प्रदीप कुमार
रुद्रप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला के अवसर पर जनपद रुद्रप्रयाग में गुरुवार को प्रकृति संरक्षण और जनभागीदारी का अनूठा संदेश देखने को मिला। “हर गांव का यही पैगाम एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत जनपदभर में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए। वर्षाकाल तक चलने वाले इस अभियान के अंतर्गत जिले में 30 हजार से अधिक पौधारोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्य कार्यक्रम जवाड़ी (रतनपुर कक्ष संख्या-11) में आयोजित किया गया जहां उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी की उपस्थिति में वृक्षारोपण कर अभियान का शुभारंभ किया गया। इस वर्ष हरेला पर्व की थीम “हर गांव का यही पैगाम एक पेड़ मां के नाम” रखी गई है। हरेला पर्व के अवसर पर जनपद के सभी सरकारी कार्यालयों शिक्षण संस्थानों स्थानीय निकायों जनप्रतिनिधियों सामाजिक संगठनों तथा आम नागरिकों की सहभागिता से वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए। जनपद में किए जा रहे सभी पौधारोपण कार्यों का जियो टैग्ड फोटोग्राफ और डिजिटल रिपोर्टिंग प्रणाली के माध्यम से अभिलेखीकरण भी किया जा रहा है। इस दौरान फलदार एवं पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण प्रजातियों के पौधे लगाए गए तथा उनके संरक्षण और रखरखाव की जिम्मेदारी संबंधित विभागों को सौंपी गई। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों गणमान्य व्यक्तियों स्कूली छात्र-छात्राओं अधिकारी-कर्मचारियों और आम नागरिकों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण तथा हरित रुद्रप्रयाग और हरित उत्तराखंड के निर्माण का संदेश दिया। कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने कहा कि “एक पेड़ मां के नाम” केवल एक अभियान नहीं बल्कि हमारी जीवनशैली का हिस्सा बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रकृति संरक्षण की भावना को अपनाते हुए सभी को हरियाली से समृद्ध उत्तराखंड और विकसित भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि हरेला केवल एक पर्व नहीं बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी आस्था कृतज्ञता और भविष्य की सुरक्षा का संकल्प है। जहां हरियाली होगी वहीं खुशहाली होगी और जहां वृक्ष होंगे वहीं जीवन होगा। उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति से एक पौधा लगाने प्रत्येक परिवार से एक वृक्ष अपनाने तथा प्रत्येक गांव को हरियाली से महकाने का आह्वान किया ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ सुरक्षित और समृद्ध पर्यावरण मिल सके। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि हरेला उत्तराखंड का लोकपर्व है जो मानव और प्रकृति के बीच गहरे संबंध को मजबूत करता है। वर्षा ऋतु के अनुकूल मौसम में आयोजित यह वृक्षारोपण अभियान पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने वन विभाग को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए विश्वास जताया कि यह अभियान पूरे पखवाड़े तक प्रभावी ढंग से संचालित होगा। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से चल रहे “एक पेड़ मां के नाम” अभियान की तर्ज पर आगामी 5 सितंबर से “एक पेड़ गुरु के नाम” अभियान भी शुरू किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों शिक्षकों और विद्यार्थियों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने जनपदवासियों को हरेला पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सभी लोग बढ़-चढ़कर वृक्षारोपण और प्रकृति संरक्षण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि हरेला उत्तराखंड की समृद्ध लोक परंपरा संस्कृति और रीति-रिवाजों का प्रतीक होने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का भी महत्वपूर्ण संदेश देता है। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद रुद्रप्रयाग में हरेला पर्व के अवसर पर 30 हजार से अधिक पौधारोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सरकारी और गैर-सरकारी संस्थाओं स्वयंसेवी संगठनों तथा आम नागरिकों की सक्रिय सहभागिता से इस लक्ष्य को पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि रोपित पौधों के संरक्षण और रखरखाव की जिम्मेदारी भी संबंधित विभागों द्वारा सुनिश्चित की जाएगी। इस अवसर पर वन संरक्षक एवं हरेला के नोडल अधिकारी डॉ.विनय भार्गव मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा उप प्रभागीय वनाधिकारी देवेंद्र पुंडीर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी स्कूली छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
