प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने जिला सभागार में हरेला पर्व की तैयारियों को लेकर विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित कर पौधरोपण अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए विभागवार तैयारियों और जिम्मेदारियों की समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि हरेला केवल एक पर्व नहीं बल्कि पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि पौधरोपण करना ही उद्देश्य नहीं होना चाहिए बल्कि लगाए गए पौधों का संरक्षण और उनका समुचित रखरखाव सुनिश्चित करना भी सभी की समान जिम्मेदारी है। यदि पौधों की नियमित देखभाल की जाए तभी वृक्षारोपण अभियान सार्थक सिद्ध होगा और पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य पूरा होगा। जिलाधिकारी ने कहा कि हरेला पर्व को जन आंदोलन का स्वरूप देने के लिए आमजन की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ने के लिए व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं ताकि प्रत्येक नागरिक पर्यावरण संरक्षण में अपनी सहभागिता निभा सके। उन्होंने बताया कि हरेला पर्व के अवसर पर ग्राम पंचायत स्तर से लेकर विकासखंड स्तर तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही विद्यालयों समस्त शैक्षणिक संस्थानों सरकारी कार्यालयों पार्कों सार्वजनिक स्थलों तथा खाली भूमि पर भी व्यापक स्तर पर पौधरोपण किया जाएगा। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि अभियान के दौरान अधिक से अधिक फलदार छायादार एवं स्थानीय जलवायु के अनुकूल पौधों का रोपण किया जाए जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी भविष्य में इसका लाभ मिल सके। उन्होंने संबंधित विभागों को पौधों की उपलब्धता रोपण स्थलों के चयन सुरक्षा व्यवस्था तथा नियमित निगरानी की कार्ययोजना समय से तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जनपद के प्राचीन प्राकृतिक जल स्रोतों नौलों धारों एवं अन्य पारंपरिक जल स्रोतों के आसपास भी व्यापक स्तर पर पौधरोपण किया जाए। उनका कहना था कि इन जल स्रोतों का संरक्षण पर्यावरण संतुलन और जल सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। जल स्रोतों के आसपास पौधे लगाए जाने से हरित क्षेत्र का विस्तार होगा भूजल संरक्षण मिट्टी के कटाव की रोकथाम तथा जल स्रोतों के पुनर्जीवन में भी सहायता मिलेगी। बैठक में निर्णय लिया गया कि पौधरोपण अभियान के बाद प्रत्येक विभाग अपने-अपने स्तर पर लगाए गए पौधों की देखरेख और उन्हें जीवित रखने की जिम्मेदारी सुनिश्चित करेगा। इसके लिए नियमित निरीक्षण और मॉनिटरिंग की व्यवस्था भी की जाएगी ताकि अधिक से अधिक पौधे विकसित होकर पर्यावरण संरक्षण में अपनी भूमिका निभा सकें। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने सभी अधिकारियों से हरेला पर्व को उत्साह समन्वय और जनसहभागिता के साथ मनाने का आह्वान करते हुए कहा कि यह अभियान आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हरित और सुरक्षित पर्यावरण उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास होगा। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर उप जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग सोहन सिंह सैनी जखोली भगत सिंह फोनिया ऊखीमठ अनिल रावत मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.रामप्रकाश मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ.आशीष रावत उप प्रभागीय वनाधिकारी डीएम पुंडीर जिला पूर्ति अधिकारी केएस कोहली सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
