्सव है। इसी भावना के अनुरूप मेले की व्यवस्थाओं में संत समाज की गरिमा सुविधाओं और धार्मिक परंपराओं के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। मेला प्रशासन के अधिकारियों ने निरंजनी अखाड़ा जूना अखाड़ा पंचायती महानिर्वाणी अखाड़ा पंचायती अटल अखाड़ा पंचायती आनंद अखाड़ा पंच अग्नि अखाड़ा पंच दशनाम आवाहन अखाड़ा पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन पंचायती उदासीन नया अखाड़ा पंचायती निर्मल अखाड़ा निर्वाणी अणि अखाड़ा दिगम्बर अणि अखाड़ा तथा निर्मोही अणि अखाड़ा के प्रमुख संतों एवं पदाधिकारियों से मुलाकात कर कुंभ आयोजन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। बैठकों के दौरान संत समाज ने अमृत स्नान पेशवाई अखाड़ों की आवासीय व्यवस्थाओं यातायात प्रबंधन सड़क एवं पुल निर्माण घाटों की सुविधाओं स्वच्छता विद्युत पेयजल सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण सुझाव दिए। संतों ने कहा कि कुंभ मेले की आध्यात्मिक गरिमा और धार्मिक परंपराओं को अक्षुण्ण रखते हुए आधुनिक सुविधाओं का बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाना चाहिए ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव प्राप्त हो सके। अखाड़ों के प्रमुखों और वरिष्ठ पदाधिकारियों ने राज्य सरकार एवं मेला प्रशासन द्वारा प्रारंभिक चरण से ही संवाद स्थापित कर सुझाव लेने की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि संत समाज को साथ लेकर की जा रही तैयारियों से कुंभ मेले का आयोजन अधिक प्रभावी सुव्यवस्थित और सफल होगा। संत समाज ने विश्वास व्यक्त किया कि कुंभ मेला-2027 एक दिव्य भव्य सुव्यवस्थित और ऐतिहासिक आयोजन के रूप में स्थापित होगा। उन्होंने कहा कि हरिद्वार की पावन भूमि पर आयोजित होने वाला कुंभ विश्वभर के श्रद्धालुओं और सनातन धर्मावलंबियों के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है तथा इसकी सफलता के लिए संत समाज पूर्ण सहयोग प्रदान करेगा।

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