प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। स्वास्थ्य विभाग पौड़ी द्वारा विश्व जूनोसिस दिवस के अवसर पर जनपद की सभी चिकित्सा इकाइयों आयुष्मान आरोग्य मंदिरों एवं विद्यालयों में जानवरों से इंसानों में फैलने वाली बीमारियों के प्रति आमजन को जागरूक करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को जूनोटिक बीमारियों के कारण लक्षण बचाव एवं रोकथाम के उपायों की जानकारी दी गई। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.शिव मोहन शुक्ला ने बताया कि विश्व जूनोसिस दिवस मनाने का उद्देश्य जानवरों से इंसानों में फैलने वाली संक्रामक बीमारियों के प्रति लोगों को जागरूक करना है। उन्होंने बताया कि रैबीज कोविड-19 इबोला बर्ड फ्लू स्वाइन फ्लू तथा निपाह वायरस जैसी गंभीर बीमारियां पशुओं से मनुष्यों में फैल सकती हैं। ये बीमारियां संक्रमित जानवरों के सीधे संपर्क में आने, दूषित भोजन एवं पानी के सेवन या मच्छरों तथा अन्य कीटों के माध्यम से भी फैल सकती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी बीमारियों से बचाव के लिए विशेष रूप से आवारा एवं जंगली जानवरों के संपर्क में आने से बचना चाहिए। साथ ही पालतू पशुओं का समय पर टीकाकरण कराना व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखना तथा जानवरों के संपर्क में आने के बाद साबुन और पानी से हाथ अच्छी तरह धोना आवश्यक है। उन्होंने लोगों से मांस और दूध का सेवन करने से पहले उसे अच्छी तरह पकाने या उबालने तथा मच्छरों एवं अन्य कीटों से बचाव के लिए आवश्यक सावधानी बरतने की अपील भी की। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य जनसामान्य को सतर्क कर जूनोटिक बीमारियों की रोकथाम सुनिश्चित करना तथा स्वस्थ समाज के निर्माण में जनभागीदारी बढ़ाना है।
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प्रदीप कुमार
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। स्वास्थ्य विभाग पौड़ी द्वारा विश्व जूनोसिस दिवस के अवसर पर जनपद की सभी चिकित्सा इकाइयों आयुष्मान आरोग्य मंदिरों एवं विद्यालयों में जानवरों से इंसानों में फैलने वाली बीमारियों के प्रति आमजन को जागरूक करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को जूनोटिक बीमारियों के कारण लक्षण बचाव एवं रोकथाम के उपायों की जानकारी दी गई। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.शिव मोहन शुक्ला ने बताया कि विश्व जूनोसिस दिवस मनाने का उद्देश्य जानवरों से इंसानों में फैलने वाली संक्रामक बीमारियों के प्रति लोगों को जागरूक करना है। उन्होंने बताया कि रैबीज कोविड-19 इबोला बर्ड फ्लू स्वाइन फ्लू तथा निपाह वायरस जैसी गंभीर बीमारियां पशुओं से मनुष्यों में फैल सकती हैं। ये बीमारियां संक्रमित जानवरों के सीधे संपर्क में आने, दूषित भोजन एवं पानी के सेवन या मच्छरों तथा अन्य कीटों के माध्यम से भी फैल सकती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी बीमारियों से बचाव के लिए विशेष रूप से आवारा एवं जंगली जानवरों के संपर्क में आने से बचना चाहिए। साथ ही पालतू पशुओं का समय पर टीकाकरण कराना व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखना तथा जानवरों के संपर्क में आने के बाद साबुन और पानी से हाथ अच्छी तरह धोना आवश्यक है। उन्होंने लोगों से मांस और दूध का सेवन करने से पहले उसे अच्छी तरह पकाने या उबालने तथा मच्छरों एवं अन्य कीटों से बचाव के लिए आवश्यक सावधानी बरतने की अपील भी की। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य जनसामान्य को सतर्क कर जूनोटिक बीमारियों की रोकथाम सुनिश्चित करना तथा स्वस्थ समाज के निर्माण में जनभागीदारी बढ़ाना है।