प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। नगरासू स्थित गुरुद्वारा साहिब में 20 जून 2026 को गुरुद्वारे के सेवादारों और वहां पहुंचे कुछ निहंग सिख यात्रियों के बीच उत्पन्न विवाद का समाधान जिला प्रशासन पुलिस प्रशासन तथा सिख समुदाय के धार्मिक एवं प्रबुद्ध जनों के समन्वित प्रयासों से शांतिपूर्ण ढंग से कर लिया गया है। सफल वार्ता और आपसी संवाद के बाद सभी निहंग सिख यात्री गुरुद्वारा परिसर से नीचे उतरकर शांतिपूर्वक अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गए हैं। विवाद के बाद कुछ निहंग सिख यात्री गुरुद्वारे की छत पर चले गए थे और उन्होंने छत तक पहुंचने वाले मार्ग को बंद कर दिया था। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए रखी तथा किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं। इस दौरान पंजाब और पोंटा साहिब से पहुंचे सिख समुदाय के धार्मिक एवं प्रबुद्ध जनों के प्रतिनिधिमंडल ने भी मध्यस्थता करते हुए सभी पक्षों से संवाद स्थापित किया जिसके परिणामस्वरूप गतिरोध समाप्त हो गया। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि प्रशासन घटना के बाद से ही लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए था और विवाद के शांतिपूर्ण समाधान के लिए सभी संबंधित पक्षों के साथ समन्वय स्थापित किया गया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ चारधाम यात्रा और श्री हेमकुंड साहिब यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के निर्बाध आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन और पुलिस की टीमें लगातार मौके पर तैनात रहीं। उन्होंने बताया कि सफल संवाद के चलते कुछ निहंग यात्री पूर्व में ही नीचे आ गए थे जबकि शेष यात्री भी वार्ता के बाद शांतिपूर्वक नीचे उतरकर अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गए। जिलाधिकारी ने कहा कि पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार की जा रही है जिससे विवाद के कारणों और परिस्थितियों का निष्पक्ष आकलन किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य श्री हेमकुंड साहिब यात्रा और चारधाम यात्रा को शांतिपूर्ण एवं सुचारू रूप से संचालित रखना है। उन्होंने आमजन से किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने तथा सामाजिक सौहार्द भाईचारा और धार्मिक सद्भाव बनाए रखने की अपील की। पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर ने बताया कि घटना के बाद से ही पुलिस प्रशासन द्वारा निहंग सिख यात्रियों के साथ लगातार संवाद और समन्वय स्थापित किया जा रहा था। उन्होंने बताया कि पिछले दो दिनों में तीन निहंग सिख यात्री नीचे आ गए थे जबकि पंजाब से आए सिख समुदाय के प्रतिनिधिमंडल की मध्यस्थता के बाद शेष यात्रियों ने भी शांतिपूर्वक नीचे उतरकर स्थान छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और तथ्यपरक जांच की जाएगी तथा विवाद के कारणों और घटनाक्रम से जुड़े सभी तथ्यों का परीक्षण कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर पंजाब एवं पोंटा साहिब से आए प्रतिनिधिमंडल के बाबा गग्गड़ जी तथा गुरुद्वारा प्रबंधन समिति नगरासू के सेवादार बाबा बेअंत सिंह ने बताया कि सभी पक्षों के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण में संवाद स्थापित किया गया जिसके परिणामस्वरूप विवाद का समाधान निकल आया। उन्होंने प्रशासन और पुलिस के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि सभी निहंग सिख यात्री शांतिपूर्ण ढंग से अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गए हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनपद में श्री हेमकुंड साहिब यात्रा और चारधाम यात्रा पूरी तरह सामान्य और सुचारू रूप से संचालित हो रही है। प्रशासन ने सभी नागरिकों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें तथा किसी भी प्रकार की भ्रामक या अपुष्ट जानकारी का प्रसार न करें।
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प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। नगरासू स्थित गुरुद्वारा साहिब में 20 जून 2026 को गुरुद्वारे के सेवादारों और वहां पहुंचे कुछ निहंग सिख यात्रियों के बीच उत्पन्न विवाद का समाधान जिला प्रशासन पुलिस प्रशासन तथा सिख समुदाय के धार्मिक एवं प्रबुद्ध जनों के समन्वित प्रयासों से शांतिपूर्ण ढंग से कर लिया गया है। सफल वार्ता और आपसी संवाद के बाद सभी निहंग सिख यात्री गुरुद्वारा परिसर से नीचे उतरकर शांतिपूर्वक अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गए हैं। विवाद के बाद कुछ निहंग सिख यात्री गुरुद्वारे की छत पर चले गए थे और उन्होंने छत तक पहुंचने वाले मार्ग को बंद कर दिया था। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए रखी तथा किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं। इस दौरान पंजाब और पोंटा साहिब से पहुंचे सिख समुदाय के धार्मिक एवं प्रबुद्ध जनों के प्रतिनिधिमंडल ने भी मध्यस्थता करते हुए सभी पक्षों से संवाद स्थापित किया जिसके परिणामस्वरूप गतिरोध समाप्त हो गया। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि प्रशासन घटना के बाद से ही लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए था और विवाद के शांतिपूर्ण समाधान के लिए सभी संबंधित पक्षों के साथ समन्वय स्थापित किया गया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ चारधाम यात्रा और श्री हेमकुंड साहिब यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के निर्बाध आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन और पुलिस की टीमें लगातार मौके पर तैनात रहीं। उन्होंने बताया कि सफल संवाद के चलते कुछ निहंग यात्री पूर्व में ही नीचे आ गए थे जबकि शेष यात्री भी वार्ता के बाद शांतिपूर्वक नीचे उतरकर अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गए। जिलाधिकारी ने कहा कि पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार की जा रही है जिससे विवाद के कारणों और परिस्थितियों का निष्पक्ष आकलन किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य श्री हेमकुंड साहिब यात्रा और चारधाम यात्रा को शांतिपूर्ण एवं सुचारू रूप से संचालित रखना है। उन्होंने आमजन से किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने तथा सामाजिक सौहार्द भाईचारा और धार्मिक सद्भाव बनाए रखने की अपील की। पुलिस अधीक्षक नीहारिका तोमर ने बताया कि घटना के बाद से ही पुलिस प्रशासन द्वारा निहंग सिख यात्रियों के साथ लगातार संवाद और समन्वय स्थापित किया जा रहा था। उन्होंने बताया कि पिछले दो दिनों में तीन निहंग सिख यात्री नीचे आ गए थे जबकि पंजाब से आए सिख समुदाय के प्रतिनिधिमंडल की मध्यस्थता के बाद शेष यात्रियों ने भी शांतिपूर्वक नीचे उतरकर स्थान छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और तथ्यपरक जांच की जाएगी तथा विवाद के कारणों और घटनाक्रम से जुड़े सभी तथ्यों का परीक्षण कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर पंजाब एवं पोंटा साहिब से आए प्रतिनिधिमंडल के बाबा गग्गड़ जी तथा गुरुद्वारा प्रबंधन समिति नगरासू के सेवादार बाबा बेअंत सिंह ने बताया कि सभी पक्षों के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण में संवाद स्थापित किया गया जिसके परिणामस्वरूप विवाद का समाधान निकल आया। उन्होंने प्रशासन और पुलिस के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि सभी निहंग सिख यात्री शांतिपूर्ण ढंग से अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गए हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनपद में श्री हेमकुंड साहिब यात्रा और चारधाम यात्रा पूरी तरह सामान्य और सुचारू रूप से संचालित हो रही है। प्रशासन ने सभी नागरिकों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें तथा किसी भी प्रकार की भ्रामक या अपुष्ट जानकारी का प्रसार न करें।