प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। सेवा सुशासन एवं समर्पण कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित सेवा सप्ताह के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिला चिकित्सालय में लगाए गए तीन दिवसीय विशेषज्ञ चिकित्सा शिविर का सफल समापन हो गया। शिविर के तीसरे दिन 391 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें आवश्यक परामर्श एवं निःशुल्क दवाएं उपलब्ध कराई गईं। तीन दिनों तक चले इस शिविर में कुल 1008 मरीजों की जांच कर विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ प्रदान किया गया। बुधवार को आयोजित शिविर के दौरान 54 महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच की गई। इसके अलावा 129 मरीजों के लैब टेस्ट 70 मरीजों के अल्ट्रासाउंड तथा 96 मरीजों के एक्स-रे किए गए। वहीं 25 लोगों की आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा) आईडी भी बनाई गई। तीन दिनों के शिविर में कुल 1008 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इस दौरान 287 एक्स-रे, 212 अल्ट्रासाउंड, 403 लैब जांच 23 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग 217 गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच तथा 15 किशोरियों एवं महिलाओं को माहवारी स्वच्छता संबंधी परामर्श दिया गया। शिविर के दौरान 14 लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया जबकि 99 लोगों की आभा आईडी भी बनाई गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.राम प्रकाश ने बताया कि मुख्यमंत्री के सेवा सुशासन एवं समर्पण कार्यक्रम के अंतर्गत जुलाई माह के द्वितीय पखवाड़े में पांच विशेषज्ञ चिकित्सा शिविर आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि 16 से 18 जुलाई तक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जखोली 19 से 21 जुलाई तक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ऊखीमठ 22 से 24 जुलाई तक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अगस्त्यमुनि 25 से 27 जुलाई तक पुनः सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जखोली तथा 28 से 30 जुलाई तक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ऊखीमठ में तीन दिवसीय विशेषज्ञ चिकित्सा शिविर आयोजित होंगे। उन्होंने बताया कि इन सभी शिविरों में जिला चिकित्सालय के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा विभिन्न रोगों की जांच उपचार परामर्श एवं आवश्यक दवाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी ताकि दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उनके निकट ही मिल सकें। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.राम प्रकाश ने जनपदवासियों से अपील की कि वे आगामी विशेषज्ञ चिकित्सा शिविरों में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाएं तथा अपने स्वास्थ्य की नियमित जांच कराकर गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान एवं उपचार सुनिश्चित करें।
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प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। सेवा सुशासन एवं समर्पण कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित सेवा सप्ताह के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिला चिकित्सालय में लगाए गए तीन दिवसीय विशेषज्ञ चिकित्सा शिविर का सफल समापन हो गया। शिविर के तीसरे दिन 391 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें आवश्यक परामर्श एवं निःशुल्क दवाएं उपलब्ध कराई गईं। तीन दिनों तक चले इस शिविर में कुल 1008 मरीजों की जांच कर विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ प्रदान किया गया। बुधवार को आयोजित शिविर के दौरान 54 महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच की गई। इसके अलावा 129 मरीजों के लैब टेस्ट 70 मरीजों के अल्ट्रासाउंड तथा 96 मरीजों के एक्स-रे किए गए। वहीं 25 लोगों की आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा) आईडी भी बनाई गई। तीन दिनों के शिविर में कुल 1008 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इस दौरान 287 एक्स-रे, 212 अल्ट्रासाउंड, 403 लैब जांच 23 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग 217 गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच तथा 15 किशोरियों एवं महिलाओं को माहवारी स्वच्छता संबंधी परामर्श दिया गया। शिविर के दौरान 14 लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया जबकि 99 लोगों की आभा आईडी भी बनाई गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.राम प्रकाश ने बताया कि मुख्यमंत्री के सेवा सुशासन एवं समर्पण कार्यक्रम के अंतर्गत जुलाई माह के द्वितीय पखवाड़े में पांच विशेषज्ञ चिकित्सा शिविर आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि 16 से 18 जुलाई तक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जखोली 19 से 21 जुलाई तक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ऊखीमठ 22 से 24 जुलाई तक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अगस्त्यमुनि 25 से 27 जुलाई तक पुनः सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जखोली तथा 28 से 30 जुलाई तक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ऊखीमठ में तीन दिवसीय विशेषज्ञ चिकित्सा शिविर आयोजित होंगे। उन्होंने बताया कि इन सभी शिविरों में जिला चिकित्सालय के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा विभिन्न रोगों की जांच उपचार परामर्श एवं आवश्यक दवाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी ताकि दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उनके निकट ही मिल सकें। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.राम प्रकाश ने जनपदवासियों से अपील की कि वे आगामी विशेषज्ञ चिकित्सा शिविरों में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाएं तथा अपने स्वास्थ्य की नियमित जांच कराकर गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान एवं उपचार सुनिश्चित करें।