प्रदीप कुमार
मंगलौर-हरिद्वार/श्रीनगर गढ़वाल। हरिद्वार पुलिस ने बूढ़पुर जट्ट में हुए चर्चित गोलीकांड का सफल खुलासा करते हुए हत्या की गुत्थी सुलझा ली है। पुलिस जांच में सामने आया कि जिन लोगों पर हत्या का आरोप लगाया गया था वे निर्दोष थे। घटना के बाद मृतक के साथ मौजूद उसके तीन साथियों ने पुरानी रंजिश के चलते अन्य लोगों को झूठे हत्या के मुकदमे में फंसाने की साजिश रची थी। पुलिस ने तीन आरोपियों को हिरासत में लेकर घटना में प्रयुक्त एक अवैध तमंचा भी बरामद कर लिया है। पुलिस के अनुसार 11 जुलाई 2026 की शाम सूचना मिली कि ग्राम बूढ़पुर जट्ट स्थित एक खेत में एक युवक को गोली लगी है। सूचना पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घायल सौरभ पुत्र राजेन्द्र निवासी बूढ़पुर जट्ट थाना मंगलौर को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। घटना के संबंध में राजेन्द्र कुमार पुत्र पुन्ना निवासी मोहम्मदपुर जट्ट की तहरीर पर थाना कोतवाली मंगलौर में रोबिन अनुज एवं प्रदुमन के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया। चूंकि घटना उत्तराखंड एवं उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे क्षेत्र की थी इसलिए इसकी संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार ने तत्काल आरोपियों की गिरफ्तारी एवं निष्पक्ष व गहन विवेचना के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण एवं क्षेत्राधिकारी मंगलौर के निर्देशन तथा प्रभारी निरीक्षक मंगलौर के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम गठित की गई। जांच के दौरान पुलिस टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया स्थानीय लोगों एवं प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए तथा डायल-112 पर सूचना देने वाले व्यक्ति सहित अन्य संबंधित लोगों से गहन पूछताछ की। विवेचना के दौरान घटनास्थल से मिले साक्ष्य स्वतंत्र गवाहों के बयान एवं स्थानीय इनपुट प्रारंभिक तहरीर से मेल नहीं खा रहे थे जिससे घटना संदिग्ध प्रतीत हुई। गहन पूछताछ में खुलासा हुआ कि मृतक सौरभ एवं उसके साथी पुरानी रंजिश के चलते जनपद मुजफ्फरनगर के ग्राम शकरपुर के कुछ लोगों से विवाद रखते थे। घटना वाले दिन सौरभ अपने साथियों के साथ मोहम्मदपुर जट्ट से एक अवैध तमंचा लेकर बूढ़पुर जट्ट पहुंचा था। वहां तमंचे को खोलकर जांचने के दौरान अचानक गोली चल गई जो सौरभ को लग गई और उसकी मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के साथ मौजूद साथियों ने पुरानी रंजिश का फायदा उठाते हुए अनुज रोबिन एवं प्रदुमन को झूठे हत्या के मुकदमे में फंसाने की योजना बनाई और पुलिस को भ्रामक सूचना दी कि इन लोगों ने सौरभ को गोली मार दी है। पुलिस की वैज्ञानिक एवं निष्पक्ष विवेचना में पूरी सच्चाई सामने आने पर झूठी कहानी का पर्दाफाश हो गया। पुलिस ने घटनास्थल पर मौजूद तीन आरोपियों को हिरासत में लिया जिनमें से एक के कब्जे से घटना में प्रयुक्त अवैध तमंचा भी बरामद किया गया। विवेचना में तथ्य स्पष्ट होने के बाद मुकदमे में आवश्यक वैधानिक संशोधन करते हुए गैर-इरादतन हत्या से संबंधित धाराएं शामिल की गईं। हिरासत में लिए गए आरोपियों के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों में सुमित पुत्र सुखबीर निवासी शकरपुर थाना पुरकाजी जनपद मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) डिम्पल पुत्र नाहर निवासी ग्राम मोहम्मदपुर जट्ट थाना मंगलौर जनपद हरिद्वार तथा आशीष पुत्र बिन्दर निवासी ग्राम मोहम्मदपुर जट्ट थाना मंगलौर जनपद हरिद्वार शामिल हैं। पुलिस जांच में सुमित के विरुद्ध उत्तर प्रदेश में आयुध अधिनियम एवं अन्य आपराधिक मामलों के दो मुकदमे तथा डिम्पल के विरुद्ध जनपद हरिद्वार में पूर्व से आपराधिक मामला दर्ज होना भी सामने आया है। इस पूरे मामले के खुलासे में प्रभारी निरीक्षक भगवान महर वरिष्ठ उपनिरीक्षक सुखपाल सिंह मान उपनिरीक्षक आनन्द मेहरा उपनिरीक्षक मंसूर अली कांस्टेबल पंकज कांस्टेबल सुधीर एवं कांस्टेबल रणवीर की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
