प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के दिशा-निर्देशन तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष एवं जिला न्यायाधीश के मार्गदर्शन में सोमवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव पायल सिंह की अध्यक्षता में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) की “आपदा पीड़ितों को विधिक सहायता योजना” के अंतर्गत जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) के सहयोग से जिला आपदा परिचालन केन्द्र (ईओसी) रुद्रप्रयाग में “आपदा पीड़ितों को विधिक सहायता” विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य उत्तराखण्ड के पर्वतीय क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों को समयबद्ध राहत पुनर्वास एवं निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के बीच समन्वय को मजबूत बनाना तथा आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों एवं कार्मिकों को NALSA की Scheme for Legal Services to the Victims of Disasters के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी देना था। प्रशिक्षण के दौरान उत्तराखण्ड के पर्वतीय क्षेत्रों में होने वाली प्राकृतिक आपदाओं जैसे भूस्खलन बादल फटना अतिवृष्टि फ्लैश फ्लड नदी कटाव सड़क अवरोध भू-धंसाव तथा भूकम्प जैसी परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही जनपद रुद्रप्रयाग के आपदा संवेदनशील क्षेत्रों संभावित जोखिम वाले स्थलों मानसून अवधि में बरती जाने वाली सावधानियों पूर्व चेतावनी प्रणाली विभिन्न विभागों के बीच समन्वय त्वरित राहत एवं पुनर्वास व्यवस्था तथा आपदा प्रभावित व्यक्तियों को राहत पुनर्वास मुआवजा आवश्यक दस्तावेजों की पुनर्प्राप्ति एवं अन्य विधिक अधिकारों से संबंधित निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को बताया गया कि आपदा की स्थिति में प्रभावित लोगों को समयबद्ध सहायता उपलब्ध कराने तथा उन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की निःशुल्क विधिक सेवाओं से जोड़ने में सभी संबंधित विभागों की सक्रिय एवं समन्वित भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम के बाद सचिव पायल सिंह ने जिला आपदा परिचालन केन्द्र (ईओसी) का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारियों ने उन्हें कंट्रोल रूम की कार्यप्रणाली से अवगत कराया। सचिव ने कंट्रोल रूम में स्थापित वीडियो वॉल के माध्यम से जनपद के विभिन्न आपदा संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण स्थलों पर लगाए गए निगरानी कैमरों से प्राप्त रीयल-टाइम दृश्य देखे। अधिकारियों ने बताया कि इन कैमरों के माध्यम से प्रमुख मार्गों नदी-नालों पुलों भूस्खलन संभावित क्षेत्रों तथा अन्य संवेदनशील स्थानों की लगातार निगरानी की जाती है जिससे किसी भी आपदा अथवा आपात स्थिति में त्वरित सूचना प्राप्त कर राहत एवं बचाव कार्य प्रभावी ढंग से संचालित किए जा सकें। इस अवसर पर सचिव ने आपदा प्रबंधन में आधुनिक तकनीक सतत निगरानी प्रणाली एवं त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र की सराहना करते हुए विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय को आवश्यक बताया। कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से बताया गया कि प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों को निःशुल्क विधिक सहायता राहत एवं पुनर्वास योजनाओं से संबंधित मार्गदर्शन मुआवजा प्राप्त करने की प्रक्रिया आवश्यक दस्तावेजों की पुनर्प्राप्ति सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने तथा अन्य विधिक अधिकारों के संरक्षण के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आवश्यक सहयोग प्रदान करता है। प्रतिभागियों से अपील की गई कि वे आपदा की प्रत्येक स्थिति में प्रभावित लोगों को उनके विधिक अधिकारों एवं उपलब्ध निःशुल्क विधिक सेवाओं की जानकारी देकर उन्हें आवश्यक सहायता प्राप्त करने के लिए प्रेरित करें। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नन्दन सिंह रजवार सहायक लेखाकार सौरभ कुमार सहायक प्रबंधक एवं प्रभारी डीईओसी संतोष प्रकाश नौटियाल जयप्रकाश (एमपीडब्ल्यू) मास्टर ट्रेनर सीमा परमार डीडीआरएफ के जवान रिटेनर अधिवक्ता यशोदा खत्री असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल देवेन्द्र सिंह बिष्ट जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारी तथा आपदा मित्रों ने प्रतिभाग किया।
