प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। आगामी मानसून सीजन और संभावित प्राकृतिक आपदाओं के मद्देनजर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे के निर्देशन में जनपद टिहरी गढ़वाल पुलिस ने विभिन्न थाना क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर आपदा प्रबंधन राहत एवं बचाव कार्यों की संयुक्त मॉक ड्रिल और रेस्क्यू अभ्यास आयोजित किया। इस दौरान पुलिस एसडीआरएफ एनडीआरएफ अग्निशमन सेवा स्वास्थ्य विभाग राजस्व विभाग प्रशासन तथा अन्य संबंधित एजेंसियों ने समन्वित रूप से भाग लेकर आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया और राहत कार्यों का अभ्यास किया। थाना मुनि की रेती क्षेत्र में टिहरी डैम से 5000 क्यूसेक अतिरिक्त जल छोड़े जाने की काल्पनिक सूचना पर प्रभारी निरीक्षक पुलिस बल के साथ शत्रुघ्न घाट पहुंचे। जल पुलिस एसडीआरएफ और नगर पालिका के सहयोग से घाटों पर लगातार अनाउंसमेंट कराया गया तथा नाव चालकों की सहायता से श्रद्धालुओं और स्नान कर रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर सभी घाट खाली कराए गए। चौकी व्यासी शिवपुरी तपोवन और जानकीपुल पुलिस टीमों को भी अलर्ट कर गंगा तटों पर विशेष सतर्कता बरती गई। कोतवाली देवप्रयाग क्षेत्र में टिहरी डैम से अतिरिक्त जल निकासी के कारण गंगा के जलस्तर में वृद्धि की काल्पनिक स्थिति पर मॉक ड्रिल आयोजित की गई। पुलिस ने गंगा तटों पर मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया संवेदनशील क्षेत्रों की घेराबंदी कर लोगों को नदी के समीप जाने से रोका तथा लाउडस्पीकर के माध्यम से लगातार सुरक्षा संबंधी घोषणाएं कीं। संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर त्वरित आपदा प्रतिक्रिया क्षमता का परीक्षण किया गया। इसी क्षेत्र में पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने की काल्पनिक सूचना पर पुलिस एसडीआरएफ और अन्य राहत एजेंसियों ने संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाया। दुर्घटनाग्रस्त वाहन में फंसे घायलों को हाइड्रोलिक उपकरणों की सहायता से सुरक्षित बाहर निकालकर प्राथमिक उपचार दिया गया तथा एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल भेजा गया। इस दौरान यातायात व्यवस्था को भी सुचारु बनाए रखने का अभ्यास किया गया। थाना छाम क्षेत्र में स्यांसू के समीप भूस्खलन की काल्पनिक घटना पर संयुक्त मॉक ड्रिल आयोजित की गई। सूचना मिलते ही थाना पुलिस एसडीआरएफ 108 एम्बुलेंस स्वास्थ्य विभाग तहसील प्रशासन राजस्व विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों ने राहत एवं बचाव अभियान चलाया। घायल व्यक्ति का सुरक्षित रेस्क्यू कर अस्पताल भेजा गया राहत शिविर स्थापित किया गया तथा विभागों के बीच समन्वय और त्वरित कार्रवाई का परीक्षण किया गया। थाना घनसाली क्षेत्र के जखनियाली गांव में बादल फटने की काल्पनिक घटना पर उपजिलाधिकारी घनसाली के नेतृत्व में आपदा राहत एवं बचाव मॉक ड्रिल आयोजित की गई। पुलिस एसडीआरएफ अग्निशमन सेवा, वन विभाग राजस्व विभाग स्वास्थ्य विभाग और लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीमों ने सड़क पर आए मलबे को हटाकर दबे हुए लोगों का रेस्क्यू किया। घायलों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया तथा गंभीर घायलों को उच्च चिकित्सा केंद्र भेजा गया। पशुओं के उपचार और राहत व्यवस्था का भी सफल परीक्षण किया गया। थाना नरेंद्रनगर क्षेत्र में बगड़धार के समीप पहाड़ी से बड़े पत्थर गिरने के कारण वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने और उसमें चार लोगों के फंसने की काल्पनिक सूचना पर पुलिस ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। नेटवर्क उपलब्ध न होने की स्थिति में वायरलेस संचार प्रणाली के माध्यम से 108 एम्बुलेंस एसडीआरएफ एनडीआरएफ और अग्निशमन सेवा को मौके पर बुलाया गया। जेसीबी की सहायता से क्षतिग्रस्त वाहन का दरवाजा खोलकर सभी घायलों को सुरक्षित बाहर निकालते हुए उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। थाना नई टिहरी क्षेत्र में टिहरी झील का जलस्तर बढ़ने तथा टिहरी डैम से 5000 क्यूसेक जल छोड़े जाने की स्थिति में स्थानीय पुलिस सीआईएसएफ और टीएचडीसी के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संवेदनशील स्थलों पर तैनात कर सुरक्षा व्यवस्था का परीक्षण किया गया। पुलिस ने आमजन से नदी और जलाशयों के किनारों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की। टिहरी पुलिस ने कहा कि आगामी मानसून और संभावित प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जनपद पुलिस पूरी तरह सतर्क और तैयार है। सभी संबंधित विभागों के साथ निरंतर समन्वय स्थापित कर आपदा प्रबंधन तंत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा रहा है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि मानसून के दौरान नदी-नालों एवं भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचें प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल पुलिस अथवा आपदा नियंत्रण कक्ष को दें। अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें।
