प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। आगामी 30 जुलाई से शुरू होने वाली पावन कांवड़ यात्रा को सुगम सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए राज्य सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी विभागों को निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में प्रभारी मंत्री सतपाल महाराज की अध्यक्षता में हाल ही में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी जिसमें सभी विभागों को यात्रा से जुड़ी तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कांवड़ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि श्रद्धालुओं की सुविधा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा सभी मूलभूत व्यवस्थाएं हर हाल में 25 जुलाई 2026 तक पूरी कर ली जाएं। जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में विभिन्न विभागों ने धरातल पर कार्यों में तेजी ला दी है। अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत महेश विश्नोई ने बताया कि श्रद्धालुओं के पैदल मार्ग को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए जिला पंचायत द्वारा कांवड़ पटरी मार्ग पर झाड़ी कटान का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है। लिवरहेडी से मोहम्मदपुर झाल तथा उत्तरा टेक कॉलेज से कलियर की ओर जाने वाले मार्गों पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके साथ ही जिला पंचायत क्षेत्र में आने वाले सभी शौचालयों और स्नानघरों की मरम्मत सफाई और आवश्यक सुविधाओं को दुरुस्त किया जा रहा है ताकि कांवड़ियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। सिंचाई विभाग रुड़की द्वारा कांवड़ पटरी मार्ग पर नालियों की सफाई का कार्य शुरू कर दिया गया है। वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा सड़कों की मरम्मत और डामरीकरण का कार्य भी तेजी से कराया जा रहा है जिससे यात्रा मार्ग पूरी तरह सुरक्षित और सुगम बनाया जा सके। अपर मुख्य अधिकारी महेश विश्नोई ने बताया कि सभी विभागीय टीमें लगातार फील्ड में कार्य कर रही हैं और जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुरूप तय समय-सीमा से पहले कांवड़ पटरी मार्ग को पूरी तरह साफ सुरक्षित और व्यवस्थित बना दिया जाएगा जिससे लाखों शिवभक्तों को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।
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प्रदीप कुमार
हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। आगामी 30 जुलाई से शुरू होने वाली पावन कांवड़ यात्रा को सुगम सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए राज्य सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी विभागों को निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में प्रभारी मंत्री सतपाल महाराज की अध्यक्षता में हाल ही में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी जिसमें सभी विभागों को यात्रा से जुड़ी तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कांवड़ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि श्रद्धालुओं की सुविधा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा सभी मूलभूत व्यवस्थाएं हर हाल में 25 जुलाई 2026 तक पूरी कर ली जाएं। जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुपालन में विभिन्न विभागों ने धरातल पर कार्यों में तेजी ला दी है। अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत महेश विश्नोई ने बताया कि श्रद्धालुओं के पैदल मार्ग को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए जिला पंचायत द्वारा कांवड़ पटरी मार्ग पर झाड़ी कटान का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है। लिवरहेडी से मोहम्मदपुर झाल तथा उत्तरा टेक कॉलेज से कलियर की ओर जाने वाले मार्गों पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके साथ ही जिला पंचायत क्षेत्र में आने वाले सभी शौचालयों और स्नानघरों की मरम्मत सफाई और आवश्यक सुविधाओं को दुरुस्त किया जा रहा है ताकि कांवड़ियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। सिंचाई विभाग रुड़की द्वारा कांवड़ पटरी मार्ग पर नालियों की सफाई का कार्य शुरू कर दिया गया है। वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा सड़कों की मरम्मत और डामरीकरण का कार्य भी तेजी से कराया जा रहा है जिससे यात्रा मार्ग पूरी तरह सुरक्षित और सुगम बनाया जा सके। अपर मुख्य अधिकारी महेश विश्नोई ने बताया कि सभी विभागीय टीमें लगातार फील्ड में कार्य कर रही हैं और जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुरूप तय समय-सीमा से पहले कांवड़ पटरी मार्ग को पूरी तरह साफ सुरक्षित और व्यवस्थित बना दिया जाएगा जिससे लाखों शिवभक्तों को यात्रा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।