प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद हरिद्वार के आयुर्वेद उत्कर्ष केंद्र बहादराबाद में सोमवार को त्रिदिवसीय जिला स्तरीय आयुर्वेद चिकित्सा शिविर का शुभारंभ किया गया। शिविर का उद्घाटन जिला आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी डॉ.स्वास्तिक सुरेश ने किया। उद्घाटन अवसर पर डॉ.स्वास्तिक सुरेश ने कहा कि आयुर्वेद केवल रोगों के उपचार की पद्धति नहीं बल्कि स्वस्थ जीवनशैली का आधार है। उन्होंने आमजन से आयुर्वेदिक चिकित्सा एवं जीवनचर्या को अपनाकर निरोग जीवन की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने विभिन्न रोगों से पीड़ित लोगों को आयुर्वेदिक उपचार एवं चिकित्सीय परामर्श प्रदान किया। इस दौरान प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ.विशाल प्रभाकर शल्य चिकित्सक डॉ.सोरमी सोमकर क्षारसूत्र विशेषज्ञ डॉ.विजेन्द्र कुशवाह पंचकर्म विशेषज्ञ डॉ.विकास दुबे तथा डॉ.संजय कुमार ने अपनी विशेषज्ञ सेवाएं दीं। शिविर में पंचकर्म अग्निकर्म जलौकावचारण एवं क्षारसूत्र चिकित्सा सहित विभिन्न आयुर्वेदिक उपचार पद्धतियों के माध्यम से रोगियों का परीक्षण एवं उपचार किया गया। साथ ही रोगियों को आयुर्वेदिक जीवनशैली संतुलित आहार-विहार तथा रोगों की रोकथाम के संबंध में आवश्यक परामर्श भी दिए गए। औषधियों का वितरण मुख्य फार्मेसी अधिकारी कैलाश भट्ट एवं फार्मेसी अधिकारी शशि कला ने किया। शिविर में रोगियों के लिए हीमोग्लोबिन रक्त शर्करा रक्तचाप एवं ईसीजी जांच की भी व्यवस्था की गई जिसका संचालन आयुर्वेदिक परिचारिका कंचना एवं शीतल ने किया। शिविर के सफल संचालन में गोविंद सतीश एवं रघुवीर का विशेष योगदान रहा। शिविर के प्रथम दिवस कुल 135 रोगियों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ प्राप्त किया। इनमें आयुर्वेदिक परामर्श पंचकर्म एवं क्षारसूत्र चिकित्सा के साथ-साथ औषधियों का वितरण भी किया गया। मीडिया प्रभारी एवं आयुष मिशन विशेषज्ञ डॉ.अवनीश कुमार उपाध्याय ने बताया कि यह शिविर 30 जून एवं 1 जुलाई तक निरंतर संचालित रहेगा जिससे अधिक से अधिक लोग आयुर्वेदिक चिकित्सा सेवाओं का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।
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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद हरिद्वार के आयुर्वेद उत्कर्ष केंद्र बहादराबाद में सोमवार को त्रिदिवसीय जिला स्तरीय आयुर्वेद चिकित्सा शिविर का शुभारंभ किया गया। शिविर का उद्घाटन जिला आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी डॉ.स्वास्तिक सुरेश ने किया। उद्घाटन अवसर पर डॉ.स्वास्तिक सुरेश ने कहा कि आयुर्वेद केवल रोगों के उपचार की पद्धति नहीं बल्कि स्वस्थ जीवनशैली का आधार है। उन्होंने आमजन से आयुर्वेदिक चिकित्सा एवं जीवनचर्या को अपनाकर निरोग जीवन की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने विभिन्न रोगों से पीड़ित लोगों को आयुर्वेदिक उपचार एवं चिकित्सीय परामर्श प्रदान किया। इस दौरान प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ.विशाल प्रभाकर शल्य चिकित्सक डॉ.सोरमी सोमकर क्षारसूत्र विशेषज्ञ डॉ.विजेन्द्र कुशवाह पंचकर्म विशेषज्ञ डॉ.विकास दुबे तथा डॉ.संजय कुमार ने अपनी विशेषज्ञ सेवाएं दीं। शिविर में पंचकर्म अग्निकर्म जलौकावचारण एवं क्षारसूत्र चिकित्सा सहित विभिन्न आयुर्वेदिक उपचार पद्धतियों के माध्यम से रोगियों का परीक्षण एवं उपचार किया गया। साथ ही रोगियों को आयुर्वेदिक जीवनशैली संतुलित आहार-विहार तथा रोगों की रोकथाम के संबंध में आवश्यक परामर्श भी दिए गए। औषधियों का वितरण मुख्य फार्मेसी अधिकारी कैलाश भट्ट एवं फार्मेसी अधिकारी शशि कला ने किया। शिविर में रोगियों के लिए हीमोग्लोबिन रक्त शर्करा रक्तचाप एवं ईसीजी जांच की भी व्यवस्था की गई जिसका संचालन आयुर्वेदिक परिचारिका कंचना एवं शीतल ने किया। शिविर के सफल संचालन में गोविंद सतीश एवं रघुवीर का विशेष योगदान रहा। शिविर के प्रथम दिवस कुल 135 रोगियों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ प्राप्त किया। इनमें आयुर्वेदिक परामर्श पंचकर्म एवं क्षारसूत्र चिकित्सा के साथ-साथ औषधियों का वितरण भी किया गया। मीडिया प्रभारी एवं आयुष मिशन विशेषज्ञ डॉ.अवनीश कुमार उपाध्याय ने बताया कि यह शिविर 30 जून एवं 1 जुलाई तक निरंतर संचालित रहेगा जिससे अधिक से अधिक लोग आयुर्वेदिक चिकित्सा सेवाओं का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।