प्रदीप कुमार
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। हरेला पर्व के अवसर पर टिहरी डैम वन प्रभाग (प्रथम) नई टिहरी के तत्वावधान में भोनाबागी टीसीआर परिसर में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों अधिकारियों स्कूली छात्र-छात्राओं एवं स्थानीय लोगों ने उत्साहपूर्वक विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में “हरेला का त्योहार मनाओ धरती माँ का ऋण चुकाओ” तथा “हर गाँव का यही पैगाम – एक पेड़ माँ के नाम” का संदेश देते हुए पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी पर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने कहा कि पर्यावरण का संरक्षण और संवर्धन हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि हरेला पर्व पर जनपदभर में चल रहे वृक्षारोपण अभियान के सकारात्मक परिणाम आने वाले वर्षों में देखने को मिलेंगे। उन्होंने जनपदवासियों को हरेला पर्व की शुभकामनाएं देते हुए अपील की कि “हर गाँव का यही पैगाम – एक पेड़ माँ के नाम” के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाया जाए तथा प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसके संरक्षण का भी संकल्प ले। कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने देवदार अपर प्रमुख वन संरक्षक नरेश कुमार ने अंगा दर्जाधारी राज्य मंत्री एवं ओबीसी उपाध्यक्ष खेम सिंह चौहान ने चसनेट जिला पंचायत अध्यक्ष इशिता सजवाण एवं मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने बांज भाजपा जिलाध्यक्ष उदय रावत ने बुरांश तथा अध्यक्ष नगर पालिका चम्बा शोभनी धनोला नई टिहरी के मोहन सिंह रावत एवं ब्लॉक प्रमुख चम्बा सुमन सजवाण ने बांज के पौधों का रोपण किया। इस अवसर पर बीकेटीसी सदस्य दिनेश डोभाल एनजीओ प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक सुशील बहुगुणा डीएफओ टिहरी पुनीत तोमर डीएफओ टिहरी डैम संदीपा शर्मा अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग के.एस.रावत आईटीबीपी इंस्पेक्टर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों जनप्रतिनिधियों तथा स्कूली छात्र-छात्राओं ने भी विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने अधिक से अधिक पौधे लगाने उनके संरक्षण का संकल्प लेने तथा हरित एवं स्वच्छ उत्तराखंड के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। हरेला पर्व के माध्यम से प्रकृति संरक्षण हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण के प्रति जनजागरूकता का संदेश भी दिया गया।
