प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। ड्राफ्ट निर्वाचक नामावली पर प्राप्त दावे एवं आपत्तियों का समयबद्ध निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही जन सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जनपद में स्थित सभी जर्जर एवं असुरक्षित भवनों को चिन्हित कर आवश्यकतानुसार सील एवं ध्वस्तीकरण की कार्रवाई तत्काल की जाए। यह निर्देश जिलाधिकारी गौरव कुमार ने सोमवार को जिला सभागार में आयोजित बैठक में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) कार्यक्रम तथा जन सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को दिए। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए। ड्राफ्ट निर्वाचक नामावली के प्रकाशन के बाद प्राप्त होने वाले सभी दावे एवं आपत्तियों का नियमानुसार निष्पक्ष एवं निर्धारित समयसीमा के भीतर निस्तारण किया जाए। प्रत्येक प्रकरण का गंभीरता से परीक्षण कर पात्र मतदाताओं के हितों का संरक्षण किया जाए तथा किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न होने पाए। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से प्रकरणों की समीक्षा करें और प्राप्त प्रत्येक दावा एवं आपत्ति का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें। बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद में स्थित जर्जर एवं असुरक्षित भवनों के संबंध में भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों एवं अधिशासी अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे भवनों का सर्वेक्षण कर उनकी पहचान करें तथा नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई तत्काल प्रारंभ करें। उन्होंने कहा कि जिन भवनों को निष्प्रयोज्य एवं असुरक्षित पाया गया है उन्हें ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया पूरी होने तक तत्काल प्रभाव से सील किया जाए। साथ ही संबंधित स्थलों पर स्पष्ट एवं प्रमुख स्थान पर चेतावनी सूचना पट लगाए जाएं ताकि आमजन को भवन की असुरक्षित स्थिति की जानकारी मिल सके और किसी भी प्रकार की दुर्घटना अथवा जनहानि की संभावना को रोका जा सके। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जर्जर भवनों के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई की नियमित निगरानी की जाए तथा ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जन सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और समय-समय पर की गई कार्रवाई की अनुपालन आख्या भी उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। बैठक में पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार मुख्य विकास अधिकारी डॉ.अभिषेक त्रिपाठी अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश उपजिलाधिकारी राजकुमार पांडे परियोजना निदेशक आनंद सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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प्रदीप कुमार
चमोली/श्रीनगर गढ़वाल। ड्राफ्ट निर्वाचक नामावली पर प्राप्त दावे एवं आपत्तियों का समयबद्ध निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही जन सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जनपद में स्थित सभी जर्जर एवं असुरक्षित भवनों को चिन्हित कर आवश्यकतानुसार सील एवं ध्वस्तीकरण की कार्रवाई तत्काल की जाए। यह निर्देश जिलाधिकारी गौरव कुमार ने सोमवार को जिला सभागार में आयोजित बैठक में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) कार्यक्रम तथा जन सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को दिए। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए। ड्राफ्ट निर्वाचक नामावली के प्रकाशन के बाद प्राप्त होने वाले सभी दावे एवं आपत्तियों का नियमानुसार निष्पक्ष एवं निर्धारित समयसीमा के भीतर निस्तारण किया जाए। प्रत्येक प्रकरण का गंभीरता से परीक्षण कर पात्र मतदाताओं के हितों का संरक्षण किया जाए तथा किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न होने पाए। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से प्रकरणों की समीक्षा करें और प्राप्त प्रत्येक दावा एवं आपत्ति का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें। बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद में स्थित जर्जर एवं असुरक्षित भवनों के संबंध में भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों एवं अधिशासी अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे भवनों का सर्वेक्षण कर उनकी पहचान करें तथा नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई तत्काल प्रारंभ करें। उन्होंने कहा कि जिन भवनों को निष्प्रयोज्य एवं असुरक्षित पाया गया है उन्हें ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया पूरी होने तक तत्काल प्रभाव से सील किया जाए। साथ ही संबंधित स्थलों पर स्पष्ट एवं प्रमुख स्थान पर चेतावनी सूचना पट लगाए जाएं ताकि आमजन को भवन की असुरक्षित स्थिति की जानकारी मिल सके और किसी भी प्रकार की दुर्घटना अथवा जनहानि की संभावना को रोका जा सके। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जर्जर भवनों के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई की नियमित निगरानी की जाए तथा ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जन सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और समय-समय पर की गई कार्रवाई की अनुपालन आख्या भी उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। बैठक में पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार मुख्य विकास अधिकारी डॉ.अभिषेक त्रिपाठी अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश उपजिलाधिकारी राजकुमार पांडे परियोजना निदेशक आनंद सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।