प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। महिला कल्याण विभाग के अंतर्गत जिला परिवीक्षा कार्यालय श्रम प्रवर्तन कार्यालय कोटद्वार तथा पुलिस विभाग के संयुक्त दल ने लगातार दूसरे दिन श्रीनगर क्षेत्र में विशेष बाल श्रम उन्मूलन अभियान चलाया। यह अभियान बालक एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 (संशोधित 2016) के प्रभावी क्रियान्वयन तथा पैन इंडिया रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन कैंपेन 4.0 के तहत जिला टास्क फोर्स (डीटीएफ) के संयुक्त तत्वावधान में संचालित किया जा रहा है। प्रतिकूल मौसम तेज बारिश और घने धुंध के बावजूद संयुक्त टीम ने विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करते हुए अभियान जारी रखा। अभियान के दौरान मस्जिद गली गणेश बाजार काला रोड सब्जी मंडी तथा वीर चंद्र सिंह गढ़वाली मार्ग स्थित दुकानों होटलों ढाबों शोरूम प्रतिष्ठानों और वर्कशॉप्स का संयुक्त निरीक्षण किया गया। इस दौरान प्रतिष्ठान संचालकों को बाल एवं किशोर श्रम से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि बाल श्रम पूरी तरह प्रतिबंधित है तथा किशोरों को खतरनाक व्यवसायों एवं प्रक्रियाओं में नियोजित करना कानूनन अपराध है। साथ ही श्रम कानूनों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने और बाल श्रम पाए जाने पर संबंधित नियोक्ताओं के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई किए जाने की चेतावनी भी दी गई। निरीक्षण के दौरान किसी भी प्रतिष्ठान में कोई बालक कार्यरत नहीं मिला और न ही कोई किशोर खतरनाक व्यवसाय अथवा प्रक्रिया में नियोजित पाया गया। अधिकारियों ने इसे क्षेत्र में बाल श्रम उन्मूलन के प्रति बढ़ती जागरूकता और संबंधित विभागों के निरंतर प्रयासों का सकारात्मक परिणाम बताया। अभियान का उद्देश्य बाल एवं किशोर श्रम की रोकथाम बच्चों को शिक्षा सुरक्षा एवं उनके अधिकारों से जोड़ना आवश्यकता पड़ने पर बाल श्रमिकों का बचाव एवं पुनर्वास सुनिश्चित करना तथा समाज में बाल श्रम के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना रहा। अधिकारियों ने कहा कि प्रत्येक बच्चे का स्थान विद्यालय परिवार और सुरक्षित वातावरण में है न कि कार्यस्थलों पर। अभियान के माध्यम से वयस्कों के लिए सम्मानजनक एवं सुरक्षित रोजगार को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। अभियान में श्रम प्रवर्तन अधिकारी मोहन बेलवाल जिला बाल संरक्षण इकाई से सूरज कुमार केस वर्कर धर्मेंद्र बाल कल्याण समिति की सदस्य सुनीता भट्ट हेड कांस्टेबल हरदयाल सिंह पंवार मनोज बलूनी तथा पीआरडी कार्मिक सुमति देवी शामिल रहे।
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प्रदीप कुमार
श्रीनगर गढ़वाल। महिला कल्याण विभाग के अंतर्गत जिला परिवीक्षा कार्यालय श्रम प्रवर्तन कार्यालय कोटद्वार तथा पुलिस विभाग के संयुक्त दल ने लगातार दूसरे दिन श्रीनगर क्षेत्र में विशेष बाल श्रम उन्मूलन अभियान चलाया। यह अभियान बालक एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 (संशोधित 2016) के प्रभावी क्रियान्वयन तथा पैन इंडिया रेस्क्यू एंड रिहैबिलिटेशन कैंपेन 4.0 के तहत जिला टास्क फोर्स (डीटीएफ) के संयुक्त तत्वावधान में संचालित किया जा रहा है। प्रतिकूल मौसम तेज बारिश और घने धुंध के बावजूद संयुक्त टीम ने विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करते हुए अभियान जारी रखा। अभियान के दौरान मस्जिद गली गणेश बाजार काला रोड सब्जी मंडी तथा वीर चंद्र सिंह गढ़वाली मार्ग स्थित दुकानों होटलों ढाबों शोरूम प्रतिष्ठानों और वर्कशॉप्स का संयुक्त निरीक्षण किया गया। इस दौरान प्रतिष्ठान संचालकों को बाल एवं किशोर श्रम से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि बाल श्रम पूरी तरह प्रतिबंधित है तथा किशोरों को खतरनाक व्यवसायों एवं प्रक्रियाओं में नियोजित करना कानूनन अपराध है। साथ ही श्रम कानूनों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने और बाल श्रम पाए जाने पर संबंधित नियोक्ताओं के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई किए जाने की चेतावनी भी दी गई। निरीक्षण के दौरान किसी भी प्रतिष्ठान में कोई बालक कार्यरत नहीं मिला और न ही कोई किशोर खतरनाक व्यवसाय अथवा प्रक्रिया में नियोजित पाया गया। अधिकारियों ने इसे क्षेत्र में बाल श्रम उन्मूलन के प्रति बढ़ती जागरूकता और संबंधित विभागों के निरंतर प्रयासों का सकारात्मक परिणाम बताया। अभियान का उद्देश्य बाल एवं किशोर श्रम की रोकथाम बच्चों को शिक्षा सुरक्षा एवं उनके अधिकारों से जोड़ना आवश्यकता पड़ने पर बाल श्रमिकों का बचाव एवं पुनर्वास सुनिश्चित करना तथा समाज में बाल श्रम के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना रहा। अधिकारियों ने कहा कि प्रत्येक बच्चे का स्थान विद्यालय परिवार और सुरक्षित वातावरण में है न कि कार्यस्थलों पर। अभियान के माध्यम से वयस्कों के लिए सम्मानजनक एवं सुरक्षित रोजगार को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। अभियान में श्रम प्रवर्तन अधिकारी मोहन बेलवाल जिला बाल संरक्षण इकाई से सूरज कुमार केस वर्कर धर्मेंद्र बाल कल्याण समिति की सदस्य सुनीता भट्ट हेड कांस्टेबल हरदयाल सिंह पंवार मनोज बलूनी तथा पीआरडी कार्मिक सुमति देवी शामिल रहे।