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प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। आगामी मानसून सीजन और संभावित प्राकृतिक आपदाओं के मद्देनजर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे के निर्देशन में जनपद टिहरी गढ़वाल पुलिस ने विभिन्न थाना क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर आपदा प्रबंधन राहत एवं बचाव कार्यों की संयुक्त मॉक ड्रिल और रेस्क्यू अभ्यास आयोजित किया। इस दौरान पुलिस एसडीआरएफ एनडीआरएफ अग्निशमन सेवा स्वास्थ्य विभाग राजस्व विभाग प्रशासन तथा अन्य संबंधित एजेंसियों ने समन्वित रूप से भाग लेकर आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया और राहत कार्यों का अभ्यास किया। थाना मुनि की रेती क्षेत्र में टिहरी डैम से 5000 क्यूसेक अतिरिक्त जल छोड़े जाने की काल्पनिक सूचना पर प्रभारी निरीक्षक पुलिस बल के साथ शत्रुघ्न घाट पहुंचे। जल पुलिस एसडीआरएफ और नगर पालिका के सहयोग से घाटों पर लगातार अनाउंसमेंट कराया गया तथा नाव चालकों की सहायता से श्रद्धालुओं और स्नान कर रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर सभी घाट खाली कराए गए। चौकी व्यासी शिवपुरी तपोवन और जानकीपुल पुलिस टीमों को भी अलर्ट कर गंगा तटों पर विशेष सतर्कता बरती गई। कोतवाली देवप्रयाग क्षेत्र में टिहरी डैम से अतिरिक्त जल निकासी के कारण गंगा के जलस्तर में वृद्धि की काल्पनिक स्थिति पर मॉक ड्रिल आयोजित की गई। पुलिस ने गंगा तटों पर मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया संवेदनशील क्षेत्रों की घेराबंदी कर लोगों को नदी के समीप जाने से रोका तथा लाउडस्पीकर के माध्यम से लगातार सुरक्षा संबंधी घोषणाएं कीं। संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर त्वरित आपदा प्रतिक्रिया क्षमता का परीक्षण किया गया। इसी क्षेत्र में पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने की काल्पनिक सूचना पर पुलिस एसडीआरएफ और अन्य राहत एजेंसियों ने संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाया। दुर्घटनाग्रस्त वाहन में फंसे घायलों को हाइड्रोलिक उपकरणों की सहायता से सुरक्षित बाहर निकालकर प्राथमिक उपचार दिया गया तथा एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल भेजा गया। इस दौरान यातायात व्यवस्था को भी सुचारु बनाए रखने का अभ्यास किया गया। थाना छाम क्षेत्र में स्यांसू के समीप भूस्खलन की काल्पनिक घटना पर संयुक्त मॉक ड्रिल आयोजित की गई। सूचना मिलते ही थाना पुलिस एसडीआरएफ 108 एम्बुलेंस स्वास्थ्य विभाग तहसील प्रशासन राजस्व विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों ने राहत एवं बचाव अभियान चलाया। घायल व्यक्ति का सुरक्षित रेस्क्यू कर अस्पताल भेजा गया राहत शिविर स्थापित किया गया तथा विभागों के बीच समन्वय और त्वरित कार्रवाई का परीक्षण किया गया। थाना घनसाली क्षेत्र के जखनियाली गांव में बादल फटने की काल्पनिक घटना पर उपजिलाधिकारी घनसाली के नेतृत्व में आपदा राहत एवं बचाव मॉक ड्रिल आयोजित की गई। पुलिस एसडीआरएफ अग्निशमन सेवा, वन विभाग राजस्व विभाग स्वास्थ्य विभाग और लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीमों ने सड़क पर आए मलबे को हटाकर दबे हुए लोगों का रेस्क्यू किया। घायलों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया तथा गंभीर घायलों को उच्च चिकित्सा केंद्र भेजा गया। पशुओं के उपचार और राहत व्यवस्था का भी सफल परीक्षण किया गया। थाना नरेंद्रनगर क्षेत्र में बगड़धार के समीप पहाड़ी से बड़े पत्थर गिरने के कारण वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने और उसमें चार लोगों के फंसने की काल्पनिक सूचना पर पुलिस ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। नेटवर्क उपलब्ध न होने की स्थिति में वायरलेस संचार प्रणाली के माध्यम से 108 एम्बुलेंस एसडीआरएफ एनडीआरएफ और अग्निशमन सेवा को मौके पर बुलाया गया। जेसीबी की सहायता से क्षतिग्रस्त वाहन का दरवाजा खोलकर सभी घायलों को सुरक्षित बाहर निकालते हुए उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। थाना नई टिहरी क्षेत्र में टिहरी झील का जलस्तर बढ़ने तथा टिहरी डैम से 5000 क्यूसेक जल छोड़े जाने की स्थिति में स्थानीय पुलिस सीआईएसएफ और टीएचडीसी के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संवेदनशील स्थलों पर तैनात कर सुरक्षा व्यवस्था का परीक्षण किया गया। पुलिस ने आमजन से नदी और जलाशयों के किनारों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की। टिहरी पुलिस ने कहा कि आगामी मानसून और संभावित प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जनपद पुलिस पूरी तरह सतर्क और तैयार है। सभी संबंधित विभागों के साथ निरंतर समन्वय स्थापित कर आपदा प्रबंधन तंत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा रहा है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि मानसून के दौरान नदी-नालों एवं भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचें प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल पुलिस अथवा आपदा नियंत्रण कक्ष को दें। अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें।