प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने कद्दूखाल स्थित मां सुरकंडा देवी मंदिर के निकट निर्माणाधीन बहुस्तरीय वाहन पार्किंग का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्य की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था को निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग थत्यूड़ ने बताया कि परियोजना की स्वीकृत लागत 834.89 लाख रुपये तथा अनुबंधित लागत 794.28 लाख रुपये है। पार्किंग की क्षमता 106 वाहनों की होगी तथा कार्य पूर्ण करने की निर्धारित तिथि 14 नवंबर 2026 तय की गई है। जिलाधिकारी ने मौके पर पाया कि निर्माण स्थल पर केवल 12 श्रमिक कार्यरत हैं और परियोजना की भौतिक प्रगति लगभग 20 प्रतिशत ही है जो निर्धारित समयसीमा के अनुरूप संतोषजनक नहीं है। इस पर उन्होंने कार्यदायी संस्था को श्रमिकों की संख्या बढ़ाने तथा निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिशासी अभियंता को निर्देशित किया कि संबंधित ठेकेदार से कार्य में हुई देरी के संबंध में विस्तृत आख्या प्राप्त की जाए तथा एक सप्ताह के भीतर आगामी छह माह की चरणबद्ध कार्ययोजना और मासिक कार्य प्रगति योजना प्रस्तुत की जाए ताकि परियोजना को समयबद्ध रूप से पूरा किया जा सके। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि कार्य में लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जिला पर्यटन विकास अधिकारी को प्रत्येक 15 दिन में परियोजना की नियमित मॉनिटरिंग कर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मां सुरकंडा देवी मंदिर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों में शामिल है। पार्किंग सुविधा विकसित होने से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी तथा क्षेत्र में यातायात प्रबंधन भी मजबूत होगा। इसलिए परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाना आवश्यक है।
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प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने कद्दूखाल स्थित मां सुरकंडा देवी मंदिर के निकट निर्माणाधीन बहुस्तरीय वाहन पार्किंग का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्य की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था को निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग थत्यूड़ ने बताया कि परियोजना की स्वीकृत लागत 834.89 लाख रुपये तथा अनुबंधित लागत 794.28 लाख रुपये है। पार्किंग की क्षमता 106 वाहनों की होगी तथा कार्य पूर्ण करने की निर्धारित तिथि 14 नवंबर 2026 तय की गई है। जिलाधिकारी ने मौके पर पाया कि निर्माण स्थल पर केवल 12 श्रमिक कार्यरत हैं और परियोजना की भौतिक प्रगति लगभग 20 प्रतिशत ही है जो निर्धारित समयसीमा के अनुरूप संतोषजनक नहीं है। इस पर उन्होंने कार्यदायी संस्था को श्रमिकों की संख्या बढ़ाने तथा निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिशासी अभियंता को निर्देशित किया कि संबंधित ठेकेदार से कार्य में हुई देरी के संबंध में विस्तृत आख्या प्राप्त की जाए तथा एक सप्ताह के भीतर आगामी छह माह की चरणबद्ध कार्ययोजना और मासिक कार्य प्रगति योजना प्रस्तुत की जाए ताकि परियोजना को समयबद्ध रूप से पूरा किया जा सके। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि कार्य में लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जिला पर्यटन विकास अधिकारी को प्रत्येक 15 दिन में परियोजना की नियमित मॉनिटरिंग कर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मां सुरकंडा देवी मंदिर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों में शामिल है। पार्किंग सुविधा विकसित होने से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी तथा क्षेत्र में यातायात प्रबंधन भी मजबूत होगा। इसलिए परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाना आवश्यक है।