प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने नई उमंग कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर संगठन की गतिविधियों तथा किसानों के हित में संचालित कार्यों की समीक्षा की। बैठक में संगठन अध्यक्ष सीताराम भट्ट ने बताया कि संगठन को वर्ष 2022 से नाबार्ड द्वारा वित्तीय एवं तकनीकी सहयोग प्रदान किया जा रहा है। वर्तमान में संगठन से 247 किसान जुड़े हैं जिनमें 193 महिला एवं 54 पुरुष किसान शामिल हैं। बैठक के दौरान अध्यक्ष सीताराम भट्ट ने बताया कि संगठन क्षेत्र में जैविक खाद्य उत्पादों के उत्पादन एवं विपणन को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने उत्पादों के बेहतर विपणन के लिए भागीरथीपुरम स्थित कृषि समिति की कई वर्षों से बंद पड़ी दुकान को आउटलेट के रूप में उपलब्ध कराने तथा कोटी कॉलोनी में भी एक दुकान उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। इस पर जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी वरुणा से दूरभाष पर दुकान की उपलब्धता की जानकारी प्राप्त करने तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय किसानों के उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना आवश्यक है जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके और जैविक कृषि को प्रोत्साहन मिले। जिलाधिकारी ने संगठन के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि जैविक कृषि एवं स्थानीय उत्पादों के विपणन को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन हरसंभव सहयोग प्रदान करेगा। उन्होंने किसानों को संगठित होकर कृषि आधारित गतिविधियों को आगे बढ़ाने तथा स्थानीय उत्पादों की पहचान मजबूत करने पर भी बल दिया। बैठक में संगठन सचिव सुषमा बिष्ट ग्रामीण क्षेत्र विकास समिति के प्रतिनिधि जगदीश बड़ोनी तथा अनुज गोसाईं सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने नई उमंग कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर संगठन की गतिविधियों तथा किसानों के हित में संचालित कार्यों की समीक्षा की। बैठक में संगठन अध्यक्ष सीताराम भट्ट ने बताया कि संगठन को वर्ष 2022 से नाबार्ड द्वारा वित्तीय एवं तकनीकी सहयोग प्रदान किया जा रहा है। वर्तमान में संगठन से 247 किसान जुड़े हैं जिनमें 193 महिला एवं 54 पुरुष किसान शामिल हैं। बैठक के दौरान अध्यक्ष सीताराम भट्ट ने बताया कि संगठन क्षेत्र में जैविक खाद्य उत्पादों के उत्पादन एवं विपणन को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने उत्पादों के बेहतर विपणन के लिए भागीरथीपुरम स्थित कृषि समिति की कई वर्षों से बंद पड़ी दुकान को आउटलेट के रूप में उपलब्ध कराने तथा कोटी कॉलोनी में भी एक दुकान उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। इस पर जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी वरुणा से दूरभाष पर दुकान की उपलब्धता की जानकारी प्राप्त करने तथा नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय किसानों के उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना आवश्यक है जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके और जैविक कृषि को प्रोत्साहन मिले। जिलाधिकारी ने संगठन के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि जैविक कृषि एवं स्थानीय उत्पादों के विपणन को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन हरसंभव सहयोग प्रदान करेगा। उन्होंने किसानों को संगठित होकर कृषि आधारित गतिविधियों को आगे बढ़ाने तथा स्थानीय उत्पादों की पहचान मजबूत करने पर भी बल दिया। बैठक में संगठन सचिव सुषमा बिष्ट ग्रामीण क्षेत्र विकास समिति के प्रतिनिधि जगदीश बड़ोनी तथा अनुज गोसाईं सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे।